जिले के स्कूलों में सुधरी शिक्षा व्यवस्था, परिणाम में आया सुधार


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पानीपत। इस साल हरियाणा बोर्ड 10वीं, 12वीं का परीक्षा परिणाम प्रदेश सहित जिले में बेहतर रहा है। जहां 12वीं का परिणाम 90.21 प्रतिशत रहा, वहीं 10वीं का परिणाम भी 82.92 प्रतिशत रहा, जो प्रदेश के औसत परीक्षा परिणाम से कहीं अधिक है। इस साल प्रदेश में हरियाणा बोर्ड 12वीं का पास प्रतिशत 87.08 जबकि 10वीं का पास प्रतिशत 73.18 रहा है। शिक्षा विशेषज्ञों की मानें तो पानीपत जिले में शिक्षा व्यवस्था में काफी सुधार देखने को मिला है, जिसका श्रेय जिला शिक्षा विभाग को जाता है।
शिक्षकों ने अपनी जिम्मेदारी समझी और शिक्षा विभाग एवं डायट की ओर से चलाए गए शैक्षणिक अभियानों को लेकर गंभीरता दिखाई। विद्यार्थियों ने भी शिक्षा का महत्व समझते हुए शिक्षकों के मार्गदर्शन में बेहतर प्रदर्शन किया। शिक्षा में आए गुणवत्तापूर्ण सुधार का ही परिणाम है कि कभी परीक्षा परिणाम में औसत या औसत से कम रहने वाला जिला पानीपत अव्वल दर्जें में शामिल हुआ है। परिणाम स्वरूप 12वीं के परीक्षा परिणाम में पानीपत प्रदेश में तीसरे और 10वीं के परीक्षा परिणाम में चौथे स्थान पर रहा।
जिला शिक्षा अधिकारियों का बोर्ड कक्षाओं पर ज्यादा फोकस कोरोना काल में ऑनलाइन पढ़ाई से हुए नुकसान की भरपाई और शिक्षा के स्तर में सुधार के लिए जिला शिक्षा विभाग की ओर से धरातल पर काम किया गया। विभाग की ओर से इस प्रकार की नीति अपनाई गई कि परीक्षा परिणाम बेहतर हो। विद्यार्थियों को पुराने सिलेबस के आधार पर तैयारी, हाई वेटेज टॉपिक, प्रैक्टिकल वर्क और पीयर लर्निंग पर फोकस किया गया। वहीं, शिक्षक अभिभावकों के संपर्क में रहे, जिससे शैक्षणिक गतिविधियों की खामियों में सुधार किया गया। विद्यार्थियों को राइटिंग प्रेक्टिस, रीडिंग स्किल जैसी तकनीक पर काम कराया, जिससे परीक्षा परिणाम में सुधार देखने को मिला। – रमेश चहल, सहायक जिला परियोजना अधिकारी, पानीपत।
प्रशिक्षण कार्यक्रमों से दक्ष हुए स्कूल हेड और शिक्षक पानीपत जिले के परीक्षा परिणाम में सुधार आने में शिक्षा विभाग और डायट की ओर से समय-समय पर चलाए गए प्रशिक्षण कार्यक्रमों का काफी योगदान रहा। डायट की ओर से भी बोर्ड कक्षाओं में सहायता के लिए स्कूलों में मुश्किल चीजों को लेकर गाइड किया। डायट की ओर से निष्ठा के तहत ऑफलाइन और ऑनलाइन ट्रेनिंग दी गई। शिक्षकों को खंड और कलस्टर हेड या संकुल स्तर पर ट्रेनिंग दी गई। प्रशिक्षण कार्यक्रमों के कारण स्कूल हेड और शिक्षकों में गुणवत्तापूर्ण सुधार हुआ जो विद्यार्थियों का शैक्षणिक स्तर सुधारने में मददगार साबित हुआ।
– तकदीर सिंह, सहायक प्रोफेसर, मनोविज्ञान, डाइट, पानीपत।
रैंक में आया बेहतरीन सुधार
परीक्षा परिणाम सुधारने की दिशा में जिला शिक्षा विभाग द्वारा तकनीकी तौर पर किए गए शैक्षणिक सुधारों की बदौलत जिले के परीक्षा परिणाम के रैंक में जबरदस्त उछाल देखने को मिला। शिक्षा विशेषज्ञों की मानें तो दो वर्ष पहले तक पानीपत जिले का परीक्षा परिणाम औसत दर्जे का रहा है। प्रदेश में पानीपत का स्थान कभी आठवां, कभी 11वां तो कभी 14वां रहा है। दो वर्ष पहले भी 10वीं के परिणाम में पानीपत का 14वां स्थान था, लेकिन शिक्षा की तकनीक में जिले में किए गए बदलाव की बदौलत इस बार जहां 12वीं के परीक्षा परिणाम में पानीपत प्रदेश में तीसरे और 10वीं के परिणाम में चौथे स्थान पर रहा है। 10वीं के परिणाम में पानीपत ने 10 स्थान की छलांग लगाई है।

