जीत की घोषणा होते ही निर्दलीय उम्मीदवारों ने थामा बीजेपी का दामन


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पानीपत। नगर पालिका समालखा चुनाव में भले ही आजाद उम्मीदवारों ने अपनी जीत का परचम लहरा दिया हो, लेकिन इनमें तीन प्रत्याशी ऐसे भी निकले जो जीत के तुरंत बाद भाजपा में शामिल हो गए। इससे उन्होंने समालखा की जनता को भी झटका दे दिया। ये हाल तब है जब भाजपा ने 17 वार्डों में अपने 14 प्रत्याशी उतारे थे लेकिन इनमें से सिर्फ छह ही जीत पाए। अब भाजपा नेताओं का कहना है कि वे बाकी के भी विजेता पार्षदों को जल्द ही अपनी पार्टी में शामिल कर लेंगे। कुछ तो अपने आप आ गए हैं कुछ को बुला लिया जाएगा। कुल मिलाकर भाजपा का भगवा रंग चुनावी जीत के बाद निर्दलीय पार्षदों पर भी तुरंत प्रभाव से चढ़ना शुरू हो गया है।
समालखा के वार्ड नंबर चार के लोगों को सबसे बड़ा झटका तब लगा, जब उनके वार्ड से रेनू धीमान को निर्विरोध सिर्फ इसी शर्त पर चुना गया था कि वह भाजपा से टिकट लेकर चुनाव नहीं लड़ेंगी और न ही भाजपा का चुनाव प्रचार करेंगी। इसके बाद उनके सामने चुनाव में किसी ने नामांकन नहीं किया। इस पर रेनू को नामांकन के दिन ही पार्षद का प्रमाणपत्र दे दिया गया था, लेकिन बुधवार को मतगणना के दौरान रेनू धीमान भाजपा जिलाध्यक्ष के साथ मंच पर आईं, जिससे वार्ड चार के लोग सोचने पर मजबूर हो गए।
कुछ जीते भाजपा के टिकट पर और कुछ ने खुद को बताया भाजपाई
वार्ड नंबर-1 से संजय कुमार, वार्ड नंबर-2 से अमिता शर्मा, वार्ड नंबर-3 से हरिओम वशिष्ठ, वार्ड नंबर-12 से पीयूष मित्तल, वार्ड नंबर-16 से राजेश कुमार और वार्ड नंबर-17 से रुचि बंसल भाजपा के टिकट पर पार्षद का चुनाव जीते हैं। जबकि बाकी के सभी 11 वार्डों से आजाद उम्मीदवार जीते हैं। हैरानी की बात यह है कि 11 में से तीन पार्षद तो जीतने के बाद खुद को भाजपा का बताने लगे हैं। जीत के तुरंत बाद भाजपा में कूदने वालों में वार्ड नंबर-13 के अजय कुमार, वार्ड नंबर छह से नरेश कौशिक और वार्ड नंबर चार से रेनू धीमान का नाम सामने आया है।
आजाद लड़ा लेकिन हूं भाजपाई : नरेश कौशिक
वार्ड नंबर छह से आजाद उम्मीदवार चुनाव लड़ने और जीतने वाले नरेश कौशिक ने अपनी जीत के तुरंत बाद भाजपा का दामन थाम लिया। नरेेेश ने बताया कि उनके वार्ड से भाजपा की टिकट लेने वाले पांच दावेदार थे, जिनमें से किसी को भी टिकट नहीं दिया गया। इसके बाद वे आजाद चुनाव लड़े और जीते भी। उन्होंने कहा कि वे पहले भी भाजपाई थे, अब भी भाजपाई हैं।
जो भी विजयी उनको पार्टी में करेंगे शामिल
चुनाव में विजयी हुए सभी निर्दलीय 11 पार्षदों को भाजपा पार्टी में शामिल करवाया जाएगा। जीत के तुरंत बाद ही तीन पार्षद पार्टी में शामिल हो गए हैं।
– अर्चना गुप्ता, जिलाध्यक्ष, भाजपा

