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‘क्या ऐसे शौचालय में जा सकती हैं आपकी बेटियां’


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कैथल। डीसी डॉ. संगीता तेतरवाल ने मंगलवार को गांव शेरगढ़ के राजकीय विद्यालय का निरीक्षण किया। इस दौरान अव्यवस्थाएं देख उन्होंने स्कूल इंचार्ज और अध्यापकों की जमकर खिंचाई की। स्कूल में शौचालय की हालत देखकर उन्होंने सवाल किया कि क्या आपकी बेटियां इसमें जा सकती हैं। बच्चे की ओर से अंग्रेजी का उच्चारण नहीं कर पाने पर भी उन्होंने सख्त टिप्पणी की। उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी को दो अध्यापकों के खिलाफ कार्रवाई और स्कूल प्रभारी बदलने के निर्देश दिए। साथ ही जल्द दोबारा निरीक्षण करने और सुधार नहीं होने पर और कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी।
गांव शेरगढ़ के राजकीय विद्यालय में मंगलवार को डीसी डा. संगीता तेतरवाल अचानक निरीक्षण के लिए पहुंची। एक कक्षा में उन्होंने जब टीजीटी अध्यापक राजेश से सवाल किया तो उन्होंने संस्कृत पढ़ाने की जानकारी दी, जबकि बच्चों के हाथ में दूसरे विषय की किताबें थीं। इस पर डीसी ने जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) शमशेर सिंह सिरोही को अध्यापक के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के निर्देश जारी कर दिए। इसके पहले डीसी ने प्रवेश के दौरान गेट पर गैस सिलिंडर के इंतजार में खड़े मिले बच्चे से जब बोर्ड पर लिखे स्टेटिड शब्द का उच्चारण करने के लिए कहा तो बच्चे ने उसे स्टूडेंट पढ़ दिया।
इस पर डीसी ने कहा कि बच्चों से यदि सिलिंडर के लिए इंतजार करवाओगे तो यही हाल होगा। इस नाराज डीसी ने संबंधित अध्यापक के खिलाफ भी कार्रवाई के लिए कहा। इसके बाद डीसी डा. संगीता तेतरवाल लड़कियों के शौचालयों की ओर जा पहुंचीं। वहां के हालात देखकर डीसी ने स्कूल इंचार्ज को फटकार लगाई। डीसी ने कहा कि क्या आपकी बेटियां ऐसे शौचालय में जा सकती हैं। यदि नहीं, तो स्कूल में ऐसे हालात क्यों? उन्होंने डीईओ शमशेर सिंह सिरोही से कहा कि स्कूल इंचार्ज दलबीर सिंह के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाए और स्कूल का चार्ज किसी योग्य अध्यापक को देने की प्रक्रिया शुरू करें।
बच्चों से किया सीधा संवाद, दी नसीहत
डीसी ने बच्चों से सीधा संवाद किया। उन्होंने बारहवीं कक्षा के विद्यार्थियों से कुछ प्रश्न भी पूछे। उन्होंने कहा कि मां-बाप बड़ी उम्मीदों के साथ त्याग कर बच्चों को स्कूलों में भेजते हैं। खुद खेतीबाड़ी व अन्य मेहनत का कार्य करते हैं। सभी बच्चे पढ़ाई में विशेष ध्यान लगाकर अपने व मां-बाप के सपनों को पूरा करने का कार्य करें। बेहतर भविष्य बनाने के लिए पढ़ाई के साथ-साथ रुचि अनुसार अन्य गतिविधियों में भी हिस्सा लेें।
जब डीसी ने चाय पीने से किया था इंकार
डीसी बीते माह राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय जाखौली अड्डा कर चुकी हैं। वहां सफाई व्यवस्था ठीक न मिलने पर डीसी ने अध्यापकों को कड़ी फटकार लगाई थी। साथ ही वहां चाय तक पीने से इंकार कर दिया था।

04-कैथल। राजकीय स्कूल शेरगढ़ में औचक निरीक्षण के दौरान एक कक्षा में विद्यार्थियों की कॉपी चैक करत?