पानीपत। इस साल हरियाणा बोर्ड 10वीं, 12वीं का परीक्षा परिणाम प्रदेश सहित जिले में बेहतर रहा है। जहां 12वीं का परिणाम 90.21 प्रतिशत रहा, वहीं 10वीं का परिणाम भी 82.92 प्रतिशत रहा, जो प्रदेश के औसत परीक्षा परिणाम से कहीं अधिक है। इस साल प्रदेश में हरियाणा बोर्ड 12वीं का पास प्रतिशत 87.08 जबकि 10वीं का पास प्रतिशत 73.18 रहा है। शिक्षा विशेषज्ञों की मानें तो पानीपत जिले में शिक्षा व्यवस्था में काफी सुधार देखने को मिला है, जिसका श्रेय जिला शिक्षा विभाग को जाता है।

शिक्षकों ने अपनी जिम्मेदारी समझी और शिक्षा विभाग एवं डायट की ओर से चलाए गए शैक्षणिक अभियानों को लेकर गंभीरता दिखाई। विद्यार्थियों ने भी शिक्षा का महत्व समझते हुए शिक्षकों के मार्गदर्शन में बेहतर प्रदर्शन किया। शिक्षा में आए गुणवत्तापूर्ण सुधार का ही परिणाम है कि कभी परीक्षा परिणाम में औसत या औसत से कम रहने वाला जिला पानीपत अव्वल दर्जें में शामिल हुआ है। परिणाम स्वरूप 12वीं के परीक्षा परिणाम में पानीपत प्रदेश में तीसरे और 10वीं के परीक्षा परिणाम में चौथे स्थान पर रहा।

जिला शिक्षा अधिकारियों का बोर्ड कक्षाओं पर ज्यादा फोकस कोरोना काल में ऑनलाइन पढ़ाई से हुए नुकसान की भरपाई और शिक्षा के स्तर में सुधार के लिए जिला शिक्षा विभाग की ओर से धरातल पर काम किया गया। विभाग की ओर से इस प्रकार की नीति अपनाई गई कि परीक्षा परिणाम बेहतर हो। विद्यार्थियों को पुराने सिलेबस के आधार पर तैयारी, हाई वेटेज टॉपिक, प्रैक्टिकल वर्क और पीयर लर्निंग पर फोकस किया गया। वहीं, शिक्षक अभिभावकों के संपर्क में रहे, जिससे शैक्षणिक गतिविधियों की खामियों में सुधार किया गया। विद्यार्थियों को राइटिंग प्रेक्टिस, रीडिंग स्किल जैसी तकनीक पर काम कराया, जिससे परीक्षा परिणाम में सुधार देखने को मिला। – रमेश चहल, सहायक जिला परियोजना अधिकारी, पानीपत।

प्रशिक्षण कार्यक्रमों से दक्ष हुए स्कूल हेड और शिक्षक पानीपत जिले के परीक्षा परिणाम में सुधार आने में शिक्षा विभाग और डायट की ओर से समय-समय पर चलाए गए प्रशिक्षण कार्यक्रमों का काफी योगदान रहा। डायट की ओर से भी बोर्ड कक्षाओं में सहायता के लिए स्कूलों में मुश्किल चीजों को लेकर गाइड किया। डायट की ओर से निष्ठा के तहत ऑफलाइन और ऑनलाइन ट्रेनिंग दी गई। शिक्षकों को खंड और कलस्टर हेड या संकुल स्तर पर ट्रेनिंग दी गई। प्रशिक्षण कार्यक्रमों के कारण स्कूल हेड और शिक्षकों में गुणवत्तापूर्ण सुधार हुआ जो विद्यार्थियों का शैक्षणिक स्तर सुधारने में मददगार साबित हुआ।

– तकदीर सिंह, सहायक प्रोफेसर, मनोविज्ञान, डाइट, पानीपत।

रैंक में आया बेहतरीन सुधार

परीक्षा परिणाम सुधारने की दिशा में जिला शिक्षा विभाग द्वारा तकनीकी तौर पर किए गए शैक्षणिक सुधारों की बदौलत जिले के परीक्षा परिणाम के रैंक में जबरदस्त उछाल देखने को मिला। शिक्षा विशेषज्ञों की मानें तो दो वर्ष पहले तक पानीपत जिले का परीक्षा परिणाम औसत दर्जे का रहा है। प्रदेश में पानीपत का स्थान कभी आठवां, कभी 11वां तो कभी 14वां रहा है। दो वर्ष पहले भी 10वीं के परिणाम में पानीपत का 14वां स्थान था, लेकिन शिक्षा की तकनीक में जिले में किए गए बदलाव की बदौलत इस बार जहां 12वीं के परीक्षा परिणाम में पानीपत प्रदेश में तीसरे और 10वीं के परिणाम में चौथे स्थान पर रहा है। 10वीं के परिणाम में पानीपत ने 10 स्थान की छलांग लगाई है।

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Written by Haryanacircle

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