in

गुरुद्वारा का लेंटर लगाते समय पैर फिसलने से मिस्त्री की मौत


ख़बर सुनें

सिरसा। डबवाली क्षेत्र के गांव मटदादू में गुरुद्वारा का लेंटर लगाते समय पैर फिसलने से मिस्त्री नीचे गिर गया और गंभीर रूप से घायल हो गया। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। गांव वासियों ने मामले की सूचना पुलिस और उनके परिजनों को दी। सोमवार को पुलिस ने मृतक के शव का पोस्टमार्टम करवाने के बाद उनके परिजनों को सौंप दिया।
बिहार के जिला मध्यपुरा गांव सरोली निवासी रामचंद्र शर्मा (52) बीते पांच माह से गांव मटदादू में गुरुद्वारे का निर्माण कार्य कर रहा था। रविवार को लेंटर लगाने के लिए शेटरिंग का सामान लगा रहा था। ऐसे में पैर फिसलने के कारण वह नीचे जमीन पर गिर गया और लोहे की प्लेटें उस पर गिर गईं। इससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। आसपास के लोगों ने उसे डबवाली के नागरिक अस्पताल में पहुंचाया। वहां से उसे सिरसा के नागरिक अस्पताल में रेफर कर दिया, लेकिन बीच रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। जिसके बाद ग्रामीणों ने मामले की सूचना पुलिस और मृतक के परिजनों को दी। परिजनों के सोमवार को सिरसा पहुंचने के बाद पुलिस ने उनके बयान दर्ज कर इतेफाकिया कार्रवाई करते हुए शव परिजनों को सौंप दिया है।
10 दिन बाद लड़कियों की शादी के लिए रामचंद्र को जाना था घर
मृतक के भतीजे सुनील शर्मा ने बताया कि उसका चाचा बीते 22 वर्षों से पंजाब और हरियाणा के अलग-अलग गांवों में गुरुद्वारा का निर्माण करता था। करीब पांच माह से वह मटदादू गांव में गुरुद्वारे का निर्माण कर रहा था। उन्होंने बताया कि मृतक की तीन लड़कियां है और एक लड़का है। लड़के की शादी हो चुकी है और लड़कियों की शादी करने के लिए वह तैयारी कर रहा था। इसके लिए करीब 10 दिन बाद उसने वापस घर जाना था, लेकिन हादसे के कारण उसकी मौत हो गई है।

सिरसा। डबवाली क्षेत्र के गांव मटदादू में गुरुद्वारा का लेंटर लगाते समय पैर फिसलने से मिस्त्री नीचे गिर गया और गंभीर रूप से घायल हो गया। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। गांव वासियों ने मामले की सूचना पुलिस और उनके परिजनों को दी। सोमवार को पुलिस ने मृतक के शव का पोस्टमार्टम करवाने के बाद उनके परिजनों को सौंप दिया।

बिहार के जिला मध्यपुरा गांव सरोली निवासी रामचंद्र शर्मा (52) बीते पांच माह से गांव मटदादू में गुरुद्वारे का निर्माण कार्य कर रहा था। रविवार को लेंटर लगाने के लिए शेटरिंग का सामान लगा रहा था। ऐसे में पैर फिसलने के कारण वह नीचे जमीन पर गिर गया और लोहे की प्लेटें उस पर गिर गईं। इससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। आसपास के लोगों ने उसे डबवाली के नागरिक अस्पताल में पहुंचाया। वहां से उसे सिरसा के नागरिक अस्पताल में रेफर कर दिया, लेकिन बीच रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। जिसके बाद ग्रामीणों ने मामले की सूचना पुलिस और मृतक के परिजनों को दी। परिजनों के सोमवार को सिरसा पहुंचने के बाद पुलिस ने उनके बयान दर्ज कर इतेफाकिया कार्रवाई करते हुए शव परिजनों को सौंप दिया है।

10 दिन बाद लड़कियों की शादी के लिए रामचंद्र को जाना था घर

मृतक के भतीजे सुनील शर्मा ने बताया कि उसका चाचा बीते 22 वर्षों से पंजाब और हरियाणा के अलग-अलग गांवों में गुरुद्वारा का निर्माण करता था। करीब पांच माह से वह मटदादू गांव में गुरुद्वारे का निर्माण कर रहा था। उन्होंने बताया कि मृतक की तीन लड़कियां है और एक लड़का है। लड़के की शादी हो चुकी है और लड़कियों की शादी करने के लिए वह तैयारी कर रहा था। इसके लिए करीब 10 दिन बाद उसने वापस घर जाना था, लेकिन हादसे के कारण उसकी मौत हो गई है।

.


निकाय चुनाव : पार्षद पद के पांच नामांकन खारिज

अब नौ नहीं तीन माह के अंतराल में लगेगी बूस्टर डोज