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फरीदाबाद: फरीदाबाद और गुरुग्राम में हवा की हालत इन दिनों फिर से बिगड़ गई है. सुबह घर से निकलते ही सबसे पहले जो चीज़ महसूस होती है, वह है एक हल्की-सी धुंध, गले में खुश्की और सांस लेने में भारीपन. चाहे कॉलेज जाने वाले छात्र हों या दफ्तर का रुख करने वाले लोग हर कोई इस ज़हरीली हवा से परेशान है. दिल्ली-एनसीआर में वैसे भी सर्दियों और गर्मियों के बीच की यह बदलती मौसम का समय प्रदूषण के लिए कुख्यात माना जाता है लेकिन इस बार कुछ ज़्यादा ही असर दिख रहा है.
इन जगहों की हवा हुई जहरीली
वहीं बल्लभगढ़ की तरफ बढ़ें तो यहां का AQI करीब 194 दर्ज किया गया है. यह स्तर खराब श्रेणी में तो आता है, लेकिन बाकी इलाकों की तुलना में थोड़ी बेहतर हालत कहा जा सकता है. फिर भी जिन लोगों को पहले से एलर्जी या अस्थमा है उनके लिए यह हवा बिल्कुल सुरक्षित नहीं मानी जाती.
गुरुग्राम के भी हालात खराब
डॉक्टरों ने दी सलाह
लोगों का कहना है कि सड़क पर निकलते ही धूल का एहसास होता है और हवा भारी लगती है. अधिकांश लोग मास्क पहनकर ही बाहर निकल रहे हैं. डॉक्टर भी सलाह दे रहे हैं कि सुबह-शाम के समय बाहर जाने से बचा जाए क्योंकि इस वक्त हवा और ज्यादा प्रदूषित रहती है.
सावधानी ही इस ज़हरीली हवा से बचाव
एनसीआर की हवा कब सुधरेगी यह कहना मुश्किल है, लेकिन इतना तय है कि जब तक उद्योगों, वाहनों और धूल पर सख्ती से नियंत्रण नहीं होगा तब तक लोग हर साल इसी तरह की परेशानी झेलते रहेंगे. फिलहाल, सावधानी ही इस ज़हरीली हवा से बचाव का सबसे अच्छा तरीका है.
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