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चार माह में सुधरा लिंगानुपात, सोनीपत में एक हजार पर 901 लड़कियां


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सोनीपत। प्रदेश में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान का असर दिखने लगा है। अब घरों में बेटियों की किलकारियां गूंजने लगी हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी सूची के अनुसार चार माह में लिंगानुपात में सुधार हुआ है। जींद में लिंगानुपात सबसे ज्यादा 973 और सोनीपत में 901 पर रहा। 931 लिंगानुपात के साथ पानीपत आठवें स्थान पर पहुंच गया है जबकि 882 लिंगानुपात के साथ रेवाड़ी सबसे निचले पायदान पर है। इस तरह प्रदेश में जनवरी से अप्रैल तक का औसत लिंगानुपात 920 रहा है। अर्थात इन चार माहों में एक हजार पर 920 लड़कियां पैदा हुईं।
प्रधानमंत्री के बेटी बचाओ के आह्वान पर स्वास्थ्य विभाग भ्रूण हत्या को रोकने के लिए लगातार पहल कर रहा है। इसका असर है कि प्रदेश में बढ़ती जा रही लिंगानुपात की खाई धीरे-धीरे कम होती जा रही है। दरअसल यह असर किसी अचानक हुए बदलाव का नहीं है, बल्कि कोख में लिंग जांच कराने वालों पर हुई सख्ती का परिणाम है। इसके पीछे स्वास्थ्य विभाग की सख्ती व कोख में भ्रूण लिंग जांच करने वाले विभाग के खुफिया दस्ते की मेहनत है। वर्ष 2021 में सोनीपत जिले का लिंगानुपात 888 था। इस साल अप्रैल तक सुधार के बाद 901 पहुंच गया है। इस साल की शुरुआत से ही लिंगानुपात में सुधार होने के संकेत मिले थे। जनवरी 2022 में लिंगानुपात का आंकड़ा 929 दर्ज किया गया। उसके बाद फरवरी में 1000 लड़कों के पीछे 914 लड़कियां पैदा हुईं। मार्च में लिंगानुपात 899 तक पहुंचा था। स्वास्थ्य मुख्यालय की ओर से जारी रिपोर्ट के अनुसार जनवरी से लेकर अप्रैल तक के लिंगानुपात के मामले में सोनीपत 14वें स्थान पर है। स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज के गृह जिले का लिंगानुपात 895 है। चार माह के लिंगानुपात के मामले में अंबाला प्रदेश में 16वें स्थान है। सीएम सिटी करनाल का लिंगानुपात 891 है। करनाल प्रदेश में 18वें स्थान पर है। इसके अलावा कैथल, कुरुक्षेत्र, झज्जर, फरीदाबाद, महेंद्रगढ़ व रेवाड़ी का लिंगानुपात भी 900 से नीचे है।

जिला लड़के लड़कियां लिंगानुपात
जींद 3136 3052 973
फतेहाबाद 2696 2592 961
रोहतक 3759 3583 953
सिरसा 3392 3224 950
भिवानी 3020 2864 948
गुरुग्राम 6108 5790 948
पलवल 4185 3952 944
पानीपत 4680 4363 932
नूंह 8510 7916 930
पंचकूला 1962 1807 921
यमुनानगर 3804 3489 917
चरखी दादरी 914 819 907
हिसार 5752 5192 903
सोनीपत 4335 3907 901
कैथल 3090 2778 899
अंबाला 3250 2910 895
कुरुक्षेत्र 2632 2347 892
करनाल 4484 3995 891
झज्जर 1823 1623 890
फरीदाबाद 7315 6492 887
महेंद्रगढ़ 2047 1814 886
रेवाड़ी 317 2802 882
कुल 84071 77321 920

सोनीपत में ये रहा लिंगानुपात
वर्ष 1000 लड़कों के अनुपात में लड़कियां
2014 830
2015 867
2016 902
2017 937
2018 950
2019 909
2020 917
2021 888
वर्जन
लिंगानुपात को सुधार के लिए भ्रूण लिंग जांच को लेकर उठाए गए सख्त कदम से बेहतर परिणाम मिल रहे हैं। मुख्यालय नेे जनवरी से अप्रैल तक के लिंगानुपात की सूची जारी की है। इसमें जींद में सबसे अधिक एक हजार में 973 लड़कियां और सोनीपत में एक हजार में 901 लड़कियां हुईं हैं। प्रदेश में औसत लिंगानुपात 920 रहा है।-डॉ. जयकिशोर, सिविल सर्जन सोनीपत

