गैस पाइपलाइन कंपनी से डेढ़ करोड़ की ठगी के दो आरोपी गिरफ्तार


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गैस पाइपलाइन बिछाने वाली कंपनी से फर्जी रिकॉर्ड तैयार कर डेढ़ करोड़ की ठगी के आरोप में पुलिस ने तिलक नगर निवासी विकास और भिवानी चुंगी निवासी कर्मजीत को गिरफ्तार किया है। शुक्रवार को उन्हें अदालत में पेश किया गया, जहां से दोनों को छह दिन के लिए पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया।
सिटी थाना प्रभारी इंस्पेक्टर देशराज ने बताया कि जीएसपीएल इंडिया गैस नेट लिमिटेड के मैनेजर संजय भूषण ने शिकायत दी थी कि केंद्र सरकार की तरफ से कंपनी को गुजरात के मेहसाना से पानीपत तक भूमिगत गैस पाइपलाइन डालने का ठेका मिला है। साथ ही कंपनी गैस पाइपलाइन डालने के लिए जमीन का अधिग्रहण का कार्य भी कर रही है। इसके लिए किसानों को मुआवजा दिया जाता है। कंपनी ने यह कार्य सब कंपनी को सौंपा था। रिकॉर्ड के मिलान का कार्य सब कंपनी तिलक नगर निवासी विकास व अन्य को सौंपा था। रिपोर्ट के आधार पर कंपनी ने 1 करोड़ 68 लाख रुपये का मुआवजा वितरित किया। रिकॉर्ड का मिलान करवाया गया तो पता चला कि जिन लोगों ने राशि ली है, वे जमीन के मालिक नहीं हैं। इस तरह कंपनी के साथ डेढ़ करोड़ से ज्यादा की धोखाधड़ी की गई। सिटी पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। साथ ही मुख्य आरोपी विकास निवासी तिलक नगर रोहतक व उसके साथी कर्मजीत निवासी भिवानी चुंगी रोहतक को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी विकास सब कंपनी में कंप्यूटर ऑपरेटर था। कंपनी द्वारा मुआवजा वितरण के लिए जो अवॉर्ड तैयार किए जाते थे उसकी विकास द्वारा रिपोर्ट तैयार की जाती थी। आरोपी ने सरकारी विभाग, पंचायती विभाग व रेलवे विभाग की रिपोर्ट में फेरबदल कर अपने परिचितों के नाम भर दिए। कंपनी द्वारा चेक मिलने के बाद विकास अपने व अपने जानकारों के खाते में चेक लगाकर पैसे निकाल लेता था। आरोपी विकास, कर्मजीत व उसके जानकारों ने मिलकर एक करोड 68 लाख 65 हजार 655 रुपये की राशि हड़प ली।

गैस पाइपलाइन बिछाने वाली कंपनी से फर्जी रिकॉर्ड तैयार कर डेढ़ करोड़ की ठगी के आरोप में पुलिस ने तिलक नगर निवासी विकास और भिवानी चुंगी निवासी कर्मजीत को गिरफ्तार किया है। शुक्रवार को उन्हें अदालत में पेश किया गया, जहां से दोनों को छह दिन के लिए पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया।

सिटी थाना प्रभारी इंस्पेक्टर देशराज ने बताया कि जीएसपीएल इंडिया गैस नेट लिमिटेड के मैनेजर संजय भूषण ने शिकायत दी थी कि केंद्र सरकार की तरफ से कंपनी को गुजरात के मेहसाना से पानीपत तक भूमिगत गैस पाइपलाइन डालने का ठेका मिला है। साथ ही कंपनी गैस पाइपलाइन डालने के लिए जमीन का अधिग्रहण का कार्य भी कर रही है। इसके लिए किसानों को मुआवजा दिया जाता है। कंपनी ने यह कार्य सब कंपनी को सौंपा था। रिकॉर्ड के मिलान का कार्य सब कंपनी तिलक नगर निवासी विकास व अन्य को सौंपा था। रिपोर्ट के आधार पर कंपनी ने 1 करोड़ 68 लाख रुपये का मुआवजा वितरित किया। रिकॉर्ड का मिलान करवाया गया तो पता चला कि जिन लोगों ने राशि ली है, वे जमीन के मालिक नहीं हैं। इस तरह कंपनी के साथ डेढ़ करोड़ से ज्यादा की धोखाधड़ी की गई। सिटी पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। साथ ही मुख्य आरोपी विकास निवासी तिलक नगर रोहतक व उसके साथी कर्मजीत निवासी भिवानी चुंगी रोहतक को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी विकास सब कंपनी में कंप्यूटर ऑपरेटर था। कंपनी द्वारा मुआवजा वितरण के लिए जो अवॉर्ड तैयार किए जाते थे उसकी विकास द्वारा रिपोर्ट तैयार की जाती थी। आरोपी ने सरकारी विभाग, पंचायती विभाग व रेलवे विभाग की रिपोर्ट में फेरबदल कर अपने परिचितों के नाम भर दिए। कंपनी द्वारा चेक मिलने के बाद विकास अपने व अपने जानकारों के खाते में चेक लगाकर पैसे निकाल लेता था। आरोपी विकास, कर्मजीत व उसके जानकारों ने मिलकर एक करोड 68 लाख 65 हजार 655 रुपये की राशि हड़प ली।

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