पानीपत। नगर पालिका समालखा चुनाव में भले ही आजाद उम्मीदवारों ने अपनी जीत का परचम लहरा दिया हो, लेकिन इनमें तीन प्रत्याशी ऐसे भी निकले जो जीत के तुरंत बाद भाजपा में शामिल हो गए। इससे उन्होंने समालखा की जनता को भी झटका दे दिया। ये हाल तब है जब भाजपा ने 17 वार्डों में अपने 14 प्रत्याशी उतारे थे लेकिन इनमें से सिर्फ छह ही जीत पाए। अब भाजपा नेताओं का कहना है कि वे बाकी के भी विजेता पार्षदों को जल्द ही अपनी पार्टी में शामिल कर लेंगे। कुछ तो अपने आप आ गए हैं कुछ को बुला लिया जाएगा। कुल मिलाकर भाजपा का भगवा रंग चुनावी जीत के बाद निर्दलीय पार्षदों पर भी तुरंत प्रभाव से चढ़ना शुरू हो गया है।

समालखा के वार्ड नंबर चार के लोगों को सबसे बड़ा झटका तब लगा, जब उनके वार्ड से रेनू धीमान को निर्विरोध सिर्फ इसी शर्त पर चुना गया था कि वह भाजपा से टिकट लेकर चुनाव नहीं लड़ेंगी और न ही भाजपा का चुनाव प्रचार करेंगी। इसके बाद उनके सामने चुनाव में किसी ने नामांकन नहीं किया। इस पर रेनू को नामांकन के दिन ही पार्षद का प्रमाणपत्र दे दिया गया था, लेकिन बुधवार को मतगणना के दौरान रेनू धीमान भाजपा जिलाध्यक्ष के साथ मंच पर आईं, जिससे वार्ड चार के लोग सोचने पर मजबूर हो गए।

कुछ जीते भाजपा के टिकट पर और कुछ ने खुद को बताया भाजपाई

वार्ड नंबर-1 से संजय कुमार, वार्ड नंबर-2 से अमिता शर्मा, वार्ड नंबर-3 से हरिओम वशिष्ठ, वार्ड नंबर-12 से पीयूष मित्तल, वार्ड नंबर-16 से राजेश कुमार और वार्ड नंबर-17 से रुचि बंसल भाजपा के टिकट पर पार्षद का चुनाव जीते हैं। जबकि बाकी के सभी 11 वार्डों से आजाद उम्मीदवार जीते हैं। हैरानी की बात यह है कि 11 में से तीन पार्षद तो जीतने के बाद खुद को भाजपा का बताने लगे हैं। जीत के तुरंत बाद भाजपा में कूदने वालों में वार्ड नंबर-13 के अजय कुमार, वार्ड नंबर छह से नरेश कौशिक और वार्ड नंबर चार से रेनू धीमान का नाम सामने आया है।

आजाद लड़ा लेकिन हूं भाजपाई : नरेश कौशिक

वार्ड नंबर छह से आजाद उम्मीदवार चुनाव लड़ने और जीतने वाले नरेश कौशिक ने अपनी जीत के तुरंत बाद भाजपा का दामन थाम लिया। नरेेेश ने बताया कि उनके वार्ड से भाजपा की टिकट लेने वाले पांच दावेदार थे, जिनमें से किसी को भी टिकट नहीं दिया गया। इसके बाद वे आजाद चुनाव लड़े और जीते भी। उन्होंने कहा कि वे पहले भी भाजपाई थे, अब भी भाजपाई हैं।

जो भी विजयी उनको पार्टी में करेंगे शामिल

चुनाव में विजयी हुए सभी निर्दलीय 11 पार्षदों को भाजपा पार्टी में शामिल करवाया जाएगा। जीत के तुरंत बाद ही तीन पार्षद पार्टी में शामिल हो गए हैं।

– अर्चना गुप्ता, जिलाध्यक्ष, भाजपा

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Written by Haryanacircle

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