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दुष्कर्म के आरोप से कोर्ट ने किया मुक्त, युवक बोला: अब मैं कहा जाऊं, मेरी तो जिंदगी बर्बाद हो गई


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पानीपत। असंध रोड स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती एक युवती ने अस्पताल में ही नौकरी करने वाले सौंधापुर निवासी मंजीत और उसके साथी सुनील कुमार पर दुष्कर्म के आरोप लगाए थे। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. गगनदीप मित्तल की फास्ट ट्रैक कोर्ट ने साक्ष्य के अभाव में दोनों को बरी कर दिया। कोर्ट ने शिकायत करने वाली युवती और उसके परिजनों के खिलाफ सीजेएम को 193 के तहत कार्रवाई का निर्देश दिया है।
अदालत ने कोई ठोस सबूत और गवाह न मिलने पर यह फैसला सुनाया है। मंजीत का कहना है कि युवती के झूठे आरोपों ने उसकी जिंदगी बर्बाद कर दी। मगर उन्हें न्यायपालिका पर भरोसा था और आज सच की जीत हुई है।
गौरतलब है कि मॉडल टाउन थाना पुलिस को एक व्यक्ति ने 27 जनवरी 2021 को दी शिकायत में बताया था कि उसकी बेटी 25 जनवरी को असंध रोड स्थित एक निजी अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती हुई थी। आरोप था कि रात को अस्पताल में काम करने वाले सौंधापुर निवासी मंजीत और सुनील ने उसकी बेटी के साथ दुष्कर्म किया। शिकायत पर पुलिस ने दोनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की और मंजीत को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। अब न्यायाधीश डॉ. गगनदीप मित्तल की अदालत ने सभी आरोपों से मंजीत को बरी कर दिया।

पानीपत। असंध रोड स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती एक युवती ने अस्पताल में ही नौकरी करने वाले सौंधापुर निवासी मंजीत और उसके साथी सुनील कुमार पर दुष्कर्म के आरोप लगाए थे। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. गगनदीप मित्तल की फास्ट ट्रैक कोर्ट ने साक्ष्य के अभाव में दोनों को बरी कर दिया। कोर्ट ने शिकायत करने वाली युवती और उसके परिजनों के खिलाफ सीजेएम को 193 के तहत कार्रवाई का निर्देश दिया है।

अदालत ने कोई ठोस सबूत और गवाह न मिलने पर यह फैसला सुनाया है। मंजीत का कहना है कि युवती के झूठे आरोपों ने उसकी जिंदगी बर्बाद कर दी। मगर उन्हें न्यायपालिका पर भरोसा था और आज सच की जीत हुई है।

गौरतलब है कि मॉडल टाउन थाना पुलिस को एक व्यक्ति ने 27 जनवरी 2021 को दी शिकायत में बताया था कि उसकी बेटी 25 जनवरी को असंध रोड स्थित एक निजी अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती हुई थी। आरोप था कि रात को अस्पताल में काम करने वाले सौंधापुर निवासी मंजीत और सुनील ने उसकी बेटी के साथ दुष्कर्म किया। शिकायत पर पुलिस ने दोनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की और मंजीत को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। अब न्यायाधीश डॉ. गगनदीप मित्तल की अदालत ने सभी आरोपों से मंजीत को बरी कर दिया।

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