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घोटाले के मामले 7 माह बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं, खाइका की ग्राम पंचायत में 1.85 करोड़ का हुआ था गबन


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हथीन। खाइका की ग्राम पंचायत में हुए घोटाले के मामले में सात महीने बीतने के बाद भी अब तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। जबकि आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार की धाराएं लगी हुई हैं। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए जांच अधिकारी रतनदीप बाली औपचारिक सुबूत जुटाने के लिए कई बार एडीसी ऑफिस स्टाफ से संपर्क कर चुके हैं। आरोप है कि अधिकारी रिकॉर्ड देने को तैयार नहीं है।
बहीन थाना पुलिस ने बीडीपीओ अमित कुमार की शिकायत पर गांव खाइका में ग्राम विकास कार्यों के मामले में हुए एक करोड़ 85 लाख 34 हजार रुपये के घोटाले मामले में दो पूर्व सरपंचों एवं तीन ग्राम सचिवों के खिलाफ मुकदमा जुलाई माह दर्ज किया था। पूर्व सरपंच इकबाल, पूर्व सरपंच वनिशा, तीन ग्राम सचिव दिनेश कुमार, सुरेंदर सिंह एवं आलोक कुमार के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। इस मामले में मंत्री बनवारी लाल ने मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए थे। जांच कमेटी में शामिल अधिकारियों ने संबंधित गांव में जाकर विकास कार्यों का मूल्यांकन किया तो पता चला कि सिर्फ 59 लाख 57 हजार 117 रुपये के विकास कार्य कराए गए थे। इस तरह एक करोड़ 85 लाख रुपये से अधिक की धनराशि का गबन हुआ। जांच अधिकारी डीएसपी रतनदीप बाली ने बताया कि विभाग रिकार्ड ही उपलब्ध नहीं करा पा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, रिकॉर्ड जानबूझकर जांच अधिकारी के समक्ष पेश नहीं किए जा रहे हैं। शिकायतकर्ता खुर्शीद अहमद ने कहा कि घोटाले में शामिल विभागीय सचिव ड्यूटी दे रहे हैं। उन्होंने मांग की है कि अविलंब दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। इस संदर्भ में डीएसपी रतनदीप बाली ने बताया कि कई बार रिकॉर्ड एवं जांच रिपोर्ट के लिए लिखित नोटिस भी भेजे गए हैं। लेकिन, अब तक रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं कराया गया।

हथीन। खाइका की ग्राम पंचायत में हुए घोटाले के मामले में सात महीने बीतने के बाद भी अब तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। जबकि आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार की धाराएं लगी हुई हैं। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए जांच अधिकारी रतनदीप बाली औपचारिक सुबूत जुटाने के लिए कई बार एडीसी ऑफिस स्टाफ से संपर्क कर चुके हैं। आरोप है कि अधिकारी रिकॉर्ड देने को तैयार नहीं है।

बहीन थाना पुलिस ने बीडीपीओ अमित कुमार की शिकायत पर गांव खाइका में ग्राम विकास कार्यों के मामले में हुए एक करोड़ 85 लाख 34 हजार रुपये के घोटाले मामले में दो पूर्व सरपंचों एवं तीन ग्राम सचिवों के खिलाफ मुकदमा जुलाई माह दर्ज किया था। पूर्व सरपंच इकबाल, पूर्व सरपंच वनिशा, तीन ग्राम सचिव दिनेश कुमार, सुरेंदर सिंह एवं आलोक कुमार के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। इस मामले में मंत्री बनवारी लाल ने मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए थे। जांच कमेटी में शामिल अधिकारियों ने संबंधित गांव में जाकर विकास कार्यों का मूल्यांकन किया तो पता चला कि सिर्फ 59 लाख 57 हजार 117 रुपये के विकास कार्य कराए गए थे। इस तरह एक करोड़ 85 लाख रुपये से अधिक की धनराशि का गबन हुआ। जांच अधिकारी डीएसपी रतनदीप बाली ने बताया कि विभाग रिकार्ड ही उपलब्ध नहीं करा पा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, रिकॉर्ड जानबूझकर जांच अधिकारी के समक्ष पेश नहीं किए जा रहे हैं। शिकायतकर्ता खुर्शीद अहमद ने कहा कि घोटाले में शामिल विभागीय सचिव ड्यूटी दे रहे हैं। उन्होंने मांग की है कि अविलंब दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। इस संदर्भ में डीएसपी रतनदीप बाली ने बताया कि कई बार रिकॉर्ड एवं जांच रिपोर्ट के लिए लिखित नोटिस भी भेजे गए हैं। लेकिन, अब तक रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं कराया गया।

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