गोरखपुर परमाणु संयंत्र के लिए 450 करोड़ की लागत से पहुंचेगी नहर


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फतेेहाबाद। फतेहाबाद जिले की सबसे बड़ी और महंगी गोरखपुर परमाणु बिजली संयंत्र परियोजना के लिए पानी पहुंचाने के लिए का शुरू हो गया हे। इस परियोजना के लिए टोहाना के बलियाला हेड से गुुजरने वाली मुख्य भाखड़ा ब्रांच नहर को पंक्चर करके करीब 46 किलोमीटर तक बॉक्सनुमा त्रिकोणीय नहर को बनाया जाना प्रस्तावित है और इसकी नींव भरने का काम आरंभ कर दिया गया है। हालांकि इस पानी का जिले को मिलने वाले नहरी पानी से कोई संबंध नहीं रहेगा। जिले की नहरों से जो पानी किसानों को मिलता है, वह मिलता रहेगा।
बता दें कि फतेहाबाद के गांव गोरखपुर में न्यूक्लियर पावर काउंसिल ऑफ इंडिया लिमिटेड की ओर से 21 हजार करोड़ की लागत से न्यूक्लियर पावर प्लांट स्थापित किया जा रहा है और इस पर काम भी चल रहा है। 2800 मेगावाट की यहां पर 4 यूनिट लगनी हैं, यानि 700-700 मेगावाट की चार यूनिट। फिलहाल यहां पर पहले दो यूनिट काम करना आरंभ करेंगी और इसके बाद दो अलग यूनिटों को बनाया जाएगा। परमाणु बिजली संयंत्र के लिए पानी की आवश्यकता होती है, तो एनपीसीआईएल की ओर से सरकार से अपने प्रोजेक्ट के लिए नहरी पानी की डिमांड की गई थी। चूंकि फतेहाबाद जिला में नहरों का जाल बिछा हुआ है तो एनपीसीअईएल नहरी पानी पर ही निर्भर रहेगा। इसके लिए पहले फतेहाबाद के गांव काजलहेड़ी ब्रांच नहर से पानी लेने की बात कही गई थी, लेकिन यह बात सिरे नहीं चढ़ी। अब एनपीसीआईएल के प्रपोजल पर टोहाना से गुजर रही मुख्य भाखड़ा नहर से इसकी आपूर्ति की जाएगी।
450 करोड़ का है प्रोजेक्ट
सिंचाई विभाग ने मुख्य भाखड़ा नहर को पंक्चर कर गोरखपुर स्थित परमाणु संयंत्र तक नहरी पानी बिछाने के लिए 450 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट एनपीसीआईएल को दिया था। एनपीसीआईएल ने इसे मंजूरी दे दी और अब इस पर काम आरंभ हो गया है। टोहाना की भाखड़ा मुख्य ब्रांच नहर से गोरखपुर तक नई नहर के निर्माण के लिए 46 किलोमीटर बॉक्सनुमा त्रिकोणीय नहर का निर्माण किया जाएगा। त्रिकोणीय नहर 3 मीटर गहराई व 3 गुना चौड़ाई की होगी। जिसके ऊपर बॉक्स लगाकर उसे ढका जाएगा। इस काम के लिए नहर के की खुदाई और इसके साथ-साथ नहर की नींव रखने का काम आरंभ कर दिया गया है। नहर के निर्माण के बाद जल्द ही परमाणु संयंत्र को पानी मिलने लगेगा। भाखड़ा मुख्य ब्रांच से निकलने वाली यह बॉक्सनुमा नहर पहले 3 किलोमीटर तक सिद्धमुख नहर के साथ समानांतर चलेगी और इसके बाद यह काजलहेड़ी तक आने वाली फतेहाबाद मेन ब्रांच नहर के साथ-साथ गोरखपुर परमाणु संयंत्र तक पहुंचेेगी। यह भी ज्ञातव्य है कि इस नहर के निर्माण के लिए 10 हजार पेड़ भी काटे जा चुके हैं।
पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने किया था शिलान्यास
21 हजार करोड़ रुपये की इस परियोजना की सुगबुगाहट गोरखपुर में 2011 से आरंभ हो गई थी। 13 जनवरी 2014 को तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने इस परियोजना का शिलान्यास किया था। इस परियोजना के लिए हालांकि किसानों ने विरोध भी किया और लघु सचिवालय के सामने धरना देकर भी बैठे रहे, लेकिन बाद में सरकार व किसानों के बीच हुए समझौते के बाद इस परियोजना को पंख लग गए।
कोट
फतेहाबाद के गांव गोरखपुर में बन रहे गोरखपुर परमाणु संयंत्र के लिए नहरी पानी पहुंचाने के लिए बॉक्सनुमा नहर बनाने का काम जारी है। इसके लिए एनपीसीआईएल को प्रपोजल भेेजा गया था। अब नहर बनाने का काम जारी है और जल्द ही इसे बनाकर नहरी पानी एनपीसीआईएल तक पहुंचा दिया जाएगा।
-मनीष शर्मा, कार्यकारी अभियंता, सिंचाई विभाग टोहाना
कोट
नहर बनाने के लिए नहर की खुदाई व नींव भरने का काम आरंभ कर दिया गया है। यह नहर त्रिकोणीय होगी और इसके ऊपर बॉक्स लगाए जाएंगे। नहर के निर्माण के लिए 450 करोड़ रुपये की लागत आएगी।
-ओमप्रकाश बिश्नोई, एसई, सिंचाई विभाग, फतेहाबाद।

