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झज्जर की 25 और रोहतक की 13 बसें सिरसा रोडवेज बेड़े में जल्द होगी शामिल


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सिरसा। रोडवेज बसों में सफर करने वाले यात्रियों के लिए राहत भरी खबर है। परिवहन विभाग की ओर से सिरसा रोडवेज बेड़े में 38 बसों को शामिल किया गया है। सभी बसों के एक सप्ताह के भीतर सिरसा डिपो में पहुंचने की उम्मीद है। मुख्यालय की ओर से झज्जर डिपो से 25 और रोहतक डिपो से 13 बसों को सिरसा में भेजा जाएगा। जिससे यात्रियों और विद्यार्थियों को इसका काफी लाभ मिल सकेगा।
सिरसा डिपो में शामिल होने वाली सभी बसें एनसीआर डिपो में अपनी 10 वर्ष की अवधि पूरी कर चुकी है। जिसके बाद इन बसों को मुख्यालय की ओर से नॉन एनसीआर डिपो में भेजा जा रहा है। बसों के सिरसा डिपो में पहुंचने के बाद उनकी समय अवधि और स्थिति के अनुसार इन्हें पांच वर्ष नॉन एनसीआर क्षेत्रों में चलाया जा सकता है। ऐसे में रोडवेज की ओर से लोकल रूटों पर बसों की संख्या को बढ़ाया जाएगा। बता दे कि रोडवेज बेड़े में पहले ही बसों की भारी कमी है। जिसके कारण यात्रियों को काफी समय तक बसों का इंतजार करना पड़ता है और सभी बसें पहले ही क्षमता से अधिक यात्रियों को लेकर एक जगह से दूसरी जगह पर रवाना होती है।
रोडवेज बेड़े में 206 बसों की होगी संख्या
सिरसा रोडवेज बेड़े में पहले कुल 168 बसें है। इनमें से 132 बसें सिरसा और 36 बसों का संचालन डबवाली सब डिपो से किया जा रहा है। जबकि सिरसा में 250 के करीब बसों की आवश्यकता है। ऐसे में सिरसा रोडवेज बेड़े में 38 बसों के आने के बाद यहां पर कुल 206 बसों की संख्या होगी। जिससे यात्रियों को काफी लाभ मिलेगी। रोडवेज में पहुंचने वाली नई बसों को सिरसा और डबवाली सब डिपो में भेजा जाएगा। हालांकि इन बसों का संचालन नॉन एनसीआर डिपो तक किया जा सकेगा। नॉन एनसीआर क्षेत्रों में 15 वर्ष तक डीजल वाहनों का संचालन करने की सरकार की ओर से अनुमति दी गई है।
लोकल रूटों पर रहती है बसों की कमी, यात्रियों को उठानी पड़ती है परेशानी
जिले के लोकल रूटों पर यात्रियों और विद्यार्थियों की संख्या अधिक है। इस कारण अन्य यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। बसों की कमी होने से यात्रियों और विद्यार्थियों को कई बार दरवाजों में लटक कर भी सफर करने को मजबूर होना पड़ता है। सिरसा से संगरिया, डिंग, ऐलनाबाद, कालांवाली, रानियां, डबवाली, सहित अन्य सभी रूटों पर यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। बसों की कमी होने के कारण यात्रियों को घंटों तक सिरसा के बस स्टैंड और गांवों के बस स्टैंड में बस का इंतजार करना पड़ता है।
परिचालकों के लिए भेजी जाएगी डिमांड
सिरसा डिपो में पहले 249 कंडक्टर और 281 ड्राइवर है। हालांकि रोडवेज के कई ड्राइवर अन्य सरकारी अधिकारियों की गाड़ियों का संचालन कर रहे है। ऐसे में अब रोडवेज की ओर से नए परिचालकों की मांग भी मुख्यालय को भेजी जाएगी। ताकि बसों के पहुंचने के बाद उनका रूटों पर संचालन किया जा सके।
एनसीआर डिपो में 10 वर्ष की अवधि पूरी कर चुकी बसों को मुख्यालय की ओर नॉन एनसीआर डिपो में भेजा जा रहा है। सिरसा डिपो में 38 बसें झज्जर और रोहतक डिपो से पहुंचेंगी। जिसके बाद इनका लोकल और अन्य रूटों पर संचालन किया जाएगा।
-केआर कौशल, रोडवेज महाप्रबंधक, सिरसा डिपो।

