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छात्रहितों को लेकर 13 को पैदल मार्च करेंगे अभिभावक


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फतेहाबाद। सरकारी स्कूलों में किताबों, अध्यापकों की कमी, मॉडल संस्कृति स्कूल में इंग्लिश मीडियम के नाम पर पहली कक्षा से ही फीस लगाने आदि मुद्दों को लेकर पुरानी कोर्ट रोड स्थित दीनदयाल पार्क में बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता सीनियर सेकेंडरी स्कूल फतेहाबाद की प्रबंधन समिति के प्रधान शिवदयाल ने की जबकि संचालन योगेंद्र भूथन ने किया।
बैठक में निर्णय हुआ कि सरकारी स्कूलों को सरकार व प्रशासन द्वारा नजरअंदाज करने के विरोध में 13 जून सोमवार को विभिन्न गांवों से डीसी कार्यालय तक पैदल मार्च किया जाएगा। उल्लेखनीय हैं कि स्कूल प्रबंधक समिति व अभिभावक मंच ने 17 मई को ज्ञापन देकर इन मांगों के बारे में डीसी प्रदीप कुमार को अवगत कराया था। उन्होंने 15 दिन में समस्याओं का हल करने का वादा किया था, जो अभी तक भी पूरा नहीं हुआ है। इस पैदल मार्च में अलग-अलग गांवों से स्कूल में पढ़ने वाले विद्यार्थी, उनके अभिभावक और जागरूक नागरिक भाग लेंगे। वक्ताओं ने कहा कि सरकारी स्कूलों में पिछले दो साल से और इस सत्र के ढाई महीने बीतने के बाद भी पहली से आठवीं कक्षा तक किताबें नहीं आई हैं। ये किताबें शिक्षा के मौलिक अधिकार के तहत सरकार द्वारा हर साल सभी बच्चों को उपलब्ध कराई जाती हैं। सभी स्कूलों में अध्यापकों की भारी कमी है। प्रदेश के स्कूलों में अध्यापकों के 40 हजार स्वीकृत पद खाली हैं।
बैठक में कई गांवों की स्कूल प्रबंधन समितियों, शिक्षा समितियों, विद्यार्थियों व अभिभावकों के साथ संगठनों के सदस्यों और जागरूक नागरिकों ने भाग लिया। इस दौरान सरकारी स्कूल संघर्ष समिति व अभिभावक मंच का गठन किया गया। अभिभावकों का हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ ने भी समर्थन किया।
भिरड़ाना संस्कृति स्कूल में 375 बच्चे, अध्यापक सिर्फ एक
वक्ताओं ने कहा कि भिरड़ाना के प्राइमरी स्कूल में 375 बच्चों पर केवल एक अध्यापक है और इसे मॉडल संस्कृति स्कूल का दर्जा दिया गया है। इसके अलावा सभी स्कूलों में सफाई कर्मचारी, चौकीदार, माली व क्लर्क के पद खाली पड़े हैं। नई शिक्षा नीति लागू करते हुए हरियाणा सरकार ने उन्हीं पुराने स्कूलों के मुख्य द्वार पर मॉडल संस्कृति स्कूल लिखकर पहली कक्षा से ही फीस शुरू कर दी है। यह संविधान के आर्टिकल 21 के तहत 6 से 14 वर्ष के सभी बच्चों को निशुल्क व अनिवार्य शिक्षा के मौलिक अधिकार का उल्लंघन है।
स्वामी नगर स्कूल का रास्ताव भी नहीं दिलवा पाया प्रशासन
फतेहाबाद के स्वामी नगर के स्कूल तक पहुंचने के लिए रास्ता भी नहीं है। प्रशासन के संज्ञान में मामला होने के बाद भी रास्ता नहीं मिला है। सरकारी स्कूलों में कमरों, पीने के साफ पानी के साथ-साथ छुट्टी होने के बाद स्कूल के बाहर असामाजिक तत्वों का जमावड़ा बड़ी समस्याएं हैं।
बैठक में कई गांवों से लोगों ने लिया भाग
रविवार को फतेहाबाद में हुई बैठक में गांव भूथन कलां, जांडली, फतेहाबाद शहर, भिरड़ाना, बरसीन, बीसला, मानावाली, बीघड़, माजरा, फूलां, तामसपुरा, रतिया, भट्टू आदि गांवों से स्कूल प्रबंधन समिति व ग्रामीण शामिल हुए। बैठक के बाद 13 जून के पैदल मार्च और पड़ाव के लिए कमेटी गठित हुई। बैठक में रिटायर्ड कर्मचारी संघ के नेता बेगराज प्रधान, सुभाष कंबोज, धर्मपाल जांडली, वीनू जांडली, वेदपाल बरसीन, यशपाल भडोलांवाली, एडवोकेट शहनवाज, पवन भूथन, माईराम भिरड़ाना, संतोष, निर्मला, हरप्रीत, पूर्ण सिंह आदि शामिल रहे। सभी मांग मुद्दों के हल तक किसान आंदोलन की तर्ज पर पक्का मोर्चा लगाया जाएगा।

