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ट्रांसफार्मर खराब, एक सप्ताह से आधे गांव में बत्ती गुल


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नारनौल। गांव रघुनाथपुरा में पिछले एक सप्ताह से बिजली का ट्रांसफार्मर खराब होने से आधे गांव में बिजली आपूर्ति नहीं हो रही है। ऐसे में गर्मी में लोग हवा और पानी के लिए तरस गए हैं। बिजली आपूर्ति बाधित होने से अब ग्रामीणों के सामने पेयजल संकट पैदा हो गया है। गांव के निवर्तमान सरपंच निगम के एसडीओ को खराब ट्रांसफार्मर के बारे में कई बार अवगत करवा चुके हैं, लेकिन निगम के अधिकारी ग्रामीणों की समस्या की तरफ कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं।
निवर्तमान सरपंच कर्मवीर ने बताया कि 26 मई को ट्रांसफार्मर जलने से आधे गांव की बिजली गुल हो गई थी। जिसकी सूचना निगम के एसडीओ को दी गई। ट्रांसफार्मर जलने की सूचना देने के बाद निगम के कर्मचारी पांच दिन बाद दूसरा ट्रांसफार्मर लगाने पहुंचे। ट्रांसफार्मर खंभे पर रखते समय नीचे जमीन पर गिर गया। जमीन पर गिरने से ट्रांसफार्मर लगाने से पहले ही खराब हो गया। इसके बाद निगम के कर्मचारी दोनों खराब ट्रांसफार्मर ले गए। लोगों द्वारा निगम के अधिकारियों व कर्मचारियों को नया ट्रांसफार्मर लगाने को लेकर बार-बार अवगत करवाते रहें, लेकिन निगम के अधिकारी ग्रामीणों को नया ट्रांसफार्मर लगाने का झूठा आश्वासन देते रहे। एक जून को निगम के कर्मचारी दोबारा मरम्मत के बाद ट्रांसफार्मर लेकर पहुंचे जो एक घंटे बाद ही खराब हो गया। आज ट्रांसफार्मर को खराब हुए एक सप्ताह से ज्यादा समय बीत गया। एक सप्ताह से बिजली नहीं आने से अब लोगों के सामने इस भयंकर गर्मी में जीना दूभर हो रहा है। पशुओं के लिए पीने के पानी की समस्या उत्पन्न हो गई है।
गांव रघुनाथपुरा में एक सप्ताह में 100 केवी के तीन ट्रांसफार्मर बदले जा चुके हैं। बिजली चोरी की वजह से बार-बार ट्रांसफार्मर खराब हो रहे हैं। इस ट्रांसफार्मर से 70 घरों का कनेक्शन हैं। ओवरलोड की वजह से बिजली ट्रांसफार्मर खराब हो रहे हैं। नया ट्रांसफार्मर लगाकर बिजली सप्लाई चालू कर दी गई है।- मुकेश गौड़, एसडीओ ग्रामीण बिजली निगम नारनौल।

नारनौल। गांव रघुनाथपुरा में पिछले एक सप्ताह से बिजली का ट्रांसफार्मर खराब होने से आधे गांव में बिजली आपूर्ति नहीं हो रही है। ऐसे में गर्मी में लोग हवा और पानी के लिए तरस गए हैं। बिजली आपूर्ति बाधित होने से अब ग्रामीणों के सामने पेयजल संकट पैदा हो गया है। गांव के निवर्तमान सरपंच निगम के एसडीओ को खराब ट्रांसफार्मर के बारे में कई बार अवगत करवा चुके हैं, लेकिन निगम के अधिकारी ग्रामीणों की समस्या की तरफ कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं।

निवर्तमान सरपंच कर्मवीर ने बताया कि 26 मई को ट्रांसफार्मर जलने से आधे गांव की बिजली गुल हो गई थी। जिसकी सूचना निगम के एसडीओ को दी गई। ट्रांसफार्मर जलने की सूचना देने के बाद निगम के कर्मचारी पांच दिन बाद दूसरा ट्रांसफार्मर लगाने पहुंचे। ट्रांसफार्मर खंभे पर रखते समय नीचे जमीन पर गिर गया। जमीन पर गिरने से ट्रांसफार्मर लगाने से पहले ही खराब हो गया। इसके बाद निगम के कर्मचारी दोनों खराब ट्रांसफार्मर ले गए। लोगों द्वारा निगम के अधिकारियों व कर्मचारियों को नया ट्रांसफार्मर लगाने को लेकर बार-बार अवगत करवाते रहें, लेकिन निगम के अधिकारी ग्रामीणों को नया ट्रांसफार्मर लगाने का झूठा आश्वासन देते रहे। एक जून को निगम के कर्मचारी दोबारा मरम्मत के बाद ट्रांसफार्मर लेकर पहुंचे जो एक घंटे बाद ही खराब हो गया। आज ट्रांसफार्मर को खराब हुए एक सप्ताह से ज्यादा समय बीत गया। एक सप्ताह से बिजली नहीं आने से अब लोगों के सामने इस भयंकर गर्मी में जीना दूभर हो रहा है। पशुओं के लिए पीने के पानी की समस्या उत्पन्न हो गई है।

गांव रघुनाथपुरा में एक सप्ताह में 100 केवी के तीन ट्रांसफार्मर बदले जा चुके हैं। बिजली चोरी की वजह से बार-बार ट्रांसफार्मर खराब हो रहे हैं। इस ट्रांसफार्मर से 70 घरों का कनेक्शन हैं। ओवरलोड की वजह से बिजली ट्रांसफार्मर खराब हो रहे हैं। नया ट्रांसफार्मर लगाकर बिजली सप्लाई चालू कर दी गई है।- मुकेश गौड़, एसडीओ ग्रामीण बिजली निगम नारनौल।

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