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तपती गर्मी में प्रचार पथ पर पसीना बहा रहे उम्मीदवार


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फतेहाबाद/टोहाना। जिले के शहरों में सियासी पारा उफान पर है। 44 डिग्री से भी ज्यादा तापमान में चुनाव प्रचार में उतरे उम्मीदवारों को गर्मी ने बेहाल कर दिया है। नामांकन प्रक्रिया पूरे होने के बाद रविवार से प्रचार अभियान ने जोर पकड़ा है। प्रमुख दलों से जुड़े उम्मीदवार जहां जनसभाएं करके जोर दिखाने में लगे हैं, वहीं निर्दलीयों ने डोर-टू-डोर संपर्क साधना शुरू कर दिया है। कुछ निर्दलीय प्रत्याशी तो दो बार संपर्क अभियान पूरा कर चुके हैं।
रविवार को टोहाना में कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार अनिल गोयल मिंटू ने जनसभा करके शक्ति प्रदर्शन किया, वहीं रतिया में इनेलो पार्टी ने निर्दलीय को समर्थन देकर अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई। बता दें कि सत्ताधारी दल भाजपा से लेकर इनेलो व निर्दलीयों की ओर से दिनभर बैठकों का दौर चलता रहा। भाजपा प्रत्याशी राजेंद्र खिंची जहां पार्टी में नाराज चल रहे कार्यकर्ताओं को मनाने में जुटे रहे, वहीं इनेलो प्रत्याशी संकल्प कायत के समर्थन में भी पार्टी की बैठकें होती रही। इसी तरह आम आदमी पार्टी भी चुनाव में अपनी मौजूदगी दर्ज करवाने के लिए वोटों की संख्या बढ़ाने के प्रयास करती रही।
कोई पार्टी तो कोई नेता के नाम पर मांग रहा वोट
चुनाव प्रचार के दौरान भी अलग-अलग रंग देखने को मिल रहे हैं। कोई प्रत्याशी पार्टी के नाम पर वोट मांग रहा है, तो कोई नेता के नाम पर। खासकर, राजनीतिक दलों के प्रत्याशियों के पास पार्टी के नाम पर ही वोट मांगने का विकल्प है। मगर कई तेज-तर्रार निर्दलीय प्रत्याशी शहर को लेकर खुद के एजेंडों पर वोट मांगते नजर आ रहे हैं।
निकाय चुनाव में भी दिखा रहे दिल्ली और पंजाब का मॉडल
आम आदमी पार्टी के नेता निकाय चुनाव में भी दिल्ली और पंजाब मॉडल को जनता के सामने रख रहे हैं। जनता को अरविंद केजरीवाल की नीतियां बताई जा रही है। केजरीवाल द्वारा दिल्ली में करवाई गए कार्यों को गिनवाकर फतेहाबाद के मतदाताओं को लुभाने की कोशिश हो रही है। आप पार्टी ने कुछ दिन पहले ही पार्टी में शामिल हुए सुभाष धानिया को प्रत्याशी बनाया है।
पहली बार प्रत्यक्ष चुनाव, इसलिए जोर ज्यादा लगाना पड़ रहा
जिले में पहली बार निकाय चुनाव प्रत्यक्ष रूप से होंगे। जनता सीधे तौर पर चेयरमैन व चेयरपर्सन चुन पाएगी। इसलिए प्रत्याशियों को जोर भी ज्यादा लगाना पड़ रहा है। पहले सिर्फ एक वार्ड को ही जितना होता था, लेकिन इस बार पूरे शहर के मतदाताओं को रिझाना पड़ेगा।
नेताओं की साख भी लगी दांव पर
इस निकाय चुनाव में जिले के प्रमुख नेताओं की साख भी दांव पर लगी हुई है। टोहाना में जजपा उम्मीदवार को जिताने के लिए कैबिनेट मंत्री देवेंद्र बबली व जजपा प्रदेशाध्यक्ष निशान सिंह पर दबाव रहेगा। इसी तरह फतेहाबाद में भाजपा प्रत्याशी को टिकट दिलाने में सबसे अधिक पैरवी करने वाले विधायक दुड़ाराम पर जीत सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी रहेगी। वहीं, रतिया में भाजपा ने ही अंजू जग्गा को उम्मीदवार बनाया है, जिसको जिताने के लिए विधायक लक्ष्मण नापा व जिलाध्यक्ष बलदेव ग्रोहा की अगुवाई रहेगी।
जिले में मतदाताओं की संख्या
फतेहाबाद नगर परिषद : 58,800
टोहाना नगर परिषद : 47,173
रतिया नगरपालिका : 26,636
भूना नगरपालिका : 20,320