सिरसा। रोडवेज बसों में सफर करने वाले यात्रियों के लिए राहत भरी खबर है। परिवहन विभाग की ओर से सिरसा रोडवेज बेड़े में 38 बसों को शामिल किया गया है। सभी बसों के एक सप्ताह के भीतर सिरसा डिपो में पहुंचने की उम्मीद है। मुख्यालय की ओर से झज्जर डिपो से 25 और रोहतक डिपो से 13 बसों को सिरसा में भेजा जाएगा। जिससे यात्रियों और विद्यार्थियों को इसका काफी लाभ मिल सकेगा।

सिरसा डिपो में शामिल होने वाली सभी बसें एनसीआर डिपो में अपनी 10 वर्ष की अवधि पूरी कर चुकी है। जिसके बाद इन बसों को मुख्यालय की ओर से नॉन एनसीआर डिपो में भेजा जा रहा है। बसों के सिरसा डिपो में पहुंचने के बाद उनकी समय अवधि और स्थिति के अनुसार इन्हें पांच वर्ष नॉन एनसीआर क्षेत्रों में चलाया जा सकता है। ऐसे में रोडवेज की ओर से लोकल रूटों पर बसों की संख्या को बढ़ाया जाएगा। बता दे कि रोडवेज बेड़े में पहले ही बसों की भारी कमी है। जिसके कारण यात्रियों को काफी समय तक बसों का इंतजार करना पड़ता है और सभी बसें पहले ही क्षमता से अधिक यात्रियों को लेकर एक जगह से दूसरी जगह पर रवाना होती है।

रोडवेज बेड़े में 206 बसों की होगी संख्या

सिरसा रोडवेज बेड़े में पहले कुल 168 बसें है। इनमें से 132 बसें सिरसा और 36 बसों का संचालन डबवाली सब डिपो से किया जा रहा है। जबकि सिरसा में 250 के करीब बसों की आवश्यकता है। ऐसे में सिरसा रोडवेज बेड़े में 38 बसों के आने के बाद यहां पर कुल 206 बसों की संख्या होगी। जिससे यात्रियों को काफी लाभ मिलेगी। रोडवेज में पहुंचने वाली नई बसों को सिरसा और डबवाली सब डिपो में भेजा जाएगा। हालांकि इन बसों का संचालन नॉन एनसीआर डिपो तक किया जा सकेगा। नॉन एनसीआर क्षेत्रों में 15 वर्ष तक डीजल वाहनों का संचालन करने की सरकार की ओर से अनुमति दी गई है।

लोकल रूटों पर रहती है बसों की कमी, यात्रियों को उठानी पड़ती है परेशानी

जिले के लोकल रूटों पर यात्रियों और विद्यार्थियों की संख्या अधिक है। इस कारण अन्य यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। बसों की कमी होने से यात्रियों और विद्यार्थियों को कई बार दरवाजों में लटक कर भी सफर करने को मजबूर होना पड़ता है। सिरसा से संगरिया, डिंग, ऐलनाबाद, कालांवाली, रानियां, डबवाली, सहित अन्य सभी रूटों पर यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। बसों की कमी होने के कारण यात्रियों को घंटों तक सिरसा के बस स्टैंड और गांवों के बस स्टैंड में बस का इंतजार करना पड़ता है।

परिचालकों के लिए भेजी जाएगी डिमांड

सिरसा डिपो में पहले 249 कंडक्टर और 281 ड्राइवर है। हालांकि रोडवेज के कई ड्राइवर अन्य सरकारी अधिकारियों की गाड़ियों का संचालन कर रहे है। ऐसे में अब रोडवेज की ओर से नए परिचालकों की मांग भी मुख्यालय को भेजी जाएगी। ताकि बसों के पहुंचने के बाद उनका रूटों पर संचालन किया जा सके।

एनसीआर डिपो में 10 वर्ष की अवधि पूरी कर चुकी बसों को मुख्यालय की ओर नॉन एनसीआर डिपो में भेजा जा रहा है। सिरसा डिपो में 38 बसें झज्जर और रोहतक डिपो से पहुंचेंगी। जिसके बाद इनका लोकल और अन्य रूटों पर संचालन किया जाएगा।

-केआर कौशल, रोडवेज महाप्रबंधक, सिरसा डिपो।

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