फतेेहाबाद। फतेहाबाद जिले की सबसे बड़ी और महंगी गोरखपुर परमाणु बिजली संयंत्र परियोजना के लिए पानी पहुंचाने के लिए का शुरू हो गया हे। इस परियोजना के लिए टोहाना के बलियाला हेड से गुुजरने वाली मुख्य भाखड़ा ब्रांच नहर को पंक्चर करके करीब 46 किलोमीटर तक बॉक्सनुमा त्रिकोणीय नहर को बनाया जाना प्रस्तावित है और इसकी नींव भरने का काम आरंभ कर दिया गया है। हालांकि इस पानी का जिले को मिलने वाले नहरी पानी से कोई संबंध नहीं रहेगा। जिले की नहरों से जो पानी किसानों को मिलता है, वह मिलता रहेगा।

बता दें कि फतेहाबाद के गांव गोरखपुर में न्यूक्लियर पावर काउंसिल ऑफ इंडिया लिमिटेड की ओर से 21 हजार करोड़ की लागत से न्यूक्लियर पावर प्लांट स्थापित किया जा रहा है और इस पर काम भी चल रहा है। 2800 मेगावाट की यहां पर 4 यूनिट लगनी हैं, यानि 700-700 मेगावाट की चार यूनिट। फिलहाल यहां पर पहले दो यूनिट काम करना आरंभ करेंगी और इसके बाद दो अलग यूनिटों को बनाया जाएगा। परमाणु बिजली संयंत्र के लिए पानी की आवश्यकता होती है, तो एनपीसीआईएल की ओर से सरकार से अपने प्रोजेक्ट के लिए नहरी पानी की डिमांड की गई थी। चूंकि फतेहाबाद जिला में नहरों का जाल बिछा हुआ है तो एनपीसीअईएल नहरी पानी पर ही निर्भर रहेगा। इसके लिए पहले फतेहाबाद के गांव काजलहेड़ी ब्रांच नहर से पानी लेने की बात कही गई थी, लेकिन यह बात सिरे नहीं चढ़ी। अब एनपीसीआईएल के प्रपोजल पर टोहाना से गुजर रही मुख्य भाखड़ा नहर से इसकी आपूर्ति की जाएगी।

450 करोड़ का है प्रोजेक्ट

सिंचाई विभाग ने मुख्य भाखड़ा नहर को पंक्चर कर गोरखपुर स्थित परमाणु संयंत्र तक नहरी पानी बिछाने के लिए 450 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट एनपीसीआईएल को दिया था। एनपीसीआईएल ने इसे मंजूरी दे दी और अब इस पर काम आरंभ हो गया है। टोहाना की भाखड़ा मुख्य ब्रांच नहर से गोरखपुर तक नई नहर के निर्माण के लिए 46 किलोमीटर बॉक्सनुमा त्रिकोणीय नहर का निर्माण किया जाएगा। त्रिकोणीय नहर 3 मीटर गहराई व 3 गुना चौड़ाई की होगी। जिसके ऊपर बॉक्स लगाकर उसे ढका जाएगा। इस काम के लिए नहर के की खुदाई और इसके साथ-साथ नहर की नींव रखने का काम आरंभ कर दिया गया है। नहर के निर्माण के बाद जल्द ही परमाणु संयंत्र को पानी मिलने लगेगा। भाखड़ा मुख्य ब्रांच से निकलने वाली यह बॉक्सनुमा नहर पहले 3 किलोमीटर तक सिद्धमुख नहर के साथ समानांतर चलेगी और इसके बाद यह काजलहेड़ी तक आने वाली फतेहाबाद मेन ब्रांच नहर के साथ-साथ गोरखपुर परमाणु संयंत्र तक पहुंचेेगी। यह भी ज्ञातव्य है कि इस नहर के निर्माण के लिए 10 हजार पेड़ भी काटे जा चुके हैं।

पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने किया था शिलान्यास

21 हजार करोड़ रुपये की इस परियोजना की सुगबुगाहट गोरखपुर में 2011 से आरंभ हो गई थी। 13 जनवरी 2014 को तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने इस परियोजना का शिलान्यास किया था। इस परियोजना के लिए हालांकि किसानों ने विरोध भी किया और लघु सचिवालय के सामने धरना देकर भी बैठे रहे, लेकिन बाद में सरकार व किसानों के बीच हुए समझौते के बाद इस परियोजना को पंख लग गए।

कोट

फतेहाबाद के गांव गोरखपुर में बन रहे गोरखपुर परमाणु संयंत्र के लिए नहरी पानी पहुंचाने के लिए बॉक्सनुमा नहर बनाने का काम जारी है। इसके लिए एनपीसीआईएल को प्रपोजल भेेजा गया था। अब नहर बनाने का काम जारी है और जल्द ही इसे बनाकर नहरी पानी एनपीसीआईएल तक पहुंचा दिया जाएगा।

-मनीष शर्मा, कार्यकारी अभियंता, सिंचाई विभाग टोहाना

कोट

नहर बनाने के लिए नहर की खुदाई व नींव भरने का काम आरंभ कर दिया गया है। यह नहर त्रिकोणीय होगी और इसके ऊपर बॉक्स लगाए जाएंगे। नहर के निर्माण के लिए 450 करोड़ रुपये की लागत आएगी।

-ओमप्रकाश बिश्नोई, एसई, सिंचाई विभाग, फतेहाबाद।

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Written by Haryanacircle

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