ग्रामीणों को अटल भूजल योजना की दी जानकारी


ख़बर सुनें

नारनौल। अटल भूजल योजना के तहत जिले में चल रहे कार्यों के निरीक्षण के लिए हरियाणा जल संसाधन प्राधिकरण के सदस्य मुक्तियार सिंह लांबा ने सोमवार को जिले का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों से योजना के कार्यों को चर्चा भी की। इस दौरान उनके साथ जिला कार्यक्रम प्रबंधन इकाई के सब डिवीजन अधिकारी अशोक यादव, कनिष्ठ अभियंता हितेश जिंदल, जनसंपर्क अधिकारी तुषार तांबेकर, ओमकार कडेकर, जोगेंद्र यादव और कृषि विशेषज्ञ तरुण मौजूद रहे।
टीम ने नांगल चौधरी के नायन और गोठडी गांवों का दौरा किया। इस दौरान अधिकारियों ने गांवों में ग्रामीणों को अटल भूजल योजना के बारे में जानकारी दी। वहीं किसानों के साथ फसल विविधिकरण, आपूर्ति-पक्ष और मांग-पक्ष हस्तक्षेप के बारे में एवं जमीन में घटते जल-स्तर पर चर्चा की। इसके अलावा ग्रामीणों को नई कृषि रणनीतियों एवं प्रौद्योगिकियों की आवश्यकता क्यों हैं जिससे जल संसाधनों की सीमित उपलब्धता में ही कृषि योग्य भूमि में निरंतर आ रही कमी के बावजूद संवर्धित कृषि उत्पाद सुनिश्चित किए जा सकें के बारे में जानकारी दी। ग्रामीणों ने अधिकारियों से गांव के जोहड़ को नहर से जोड़ने की मांग रखी। इसके अलावा ग्रामीणों ने गांव गोठडी की सीमा में स्थित केमिकल फैक्टरी से हो रहे दूषित भूजल की समस्या भी रखी। अधिकारियों ने बताया कि हर गांव में वर्षा मापक यंत्र लगाया जाएगा। जिससे बारिश के दिनों में वर्षा मापी जा सकेगी। इसके अलावा जिले के प्रत्येक गांव में योजना के अंतर्गत वाटर फ्लो मीटर, पीजोमेट्रिक ट्यूब लगाए जाएंगे और साथ ही बारिश से पहले और बाद में भूजल की जांच की जाएगी।

नारनौल। अटल भूजल योजना के तहत जिले में चल रहे कार्यों के निरीक्षण के लिए हरियाणा जल संसाधन प्राधिकरण के सदस्य मुक्तियार सिंह लांबा ने सोमवार को जिले का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों से योजना के कार्यों को चर्चा भी की। इस दौरान उनके साथ जिला कार्यक्रम प्रबंधन इकाई के सब डिवीजन अधिकारी अशोक यादव, कनिष्ठ अभियंता हितेश जिंदल, जनसंपर्क अधिकारी तुषार तांबेकर, ओमकार कडेकर, जोगेंद्र यादव और कृषि विशेषज्ञ तरुण मौजूद रहे।

टीम ने नांगल चौधरी के नायन और गोठडी गांवों का दौरा किया। इस दौरान अधिकारियों ने गांवों में ग्रामीणों को अटल भूजल योजना के बारे में जानकारी दी। वहीं किसानों के साथ फसल विविधिकरण, आपूर्ति-पक्ष और मांग-पक्ष हस्तक्षेप के बारे में एवं जमीन में घटते जल-स्तर पर चर्चा की। इसके अलावा ग्रामीणों को नई कृषि रणनीतियों एवं प्रौद्योगिकियों की आवश्यकता क्यों हैं जिससे जल संसाधनों की सीमित उपलब्धता में ही कृषि योग्य भूमि में निरंतर आ रही कमी के बावजूद संवर्धित कृषि उत्पाद सुनिश्चित किए जा सकें के बारे में जानकारी दी। ग्रामीणों ने अधिकारियों से गांव के जोहड़ को नहर से जोड़ने की मांग रखी। इसके अलावा ग्रामीणों ने गांव गोठडी की सीमा में स्थित केमिकल फैक्टरी से हो रहे दूषित भूजल की समस्या भी रखी। अधिकारियों ने बताया कि हर गांव में वर्षा मापक यंत्र लगाया जाएगा। जिससे बारिश के दिनों में वर्षा मापी जा सकेगी। इसके अलावा जिले के प्रत्येक गांव में योजना के अंतर्गत वाटर फ्लो मीटर, पीजोमेट्रिक ट्यूब लगाए जाएंगे और साथ ही बारिश से पहले और बाद में भूजल की जांच की जाएगी।

.


What do you think?

Written by Haryanacircle

दो दिन की मौसम ने ली करवट, दोपहर बाद छाए बादल

उपलब्धि: बॉलीवुड फिल्म में चले म्हारी बॉक्सर मिनाक्षी के मुक्के, आयूष्मान खुराना की फिल्म में निभाया खिलाड़ी का किरदार