नरमे की फसल पर गुलाबी सूंडी का प्रकोप


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सिरसा। गुलाबी सूंडी के कारण बीते वर्ष किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा था। जिसके बाद इस वर्ष भी गुलाबी सूंडी का प्रकोप नरमे की फसल पर देखने को मिल रहा है। जिसके कारण किसान नरमे की फसल को नष्ट कर दोबारा से अन्य फसल की बिजाई करने को मजबूर हो रहे हैं।
जिले के डबवाली, बडागुढ़ा, डिंग, ओढ़ा, कालांवाली सहित अन्य क्षेत्रों में किसानों ने अभी से ही नरमे की फसल को नष्ट करने के बाद नई बिजाई करनी शुरू कर दी है। वहीं पाना गांव के किसान हरदीप सिंह, नरेश कुमार, सुरजीत सिंह, दलेर सिंह ने बताया कि नरमे की फसल में अब फाल लगना शुरू हो चुका है। लेकिन अभी से ही उसमें गुलाबी सूंडी देखने को मिल रही है जोकि नरमे के फाल को अंदर से खत्म कर रही है। ऐसे में भविष्य में यह तेजी से फैलेगी। जिससे उनको दोबारा से इसका नुकसान उठाना पड़ेगा। ऐसे में वह पहले से ही नरमे को नष्ट करने के बाद वहां दोबारा से ग्वार की बिजाई करने को मजबूर हो रहे हैं।
पांच से दस हजार खर्च करने के बाद करना पड़ रहा है नरमा नष्ट
वहीं किसान हरदीप सिंह ने बताया कि उसने दो एकड़ नरमे की बिजाई की थी। जिस पर करीब 20 हजार का अब तक खर्च आ चुका है। पैदावार होने से पहले ही नरमे में गुलाबी सूंडी आ गई है। जिसके कारण उसे नरमे को नष्ट करना पड़ा और वहां पर दोबारा से नरमे की जगह पर ग्वार की बिजाई करनी पड़ रही है। जिस कारण उसे आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ा है।
जिले में दो लाख 8 हजार हेक्टेयर में हुई है इस वर्ष नरमे की बिजाई
जिले में काफी क्षेत्र में नरमे की बिजाई होती है। कृषि विभाग के आंकड़ों अनुसार इस वर्ष जिले में लगभग दो लाख हेक्टेयर नरमे की फसल की बिजाई हुई है। लेकिन अभी से ही किसान नरमे की फसल को नष्ट करना शुरू कर चुके है। वहीं किसानों का कहना है अगर गुलाबी सूंडी की स्थिति का कोई समाधान नहीं निकलता तो उन्हें मजबूर होकर अन्य स्थानों के नरमे को भी नष्ट करना पड़ेगा। किसानों ने बताया कि बीते वर्ष भी नरमे की फसल खराब होने के कारण उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ा था। अगर इस वर्ष भी समय रहते फसल में बदलाव नहीं किया गया तो उन्हें फिर से परेशान होना पड़ सकता है।
वर्जन
गुलाबी सूंडी से बचाव के लिए कृषि विभाग की टीमें फील्ड में उतरी हुई है। किसानों को संबंधित स्प्रे के बारे में जानकारी दी जा रही है।
-डॉ. बाबूलाल, कृषि उपनिदेशक, सिरसा।

सिरसा। गुलाबी सूंडी के कारण बीते वर्ष किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा था। जिसके बाद इस वर्ष भी गुलाबी सूंडी का प्रकोप नरमे की फसल पर देखने को मिल रहा है। जिसके कारण किसान नरमे की फसल को नष्ट कर दोबारा से अन्य फसल की बिजाई करने को मजबूर हो रहे हैं।

जिले के डबवाली, बडागुढ़ा, डिंग, ओढ़ा, कालांवाली सहित अन्य क्षेत्रों में किसानों ने अभी से ही नरमे की फसल को नष्ट करने के बाद नई बिजाई करनी शुरू कर दी है। वहीं पाना गांव के किसान हरदीप सिंह, नरेश कुमार, सुरजीत सिंह, दलेर सिंह ने बताया कि नरमे की फसल में अब फाल लगना शुरू हो चुका है। लेकिन अभी से ही उसमें गुलाबी सूंडी देखने को मिल रही है जोकि नरमे के फाल को अंदर से खत्म कर रही है। ऐसे में भविष्य में यह तेजी से फैलेगी। जिससे उनको दोबारा से इसका नुकसान उठाना पड़ेगा। ऐसे में वह पहले से ही नरमे को नष्ट करने के बाद वहां दोबारा से ग्वार की बिजाई करने को मजबूर हो रहे हैं।

पांच से दस हजार खर्च करने के बाद करना पड़ रहा है नरमा नष्ट

वहीं किसान हरदीप सिंह ने बताया कि उसने दो एकड़ नरमे की बिजाई की थी। जिस पर करीब 20 हजार का अब तक खर्च आ चुका है। पैदावार होने से पहले ही नरमे में गुलाबी सूंडी आ गई है। जिसके कारण उसे नरमे को नष्ट करना पड़ा और वहां पर दोबारा से नरमे की जगह पर ग्वार की बिजाई करनी पड़ रही है। जिस कारण उसे आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ा है।

जिले में दो लाख 8 हजार हेक्टेयर में हुई है इस वर्ष नरमे की बिजाई

जिले में काफी क्षेत्र में नरमे की बिजाई होती है। कृषि विभाग के आंकड़ों अनुसार इस वर्ष जिले में लगभग दो लाख हेक्टेयर नरमे की फसल की बिजाई हुई है। लेकिन अभी से ही किसान नरमे की फसल को नष्ट करना शुरू कर चुके है। वहीं किसानों का कहना है अगर गुलाबी सूंडी की स्थिति का कोई समाधान नहीं निकलता तो उन्हें मजबूर होकर अन्य स्थानों के नरमे को भी नष्ट करना पड़ेगा। किसानों ने बताया कि बीते वर्ष भी नरमे की फसल खराब होने के कारण उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ा था। अगर इस वर्ष भी समय रहते फसल में बदलाव नहीं किया गया तो उन्हें फिर से परेशान होना पड़ सकता है।

वर्जन

गुलाबी सूंडी से बचाव के लिए कृषि विभाग की टीमें फील्ड में उतरी हुई है। किसानों को संबंधित स्प्रे के बारे में जानकारी दी जा रही है।

-डॉ. बाबूलाल, कृषि उपनिदेशक, सिरसा।

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Written by Haryanacircle

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