फतेहाबाद। सरकारी स्कूलों में किताबों, अध्यापकों की कमी, मॉडल संस्कृति स्कूल में इंग्लिश मीडियम के नाम पर पहली कक्षा से ही फीस लगाने आदि मुद्दों को लेकर पुरानी कोर्ट रोड स्थित दीनदयाल पार्क में बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता सीनियर सेकेंडरी स्कूल फतेहाबाद की प्रबंधन समिति के प्रधान शिवदयाल ने की जबकि संचालन योगेंद्र भूथन ने किया।

बैठक में निर्णय हुआ कि सरकारी स्कूलों को सरकार व प्रशासन द्वारा नजरअंदाज करने के विरोध में 13 जून सोमवार को विभिन्न गांवों से डीसी कार्यालय तक पैदल मार्च किया जाएगा। उल्लेखनीय हैं कि स्कूल प्रबंधक समिति व अभिभावक मंच ने 17 मई को ज्ञापन देकर इन मांगों के बारे में डीसी प्रदीप कुमार को अवगत कराया था। उन्होंने 15 दिन में समस्याओं का हल करने का वादा किया था, जो अभी तक भी पूरा नहीं हुआ है। इस पैदल मार्च में अलग-अलग गांवों से स्कूल में पढ़ने वाले विद्यार्थी, उनके अभिभावक और जागरूक नागरिक भाग लेंगे। वक्ताओं ने कहा कि सरकारी स्कूलों में पिछले दो साल से और इस सत्र के ढाई महीने बीतने के बाद भी पहली से आठवीं कक्षा तक किताबें नहीं आई हैं। ये किताबें शिक्षा के मौलिक अधिकार के तहत सरकार द्वारा हर साल सभी बच्चों को उपलब्ध कराई जाती हैं। सभी स्कूलों में अध्यापकों की भारी कमी है। प्रदेश के स्कूलों में अध्यापकों के 40 हजार स्वीकृत पद खाली हैं।

बैठक में कई गांवों की स्कूल प्रबंधन समितियों, शिक्षा समितियों, विद्यार्थियों व अभिभावकों के साथ संगठनों के सदस्यों और जागरूक नागरिकों ने भाग लिया। इस दौरान सरकारी स्कूल संघर्ष समिति व अभिभावक मंच का गठन किया गया। अभिभावकों का हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ ने भी समर्थन किया।

भिरड़ाना संस्कृति स्कूल में 375 बच्चे, अध्यापक सिर्फ एक

वक्ताओं ने कहा कि भिरड़ाना के प्राइमरी स्कूल में 375 बच्चों पर केवल एक अध्यापक है और इसे मॉडल संस्कृति स्कूल का दर्जा दिया गया है। इसके अलावा सभी स्कूलों में सफाई कर्मचारी, चौकीदार, माली व क्लर्क के पद खाली पड़े हैं। नई शिक्षा नीति लागू करते हुए हरियाणा सरकार ने उन्हीं पुराने स्कूलों के मुख्य द्वार पर मॉडल संस्कृति स्कूल लिखकर पहली कक्षा से ही फीस शुरू कर दी है। यह संविधान के आर्टिकल 21 के तहत 6 से 14 वर्ष के सभी बच्चों को निशुल्क व अनिवार्य शिक्षा के मौलिक अधिकार का उल्लंघन है।

स्वामी नगर स्कूल का रास्ताव भी नहीं दिलवा पाया प्रशासन

फतेहाबाद के स्वामी नगर के स्कूल तक पहुंचने के लिए रास्ता भी नहीं है। प्रशासन के संज्ञान में मामला होने के बाद भी रास्ता नहीं मिला है। सरकारी स्कूलों में कमरों, पीने के साफ पानी के साथ-साथ छुट्टी होने के बाद स्कूल के बाहर असामाजिक तत्वों का जमावड़ा बड़ी समस्याएं हैं।

बैठक में कई गांवों से लोगों ने लिया भाग

रविवार को फतेहाबाद में हुई बैठक में गांव भूथन कलां, जांडली, फतेहाबाद शहर, भिरड़ाना, बरसीन, बीसला, मानावाली, बीघड़, माजरा, फूलां, तामसपुरा, रतिया, भट्टू आदि गांवों से स्कूल प्रबंधन समिति व ग्रामीण शामिल हुए। बैठक के बाद 13 जून के पैदल मार्च और पड़ाव के लिए कमेटी गठित हुई। बैठक में रिटायर्ड कर्मचारी संघ के नेता बेगराज प्रधान, सुभाष कंबोज, धर्मपाल जांडली, वीनू जांडली, वेदपाल बरसीन, यशपाल भडोलांवाली, एडवोकेट शहनवाज, पवन भूथन, माईराम भिरड़ाना, संतोष, निर्मला, हरप्रीत, पूर्ण सिंह आदि शामिल रहे। सभी मांग मुद्दों के हल तक किसान आंदोलन की तर्ज पर पक्का मोर्चा लगाया जाएगा।

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