सोनीपत। प्रदेश में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान का असर दिखने लगा है। अब घरों में बेटियों की किलकारियां गूंजने लगी हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी सूची के अनुसार चार माह में लिंगानुपात में सुधार हुआ है। जींद में लिंगानुपात सबसे ज्यादा 973 और सोनीपत में 901 पर रहा। 931 लिंगानुपात के साथ पानीपत आठवें स्थान पर पहुंच गया है जबकि 882 लिंगानुपात के साथ रेवाड़ी सबसे निचले पायदान पर है। इस तरह प्रदेश में जनवरी से अप्रैल तक का औसत लिंगानुपात 920 रहा है। अर्थात इन चार माहों में एक हजार पर 920 लड़कियां पैदा हुईं।

प्रधानमंत्री के बेटी बचाओ के आह्वान पर स्वास्थ्य विभाग भ्रूण हत्या को रोकने के लिए लगातार पहल कर रहा है। इसका असर है कि प्रदेश में बढ़ती जा रही लिंगानुपात की खाई धीरे-धीरे कम होती जा रही है। दरअसल यह असर किसी अचानक हुए बदलाव का नहीं है, बल्कि कोख में लिंग जांच कराने वालों पर हुई सख्ती का परिणाम है। इसके पीछे स्वास्थ्य विभाग की सख्ती व कोख में भ्रूण लिंग जांच करने वाले विभाग के खुफिया दस्ते की मेहनत है। वर्ष 2021 में सोनीपत जिले का लिंगानुपात 888 था। इस साल अप्रैल तक सुधार के बाद 901 पहुंच गया है। इस साल की शुरुआत से ही लिंगानुपात में सुधार होने के संकेत मिले थे। जनवरी 2022 में लिंगानुपात का आंकड़ा 929 दर्ज किया गया। उसके बाद फरवरी में 1000 लड़कों के पीछे 914 लड़कियां पैदा हुईं। मार्च में लिंगानुपात 899 तक पहुंचा था। स्वास्थ्य मुख्यालय की ओर से जारी रिपोर्ट के अनुसार जनवरी से लेकर अप्रैल तक के लिंगानुपात के मामले में सोनीपत 14वें स्थान पर है। स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज के गृह जिले का लिंगानुपात 895 है। चार माह के लिंगानुपात के मामले में अंबाला प्रदेश में 16वें स्थान है। सीएम सिटी करनाल का लिंगानुपात 891 है। करनाल प्रदेश में 18वें स्थान पर है। इसके अलावा कैथल, कुरुक्षेत्र, झज्जर, फरीदाबाद, महेंद्रगढ़ व रेवाड़ी का लिंगानुपात भी 900 से नीचे है।



जिला लड़के लड़कियां लिंगानुपात

जींद 3136 3052 973

फतेहाबाद 2696 2592 961

रोहतक 3759 3583 953

सिरसा 3392 3224 950

भिवानी 3020 2864 948

गुरुग्राम 6108 5790 948

पलवल 4185 3952 944

पानीपत 4680 4363 932

नूंह 8510 7916 930

पंचकूला 1962 1807 921

यमुनानगर 3804 3489 917

चरखी दादरी 914 819 907

हिसार 5752 5192 903

सोनीपत 4335 3907 901

कैथल 3090 2778 899

अंबाला 3250 2910 895

कुरुक्षेत्र 2632 2347 892

करनाल 4484 3995 891

झज्जर 1823 1623 890

फरीदाबाद 7315 6492 887

महेंद्रगढ़ 2047 1814 886

रेवाड़ी 317 2802 882

कुल 84071 77321 920


सोनीपत में ये रहा लिंगानुपात

वर्ष 1000 लड़कों के अनुपात में लड़कियां

2014 830

2015 867

2016 902

2017 937

2018 950

2019 909

2020 917

2021 888

वर्जन

लिंगानुपात को सुधार के लिए भ्रूण लिंग जांच को लेकर उठाए गए सख्त कदम से बेहतर परिणाम मिल रहे हैं। मुख्यालय नेे जनवरी से अप्रैल तक के लिंगानुपात की सूची जारी की है। इसमें जींद में सबसे अधिक एक हजार में 973 लड़कियां और सोनीपत में एक हजार में 901 लड़कियां हुईं हैं। प्रदेश में औसत लिंगानुपात 920 रहा है।-डॉ. जयकिशोर, सिविल सर्जन सोनीपत

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