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थाने से आरोपी महिला हेड कांस्टेबल फरार


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कैथल। विजिलेंस की टीम ने मंगलवार रात थाना सिविल लाइन में दबिश देकर रिश्वत मांगने की आरोपी महिला हेड कांस्टेबल (एचसी) को गिरफ्तार करने का प्रयास किया। मामले की भनक लगने पर महिला कांस्टेबल थाने से फरार हो गई। विजिलेंस ने उसके खिलाफ भ्रष्टाचार उन्मूलन अधिनियम के तहत केस दर्ज किया है।
विजिलेंस जिला प्रभारी सुरेश के अनुसार 15 मई को थाना सिविल लाइन में महिला निर्मला की शिकायत पर पुलिस ने उसी के परिवार के तीन सदस्यों के खिलाफ केस दर्ज किया था। इस मामले की जांच हेड कांस्टेबल महेंद्रो देवी कर रही है। मामले में रामपाल ने विजिलेंस को शिकायत दी थी। उसने बताया था कि जांच अधिकारी हेड कांस्टेबल महेंद्रो देवी उसके बेटे विशाल का एफआईआर से नाम निकालने के लिए दस हजार रुपये की मांग कर रही हैं।
उसके पास पैसे देने के लिए नहीं हैं। इस पर उसने इस संबंध में विजिलेंस में शिकायत दी। इस शिकायत के बाद विजिलेंस ने डीसी से ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त करवाकर मंगलवार रात थाना सिविल लाइन में दबिश दी। वहां महेंद्रो देवी नहीं मिली। करीब दो घंटे तक विजिलेंस टीम थाने में ही रहकर इंतजार करती रही। लेकिन एचसी महेंद्रो देवी नहीं आई।
ये था मामला
घटनाक्रम के अनुसार 15 मई को जनकपुरी कालोनी निवासी निर्मला ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई थी कि उसके पास चार लड़की और एक लड़का है। उसके पति का भाई रामपाल उनके पास ही रहता है। उसकी 19 वर्षीय लड़की साक्षी घूमने के लिए गई थी। वहां रामपाल के बेटे विशाल ने उसके साथ गाली गलौच कर मारपीट की। अगली सुबह वहकहीं जाने की तैयारी में थी कि अचानक रामपाल के पुत्र अनुराग ने उन्हें गालियां देनी शुरू कर दी। उसने रोका तो रामपाल की पत्नी आशा, बेटे अनुराग व विशाल ने उसके साथ मारपीट की। पुलिस ने इस मामले में तीनों आरोपियों के खिलाफ मारपीट करने व जान से मारने की धमकी देने के आरोप में केस दर्ज किया था।

कैथल। विजिलेंस की टीम ने मंगलवार रात थाना सिविल लाइन में दबिश देकर रिश्वत मांगने की आरोपी महिला हेड कांस्टेबल (एचसी) को गिरफ्तार करने का प्रयास किया। मामले की भनक लगने पर महिला कांस्टेबल थाने से फरार हो गई। विजिलेंस ने उसके खिलाफ भ्रष्टाचार उन्मूलन अधिनियम के तहत केस दर्ज किया है।

विजिलेंस जिला प्रभारी सुरेश के अनुसार 15 मई को थाना सिविल लाइन में महिला निर्मला की शिकायत पर पुलिस ने उसी के परिवार के तीन सदस्यों के खिलाफ केस दर्ज किया था। इस मामले की जांच हेड कांस्टेबल महेंद्रो देवी कर रही है। मामले में रामपाल ने विजिलेंस को शिकायत दी थी। उसने बताया था कि जांच अधिकारी हेड कांस्टेबल महेंद्रो देवी उसके बेटे विशाल का एफआईआर से नाम निकालने के लिए दस हजार रुपये की मांग कर रही हैं।

उसके पास पैसे देने के लिए नहीं हैं। इस पर उसने इस संबंध में विजिलेंस में शिकायत दी। इस शिकायत के बाद विजिलेंस ने डीसी से ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त करवाकर मंगलवार रात थाना सिविल लाइन में दबिश दी। वहां महेंद्रो देवी नहीं मिली। करीब दो घंटे तक विजिलेंस टीम थाने में ही रहकर इंतजार करती रही। लेकिन एचसी महेंद्रो देवी नहीं आई।

ये था मामला

घटनाक्रम के अनुसार 15 मई को जनकपुरी कालोनी निवासी निर्मला ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई थी कि उसके पास चार लड़की और एक लड़का है। उसके पति का भाई रामपाल उनके पास ही रहता है। उसकी 19 वर्षीय लड़की साक्षी घूमने के लिए गई थी। वहां रामपाल के बेटे विशाल ने उसके साथ गाली गलौच कर मारपीट की। अगली सुबह वहकहीं जाने की तैयारी में थी कि अचानक रामपाल के पुत्र अनुराग ने उन्हें गालियां देनी शुरू कर दी। उसने रोका तो रामपाल की पत्नी आशा, बेटे अनुराग व विशाल ने उसके साथ मारपीट की। पुलिस ने इस मामले में तीनों आरोपियों के खिलाफ मारपीट करने व जान से मारने की धमकी देने के आरोप में केस दर्ज किया था।

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