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दिल्ली पुलिस के हवलदार ने युवक को घर से बुलाकर बेरहमी से पीटा


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इसराना। गांव चमराड़ा में दिल्ली पुलिस के हवलदार ने अपने साथी के साथ मिलकर गांव के ही एक युवक का अपहरण किया। उसे समालखा में एक ढाबे पर ले जाकर लाठी-डंडों से पीटकर घायल कर दिया। अधमरे हाल में वहीं फेंक कर आरोपी फरार हो गए। ढाबा संचालक ने इसकी सूचना घायल के परिजनों को दी। मौके पर पहुंचे परिजन उसे सिविल अस्पताल ले गए, जहां से उसे खानपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। इस समय वह उपचाराधीन है। घायल की मां के बयान पर आरोपी हवलदार और उसके साथी के खिलाफ पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है।
गांव चमराड़ा निवासी ओमपति देवी ने बताया कि पांच जून को उसका बेटा धर्मेंद्र घर पर ही था। रात करीब 12 बजे घर के बाहर एक काली स्कॉर्पियो में जयवीर और अजय आए। अजय दिल्ली पुलिस में हवलदार है। अजय की ड्यूटी संसद भवन में है। दोनों घर से धर्मेंद्र को साथ ले गए। धर्मेेंद्र जाने से इनकार करता रहा लेकिन अजय उसे भरोसा दिलाकर जबरदस्ती ले गया। रात करीब 2:30 बजे समालखा बालाजी ढाबे से धर्मेंद्र के फोन से परिजनों के पास फोन आया, जिसमें बताया गया कि धर्मेंद्र के दोनों साथियों ने इसको बुरी तरह पीटा है। वह चलने फिरने की हालत में नहीं है। सूचना मिलते ही परिजन वहां पहुंचे और देखा कि धर्मेंद्र की हालत खराब थी। परिजनों का आरोप है कि हवलदार ने उसको फुसलाकर पहले उसका अपहरण किया फिर वारदात को अंजाम दिया।

इसराना। गांव चमराड़ा में दिल्ली पुलिस के हवलदार ने अपने साथी के साथ मिलकर गांव के ही एक युवक का अपहरण किया। उसे समालखा में एक ढाबे पर ले जाकर लाठी-डंडों से पीटकर घायल कर दिया। अधमरे हाल में वहीं फेंक कर आरोपी फरार हो गए। ढाबा संचालक ने इसकी सूचना घायल के परिजनों को दी। मौके पर पहुंचे परिजन उसे सिविल अस्पताल ले गए, जहां से उसे खानपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। इस समय वह उपचाराधीन है। घायल की मां के बयान पर आरोपी हवलदार और उसके साथी के खिलाफ पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है।

गांव चमराड़ा निवासी ओमपति देवी ने बताया कि पांच जून को उसका बेटा धर्मेंद्र घर पर ही था। रात करीब 12 बजे घर के बाहर एक काली स्कॉर्पियो में जयवीर और अजय आए। अजय दिल्ली पुलिस में हवलदार है। अजय की ड्यूटी संसद भवन में है। दोनों घर से धर्मेंद्र को साथ ले गए। धर्मेेंद्र जाने से इनकार करता रहा लेकिन अजय उसे भरोसा दिलाकर जबरदस्ती ले गया। रात करीब 2:30 बजे समालखा बालाजी ढाबे से धर्मेंद्र के फोन से परिजनों के पास फोन आया, जिसमें बताया गया कि धर्मेंद्र के दोनों साथियों ने इसको बुरी तरह पीटा है। वह चलने फिरने की हालत में नहीं है। सूचना मिलते ही परिजन वहां पहुंचे और देखा कि धर्मेंद्र की हालत खराब थी। परिजनों का आरोप है कि हवलदार ने उसको फुसलाकर पहले उसका अपहरण किया फिर वारदात को अंजाम दिया।

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