जिले के 10 स्कूलों की पहली कक्षा में दाखिला शून्य


ख़बर सुनें

कैथल। नए शैक्षणिक सत्र को शुरू हुए करीब तीन महीने का समय बीत चुका है, लेकिन जिले के 10 प्राथमिक स्कूल ऐसे हैं, जहां एक भी नए बच्चे ने पहली कक्षा में दाखिला नहीं लिया है। दरअसल, विभाग तभी दाखिला कंफर्म मान रहा है, जब विद्यार्थी की पूरी डिटेल एमआईएस पोर्टल पर अपलोड हो जाए। जून की छुट्टियों के दौरान भी स्कूलों में दाखिला प्रक्रिया जारी है लेकिन नतीजा सिफर है।
विभाग के अधिकारियों को एक-एक विद्यार्थी को ढूंढने में कड़ी मेहनत करनी पड़ रही है, लेकिन बच्चे ढूंढे नहीं मिल रहे हैं। इनमें से पांच स्कूल तो ऐसे हैं, जहां बच्चों को तलाशने वाली शिक्षकों की टीमों ने भी हाथ खड़े कर दिए हैं कि स्कूल के साथ लगते क्षेत्र में कोई बच्चा प्राथमिक कक्षा के लिए उपलब्ध नहीं है। गौरतलब है कि जिले में इस समय 370 राजकीय प्राथमिक स्कूल हैं। अप्रैल माह में जब नया सत्र शुरू हुआ तो जिले में 70 ऐसे स्कूल पाए गए, जहां प्रथम कक्षा में एक भी विद्यार्थी दाखिले के लिए नहीं पहुंचा। ऐसे में विभाग की ओर से जिला अधिकारियों को निर्देश जारी किए गए कि संबंधित स्कूलों में विद्यार्थियों का दाखिला करवाएं, लेकिन शत-प्रतिशत स्कूलों में दाखिले के लक्ष्य तक विभाग अब भी नहीं पहुंच पाया है।
शिक्षा विभाग के आंकड़ों के अनुसार, इस समय 360 स्कूलों में पहली कक्षा में करीब 4400 विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। दस ऐसे स्कूल, जहां एक भी बच्चे का दाखिला नहीं हुआ है, उनमें औसतन 10 बच्चों का दाखिला हो जाए, तब जाकर आंकड़ा 4500 के नजदीक पहुंचेगा। तभी विभाग अपने लक्ष्य तक पहुंच पाएगा। दूसरी ओर जिला शिक्षा अधिकारी शमशेर सिंह सिरोही का कहना कि ज्यादातर स्कूलों में विद्यार्थियों के दाखिले हो चुके हैं, केवल पोर्टल पर डिटेल अपलोड नहीं हो पाई है। अभी छुट्टियां चल रही हैं। बच्चे स्कूल पहुंचेंगे तो पूरी पूरी साफ होगी। फिर भी किसी स्कूल में बच्चा दाखिल नहीं हुआ है तो इसके बारे में संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे जल्द से जल्द बच्चों का दाखिला करवाकर उसे पोर्टल पर पंजीकृत करवाएं।
इनमें नए दाखिले हैं शून्य
राजकीय प्राथमिक पाठशाला अहमदपुर, चाणचक, मंझहेड़ी, गढ़ी-पाड़ला व उझाणा, राजकीय प्राथमिक पाठशाला डेरा फरल, कालू वाली गामड़ी, डेरा गुरदासपुर, गोबिंदपुरा व अगोंध के प्राथमिक पाठशाला में अभी तक एक भी बच्चे ने दाखिला नहीं लिया है। पोर्टल पर इनमें नए बच्चों के दाखिले की संख्या शून्य है।
परिवार पहचान पत्र कारण
बच्चों के दाखिले न होने के लिए परिवार पहचान पत्र अहम जिम्मेदार माना जा रहा है। जो नए विद्यार्थी प्रथम कक्षा में दाखिला लेते हैं, विभाग को उनकी डिटेल एमआईएस पोर्टल पर अपलोड करनी होती है। पोर्टल पर सूचना तभी अपलोड होगी, जब परिवार पहचान पत्र की जानकारी सही हो।