04-कैथल। राजकीय स्कूल शेरगढ़ में औचक निरीक्षण के दौरान एक कक्षा में विद्यार्थियों की कॉपी चैक करत?– फोटो : Kaithal

कैथल। डीसी डॉ. संगीता तेतरवाल ने मंगलवार को गांव शेरगढ़ के राजकीय विद्यालय का निरीक्षण किया। इस दौरान अव्यवस्थाएं देख उन्होंने स्कूल इंचार्ज और अध्यापकों की जमकर खिंचाई की। स्कूल में शौचालय की हालत देखकर उन्होंने सवाल किया कि क्या आपकी बेटियां इसमें जा सकती हैं। बच्चे की ओर से अंग्रेजी का उच्चारण नहीं कर पाने पर भी उन्होंने सख्त टिप्पणी की। उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी को दो अध्यापकों के खिलाफ कार्रवाई और स्कूल प्रभारी बदलने के निर्देश दिए। साथ ही जल्द दोबारा निरीक्षण करने और सुधार नहीं होने पर और कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी।

गांव शेरगढ़ के राजकीय विद्यालय में मंगलवार को डीसी डा. संगीता तेतरवाल अचानक निरीक्षण के लिए पहुंची। एक कक्षा में उन्होंने जब टीजीटी अध्यापक राजेश से सवाल किया तो उन्होंने संस्कृत पढ़ाने की जानकारी दी, जबकि बच्चों के हाथ में दूसरे विषय की किताबें थीं। इस पर डीसी ने जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) शमशेर सिंह सिरोही को अध्यापक के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के निर्देश जारी कर दिए। इसके पहले डीसी ने प्रवेश के दौरान गेट पर गैस सिलिंडर के इंतजार में खड़े मिले बच्चे से जब बोर्ड पर लिखे स्टेटिड शब्द का उच्चारण करने के लिए कहा तो बच्चे ने उसे स्टूडेंट पढ़ दिया।

इस पर डीसी ने कहा कि बच्चों से यदि सिलिंडर के लिए इंतजार करवाओगे तो यही हाल होगा। इस नाराज डीसी ने संबंधित अध्यापक के खिलाफ भी कार्रवाई के लिए कहा। इसके बाद डीसी डा. संगीता तेतरवाल लड़कियों के शौचालयों की ओर जा पहुंचीं। वहां के हालात देखकर डीसी ने स्कूल इंचार्ज को फटकार लगाई। डीसी ने कहा कि क्या आपकी बेटियां ऐसे शौचालय में जा सकती हैं। यदि नहीं, तो स्कूल में ऐसे हालात क्यों? उन्होंने डीईओ शमशेर सिंह सिरोही से कहा कि स्कूल इंचार्ज दलबीर सिंह के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाए और स्कूल का चार्ज किसी योग्य अध्यापक को देने की प्रक्रिया शुरू करें।

बच्चों से किया सीधा संवाद, दी नसीहत

डीसी ने बच्चों से सीधा संवाद किया। उन्होंने बारहवीं कक्षा के विद्यार्थियों से कुछ प्रश्न भी पूछे। उन्होंने कहा कि मां-बाप बड़ी उम्मीदों के साथ त्याग कर बच्चों को स्कूलों में भेजते हैं। खुद खेतीबाड़ी व अन्य मेहनत का कार्य करते हैं। सभी बच्चे पढ़ाई में विशेष ध्यान लगाकर अपने व मां-बाप के सपनों को पूरा करने का कार्य करें। बेहतर भविष्य बनाने के लिए पढ़ाई के साथ-साथ रुचि अनुसार अन्य गतिविधियों में भी हिस्सा लेें।

जब डीसी ने चाय पीने से किया था इंकार

डीसी बीते माह राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय जाखौली अड्डा कर चुकी हैं। वहां सफाई व्यवस्था ठीक न मिलने पर डीसी ने अध्यापकों को कड़ी फटकार लगाई थी। साथ ही वहां चाय तक पीने से इंकार कर दिया था।

04-कैथल। राजकीय स्कूल शेरगढ़ में औचक निरीक्षण के दौरान एक कक्षा में विद्यार्थियों की कॉपी चैक करत?

04-कैथल। राजकीय स्कूल शेरगढ़ में औचक निरीक्षण के दौरान एक कक्षा में विद्यार्थियों की कॉपी चैक करत?– फोटो : Kaithal

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