फतेहाबाद शहर में जनसंपर्क करते इनेलो प्रत्याशी संकल्प कायत।

फतेहाबाद शहर में जनसंपर्क करते इनेलो प्रत्याशी संकल्प कायत।– फोटो : Fatehabad

फतेहाबाद/टोहाना। जिले के शहरों में सियासी पारा उफान पर है। 44 डिग्री से भी ज्यादा तापमान में चुनाव प्रचार में उतरे उम्मीदवारों को गर्मी ने बेहाल कर दिया है। नामांकन प्रक्रिया पूरे होने के बाद रविवार से प्रचार अभियान ने जोर पकड़ा है। प्रमुख दलों से जुड़े उम्मीदवार जहां जनसभाएं करके जोर दिखाने में लगे हैं, वहीं निर्दलीयों ने डोर-टू-डोर संपर्क साधना शुरू कर दिया है। कुछ निर्दलीय प्रत्याशी तो दो बार संपर्क अभियान पूरा कर चुके हैं।

रविवार को टोहाना में कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार अनिल गोयल मिंटू ने जनसभा करके शक्ति प्रदर्शन किया, वहीं रतिया में इनेलो पार्टी ने निर्दलीय को समर्थन देकर अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई। बता दें कि सत्ताधारी दल भाजपा से लेकर इनेलो व निर्दलीयों की ओर से दिनभर बैठकों का दौर चलता रहा। भाजपा प्रत्याशी राजेंद्र खिंची जहां पार्टी में नाराज चल रहे कार्यकर्ताओं को मनाने में जुटे रहे, वहीं इनेलो प्रत्याशी संकल्प कायत के समर्थन में भी पार्टी की बैठकें होती रही। इसी तरह आम आदमी पार्टी भी चुनाव में अपनी मौजूदगी दर्ज करवाने के लिए वोटों की संख्या बढ़ाने के प्रयास करती रही।

कोई पार्टी तो कोई नेता के नाम पर मांग रहा वोट

चुनाव प्रचार के दौरान भी अलग-अलग रंग देखने को मिल रहे हैं। कोई प्रत्याशी पार्टी के नाम पर वोट मांग रहा है, तो कोई नेता के नाम पर। खासकर, राजनीतिक दलों के प्रत्याशियों के पास पार्टी के नाम पर ही वोट मांगने का विकल्प है। मगर कई तेज-तर्रार निर्दलीय प्रत्याशी शहर को लेकर खुद के एजेंडों पर वोट मांगते नजर आ रहे हैं।

निकाय चुनाव में भी दिखा रहे दिल्ली और पंजाब का मॉडल

आम आदमी पार्टी के नेता निकाय चुनाव में भी दिल्ली और पंजाब मॉडल को जनता के सामने रख रहे हैं। जनता को अरविंद केजरीवाल की नीतियां बताई जा रही है। केजरीवाल द्वारा दिल्ली में करवाई गए कार्यों को गिनवाकर फतेहाबाद के मतदाताओं को लुभाने की कोशिश हो रही है। आप पार्टी ने कुछ दिन पहले ही पार्टी में शामिल हुए सुभाष धानिया को प्रत्याशी बनाया है।

पहली बार प्रत्यक्ष चुनाव, इसलिए जोर ज्यादा लगाना पड़ रहा

जिले में पहली बार निकाय चुनाव प्रत्यक्ष रूप से होंगे। जनता सीधे तौर पर चेयरमैन व चेयरपर्सन चुन पाएगी। इसलिए प्रत्याशियों को जोर भी ज्यादा लगाना पड़ रहा है। पहले सिर्फ एक वार्ड को ही जितना होता था, लेकिन इस बार पूरे शहर के मतदाताओं को रिझाना पड़ेगा।

नेताओं की साख भी लगी दांव पर

इस निकाय चुनाव में जिले के प्रमुख नेताओं की साख भी दांव पर लगी हुई है। टोहाना में जजपा उम्मीदवार को जिताने के लिए कैबिनेट मंत्री देवेंद्र बबली व जजपा प्रदेशाध्यक्ष निशान सिंह पर दबाव रहेगा। इसी तरह फतेहाबाद में भाजपा प्रत्याशी को टिकट दिलाने में सबसे अधिक पैरवी करने वाले विधायक दुड़ाराम पर जीत सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी रहेगी। वहीं, रतिया में भाजपा ने ही अंजू जग्गा को उम्मीदवार बनाया है, जिसको जिताने के लिए विधायक लक्ष्मण नापा व जिलाध्यक्ष बलदेव ग्रोहा की अगुवाई रहेगी।

जिले में मतदाताओं की संख्या

फतेहाबाद नगर परिषद : 58,800

टोहाना नगर परिषद : 47,173

रतिया नगरपालिका : 26,636

भूना नगरपालिका : 20,320

फतेहाबाद शहर में जनसंपर्क करते इनेलो प्रत्याशी संकल्प कायत।

फतेहाबाद शहर में जनसंपर्क करते इनेलो प्रत्याशी संकल्प कायत।– फोटो : Fatehabad

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