कैथल। नए शैक्षणिक सत्र को शुरू हुए करीब तीन महीने का समय बीत चुका है, लेकिन जिले के 10 प्राथमिक स्कूल ऐसे हैं, जहां एक भी नए बच्चे ने पहली कक्षा में दाखिला नहीं लिया है। दरअसल, विभाग तभी दाखिला कंफर्म मान रहा है, जब विद्यार्थी की पूरी डिटेल एमआईएस पोर्टल पर अपलोड हो जाए। जून की छुट्टियों के दौरान भी स्कूलों में दाखिला प्रक्रिया जारी है लेकिन नतीजा सिफर है।

विभाग के अधिकारियों को एक-एक विद्यार्थी को ढूंढने में कड़ी मेहनत करनी पड़ रही है, लेकिन बच्चे ढूंढे नहीं मिल रहे हैं। इनमें से पांच स्कूल तो ऐसे हैं, जहां बच्चों को तलाशने वाली शिक्षकों की टीमों ने भी हाथ खड़े कर दिए हैं कि स्कूल के साथ लगते क्षेत्र में कोई बच्चा प्राथमिक कक्षा के लिए उपलब्ध नहीं है। गौरतलब है कि जिले में इस समय 370 राजकीय प्राथमिक स्कूल हैं। अप्रैल माह में जब नया सत्र शुरू हुआ तो जिले में 70 ऐसे स्कूल पाए गए, जहां प्रथम कक्षा में एक भी विद्यार्थी दाखिले के लिए नहीं पहुंचा। ऐसे में विभाग की ओर से जिला अधिकारियों को निर्देश जारी किए गए कि संबंधित स्कूलों में विद्यार्थियों का दाखिला करवाएं, लेकिन शत-प्रतिशत स्कूलों में दाखिले के लक्ष्य तक विभाग अब भी नहीं पहुंच पाया है।

शिक्षा विभाग के आंकड़ों के अनुसार, इस समय 360 स्कूलों में पहली कक्षा में करीब 4400 विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। दस ऐसे स्कूल, जहां एक भी बच्चे का दाखिला नहीं हुआ है, उनमें औसतन 10 बच्चों का दाखिला हो जाए, तब जाकर आंकड़ा 4500 के नजदीक पहुंचेगा। तभी विभाग अपने लक्ष्य तक पहुंच पाएगा। दूसरी ओर जिला शिक्षा अधिकारी शमशेर सिंह सिरोही का कहना कि ज्यादातर स्कूलों में विद्यार्थियों के दाखिले हो चुके हैं, केवल पोर्टल पर डिटेल अपलोड नहीं हो पाई है। अभी छुट्टियां चल रही हैं। बच्चे स्कूल पहुंचेंगे तो पूरी पूरी साफ होगी। फिर भी किसी स्कूल में बच्चा दाखिल नहीं हुआ है तो इसके बारे में संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे जल्द से जल्द बच्चों का दाखिला करवाकर उसे पोर्टल पर पंजीकृत करवाएं।

इनमें नए दाखिले हैं शून्य

राजकीय प्राथमिक पाठशाला अहमदपुर, चाणचक, मंझहेड़ी, गढ़ी-पाड़ला व उझाणा, राजकीय प्राथमिक पाठशाला डेरा फरल, कालू वाली गामड़ी, डेरा गुरदासपुर, गोबिंदपुरा व अगोंध के प्राथमिक पाठशाला में अभी तक एक भी बच्चे ने दाखिला नहीं लिया है। पोर्टल पर इनमें नए बच्चों के दाखिले की संख्या शून्य है।

परिवार पहचान पत्र कारण

बच्चों के दाखिले न होने के लिए परिवार पहचान पत्र अहम जिम्मेदार माना जा रहा है। जो नए विद्यार्थी प्रथम कक्षा में दाखिला लेते हैं, विभाग को उनकी डिटेल एमआईएस पोर्टल पर अपलोड करनी होती है। पोर्टल पर सूचना तभी अपलोड होगी, जब परिवार पहचान पत्र की जानकारी सही हो।

.


What do you think?

Written by Haryanacircle

हरियाणा: टिकरी बॉर्डर पर दुष्कर्म के मामले में फरार आरोपी गिरफ्तार, किसान आंदोलन के दौरान हुई थी घटना

जुलाई से पॉलिथीन रखने वालों पर परिषद करेगा कार्रवाई