जरा सी बारिश में फेल हो गया पानी निकासी का सिस्टम, मानसून में क्या होगा ?


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सिवानी मंडी। राज्य के अंतिम छोर पर बसे सिवानी शहर में बारिश का मौसम आफत से कम नहीं होता। प्यालेनुमा बनावट वाले इस शहर में जरा सी बारिश में कई मुख्य रास्तों के अलावा दुकानें 24 से 48 घंटों तक बंद हो जाती है। ये समस्या दशकों से चली आ रही है, मगर प्रशासन की तरफ से इसका स्थायी समाधान अभी तक नहीं हो पाया है।
शुक्रवार दोपहर क्षेत्र में हुई बारिश ने प्रशासन के पानी निकासी व्यवस्था के सभी प्रबंधों की पोल खोल दी। सुबह से शहर व आसपास के इलाके में रुक-रुक कर हुई हल्की-तेज बारिश से शहर की गलियां और सड़कें तालाब बन गई। ऐसे में मानसून में इस बार फिर सड़कें डूबनी तय हैं। हालांकि बारिश से मौसम सुहावना होने से लोगों को गर्मी से राहत मिली है।
शनि मंदिर वाली गली, आंबेडकर पार्क वाली गली, पुराने बस अड्डे पर पीरबाबा वाली गली व अनाज मंडी में तो दुकानदारों को दुकानें बंद करनी पड़ती है। अनाज मंडी दुकानदार महेश भानगड़िया, सुनील मंत्री, नरेश मंडोली, मोनू दलाल, ओम दलाल, सतपाल बंसल, बजरंग अग्रवाल, जगदीश, रामनिवास ने कहा कि अनाज मंडी में बारिश के दिनों में उनकी दुकानों के आगे ही पानी जमा हो जाता है। इस पानी की बदबू से सांस लेना तक दूभर हो जाता हैै। मानसून से पहले ये हालात है तो मानसून आने के बाद क्षेत्र की स्थिति क्या होगी, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। इसे लेकर वे दर्जनों बार प्रशासन के समक्ष इसका स्थायी समाधान करने की मांग कर चुके हैं लेकिन अधिकारी हर बार कोरे आश्वासन देते हैं।
क्षेत्र के जिन हिस्सों में जलभराव की स्थिति है वहां का दौरा कर जायजा लिया। इस समस्या का जल्द ही स्थायी समाधान कर दिया जाएगा। परशुराम चौक के साथ लगते लधवानी जोहड़ पर मिनी स्ट्रॉम डिस्पोजल प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद लोगों को जलभराव की समस्या से पूर्ण निजात मिली है। शहर के बाकी हिस्सों में भी पानी निकालने के लिए जन स्वास्थ्य विभाग की तरफ से मशीनें लगाई हुई हैं।
– नवीन सुरपुरिया, मनोनीत पार्षद
शहर के जिन हिस्सों में बारिश का पानी भरा है, उन्हें निकालने के लिए कर्मचारियों की टीम लगी हुई है। जल्द ही बरसात के पानी को निकलवा दिया जाएगा। – दीपक मलिक, कनिष्ठ अभियंता, जन स्वास्थ्य विभाग

सिवानी मंडी। राज्य के अंतिम छोर पर बसे सिवानी शहर में बारिश का मौसम आफत से कम नहीं होता। प्यालेनुमा बनावट वाले इस शहर में जरा सी बारिश में कई मुख्य रास्तों के अलावा दुकानें 24 से 48 घंटों तक बंद हो जाती है। ये समस्या दशकों से चली आ रही है, मगर प्रशासन की तरफ से इसका स्थायी समाधान अभी तक नहीं हो पाया है।

शुक्रवार दोपहर क्षेत्र में हुई बारिश ने प्रशासन के पानी निकासी व्यवस्था के सभी प्रबंधों की पोल खोल दी। सुबह से शहर व आसपास के इलाके में रुक-रुक कर हुई हल्की-तेज बारिश से शहर की गलियां और सड़कें तालाब बन गई। ऐसे में मानसून में इस बार फिर सड़कें डूबनी तय हैं। हालांकि बारिश से मौसम सुहावना होने से लोगों को गर्मी से राहत मिली है।

शनि मंदिर वाली गली, आंबेडकर पार्क वाली गली, पुराने बस अड्डे पर पीरबाबा वाली गली व अनाज मंडी में तो दुकानदारों को दुकानें बंद करनी पड़ती है। अनाज मंडी दुकानदार महेश भानगड़िया, सुनील मंत्री, नरेश मंडोली, मोनू दलाल, ओम दलाल, सतपाल बंसल, बजरंग अग्रवाल, जगदीश, रामनिवास ने कहा कि अनाज मंडी में बारिश के दिनों में उनकी दुकानों के आगे ही पानी जमा हो जाता है। इस पानी की बदबू से सांस लेना तक दूभर हो जाता हैै। मानसून से पहले ये हालात है तो मानसून आने के बाद क्षेत्र की स्थिति क्या होगी, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। इसे लेकर वे दर्जनों बार प्रशासन के समक्ष इसका स्थायी समाधान करने की मांग कर चुके हैं लेकिन अधिकारी हर बार कोरे आश्वासन देते हैं।

क्षेत्र के जिन हिस्सों में जलभराव की स्थिति है वहां का दौरा कर जायजा लिया। इस समस्या का जल्द ही स्थायी समाधान कर दिया जाएगा। परशुराम चौक के साथ लगते लधवानी जोहड़ पर मिनी स्ट्रॉम डिस्पोजल प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद लोगों को जलभराव की समस्या से पूर्ण निजात मिली है। शहर के बाकी हिस्सों में भी पानी निकालने के लिए जन स्वास्थ्य विभाग की तरफ से मशीनें लगाई हुई हैं।

– नवीन सुरपुरिया, मनोनीत पार्षद

शहर के जिन हिस्सों में बारिश का पानी भरा है, उन्हें निकालने के लिए कर्मचारियों की टीम लगी हुई है। जल्द ही बरसात के पानी को निकलवा दिया जाएगा। – दीपक मलिक, कनिष्ठ अभियंता, जन स्वास्थ्य विभाग

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Written by Haryanacircle

85.36% के साथ प्रदेश में 18वें नंबर पर रहा जिला

प्री-मानसून की झमाझम बारिश से मौसम हुआ सुहाना