छुट्टियां खत्म होते ही विद्यार्थियों के हाथों में होंगी किताबें


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फतेहाबाद। सरकारी स्कूलों में गर्मियों की छुट्टियां खत्म होते ही विद्यार्थियों के हाथों में किताबें होंगी। शिक्षा विभाग ने कक्षा पहली से पांचवीं के लिए किताबें पहुंचाने का काम शुरू कर दिया। विभाग स्कूल स्तर पर किताबें पहुंचा रहा है। दो साल बाद सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों को किताबें मिलने जा रही है। एक जुलाई से स्कूल खुलते ही विद्यार्थियों के हाथों में किताबें होंगी।
बता दें कि शिक्षा विभाग निदेशालय ने किताबों को स्कूल स्तर पर पहुंचाने के लिए रूट तैयार किया है। खंड स्तर पर तैयार किए गए रूट के मुताबिक स्कूलों में किताबें भेजी जा रही है। हालांकि अभी किताबें स्कूलों में पहुंचने में तीन माह की देरी हो चुकी है। वर्ष 2020-21 में कोरोना महामारी के चलते विद्यार्थियों को किताबें जारी नहीं की गई और वर्ष 2021-22 में शिक्षा विभाग ने सत्र के नजदीक में विद्यार्थियों को किताबें खरीदने के लिए राशि जारी कर दी थी। लेकिन विद्यार्थियों को दुकानों पर किताबें नहीं मिली, इसके चलते खरीद ही नहीं पाए।
सरकारी स्कूलों में विद्यार्थी
कक्षा विद्यार्थी
पहली 3074
दूसरी 10317
तीसरी 10273
चौथी 10195
पांचवीं 10567
छठी 10362
सातवीं 10697
आठवीं 9813
पहली से आठवीं कक्षा तक के विद्यार्थी को निशुल्क देता है विभाग किताबें
शिक्षा विभाग कक्षा पहली से आठवीं तक के विद्यार्थी को निशुल्क किताबें देता है। शिक्षा विभाग द्वारा दो साल से किताबें न देने के कारण विद्यार्थी पुरानी किताबों से काम चला रहे थे, अधिकतर विद्यार्थियों को मिल ही नहीं पाई। विभाग के आंकड़ों पर नजर डाले तो 15 फीसदी विद्यार्थियों को ही पुरानी किताबें मिल पाई थीं।
कोट
सरकारी स्कूलों में किताबें पहुंचनी शुरू हो गई है। किताबों को लेकर रूट तैयार किया गया है, संबंधित एजेंसी स्कूलों में किताबें पहुंचा रही है। कई खंडों के सरकारी स्कूलों में कक्षा पहली और छठी की किताबें पहुंच चुकी है। एक जुलाई से जब विद्यार्थी स्कूल पहुंचेंगे तो उन्हें किताबें मिल जाएंगी।
-दयानंद सिहाग, जिला शिक्षा अधिकारी

फतेहाबाद। सरकारी स्कूलों में गर्मियों की छुट्टियां खत्म होते ही विद्यार्थियों के हाथों में किताबें होंगी। शिक्षा विभाग ने कक्षा पहली से पांचवीं के लिए किताबें पहुंचाने का काम शुरू कर दिया। विभाग स्कूल स्तर पर किताबें पहुंचा रहा है। दो साल बाद सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों को किताबें मिलने जा रही है। एक जुलाई से स्कूल खुलते ही विद्यार्थियों के हाथों में किताबें होंगी।

बता दें कि शिक्षा विभाग निदेशालय ने किताबों को स्कूल स्तर पर पहुंचाने के लिए रूट तैयार किया है। खंड स्तर पर तैयार किए गए रूट के मुताबिक स्कूलों में किताबें भेजी जा रही है। हालांकि अभी किताबें स्कूलों में पहुंचने में तीन माह की देरी हो चुकी है। वर्ष 2020-21 में कोरोना महामारी के चलते विद्यार्थियों को किताबें जारी नहीं की गई और वर्ष 2021-22 में शिक्षा विभाग ने सत्र के नजदीक में विद्यार्थियों को किताबें खरीदने के लिए राशि जारी कर दी थी। लेकिन विद्यार्थियों को दुकानों पर किताबें नहीं मिली, इसके चलते खरीद ही नहीं पाए।

सरकारी स्कूलों में विद्यार्थी

कक्षा विद्यार्थी

पहली 3074

दूसरी 10317

तीसरी 10273

चौथी 10195

पांचवीं 10567

छठी 10362

सातवीं 10697

आठवीं 9813

पहली से आठवीं कक्षा तक के विद्यार्थी को निशुल्क देता है विभाग किताबें

शिक्षा विभाग कक्षा पहली से आठवीं तक के विद्यार्थी को निशुल्क किताबें देता है। शिक्षा विभाग द्वारा दो साल से किताबें न देने के कारण विद्यार्थी पुरानी किताबों से काम चला रहे थे, अधिकतर विद्यार्थियों को मिल ही नहीं पाई। विभाग के आंकड़ों पर नजर डाले तो 15 फीसदी विद्यार्थियों को ही पुरानी किताबें मिल पाई थीं।

कोट

सरकारी स्कूलों में किताबें पहुंचनी शुरू हो गई है। किताबों को लेकर रूट तैयार किया गया है, संबंधित एजेंसी स्कूलों में किताबें पहुंचा रही है। कई खंडों के सरकारी स्कूलों में कक्षा पहली और छठी की किताबें पहुंच चुकी है। एक जुलाई से जब विद्यार्थी स्कूल पहुंचेंगे तो उन्हें किताबें मिल जाएंगी।

-दयानंद सिहाग, जिला शिक्षा अधिकारी

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Written by Haryanacircle

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