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कौशल निगम ने बढ़ाया कर्मचारियों का दर्द, बैंक खाते में एक रुपया डाल भुला विभाग


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नवनीत शर्मा
भिवानी। सरकार द्वारा अनुबंध आधार पर लगे कर्मचारियों को रोजगार की गारंटी देने के नाम पर हरियाणा कौशल रोजगार निगम बना था। जिले में स्वास्थ्य विभाग के 311 कर्मचारियों में से करीब 250 कर्मचारी कौशल निगम में आ चुके हैं। विभाग की अव्यवस्था के कारण इस कौशल निगम ने कर्मचारियों का दर्द बढ़ा दिया है। स्वास्थ्य विभाग में लगे निगम के कंप्यूटर ऑपरेटर की 15500 रुपये प्रति माह का वेतन है, जबकि उनके खातों में महज एक रुपया आया है। ऐसे में विभाग ने इनके खातों में एक-एक रुपया डालकर भूल दिया, जिसका खामियाजा इन कर्मचारियों को भुगताना पड़ रहा है। बार-बार अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर काटने के बाद उन्हें सिर्फ आश्वासन ही मिला है मगर उनके खातों में वेतन कब आएगा इसकी जानकारी कोई नहीं दे रहा। हालांकि विभाग के अधिकारियों की दलील है कि उनके खातों की पुष्टि करने के लिए शुरुआत में एक-एक रुपया डाला गया था और बाकी का बकाया वेतन भी जल्दी आ जाएगा। मगर तीन माह से उनका वेतन जारी नहीं हुआ है।
25 से 30 कर्मचारियों का आठ माह से नहीं आया वेतन
नागरिक अस्पताल में कार्यरत 25 से 30 कर्मचारी ऐसे है, जिनमें किसी का आठ तो किसी का छह माह से वेतन नहीं आया है। इनमें से कुछ कर्मचारियों को कंपनी के ठेकेदार ने नौकरी से निकाल दिया था। विभाग के आदेशों और कर्मचारियों की हड़ताल के कारण ठेकेदार न इन कर्मचारियों को नौकरी पर वापस तो ले दिया मगर उनका वेतन अभी तक ठीक से जारी नहीं किया। इसके अलावा नागरिक अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए 32 सुरक्षाकर्मी तैनात किए हुए है, जिनका मार्च सहित तीन माह का वेतन नहीं आया है।
ड्यूटी पहुंचने के लिए परिजनों से मांग रहे किराया
कर्मचारियों को लंबे समय से वेतन न मिलने के कारण उनका घर खर्च चलाया मुश्किल हो गया है। कर्मचारी अपने घर का राशन, सब्जी सहित अन्य सामान लेकर आने के लिए परिचितों से उधार मांगने को मजबूर है। साथ ही वे घर से अस्पताल ड्यूटी पर आने के लिए परिजनों से किराया मांगने के लिए मजबूर है। इसके अलावा कुछ कर्मचारी सिरसा, फतेहाबाद, जींद सहित अन्य जिलों से है, जिन्होंने शहर में किराये का मकान लेकर रहने के लिए विवश है। ऐसे में कर्मचारियों का काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
बजट न आने से 20 से अधिक कर्मचारी असमंजस में फंसे
सरकार की ओर से अनुबंध प्रथा को बंद करके कौशल निगम बनाया था। इसमें जो भी अनुबंध पर कर्मचारी लगे थे उन्हें उसी पोस्ट पर कौशल निगम में स्थानांतरित करना था। इसके लिए विभाग द्वारा पीएमओ कार्यालय में कर्मचारियों के तय दस्तावेज जमा भी किए। नागरिक अस्पताल में कार्यरत 311 कर्मचारियों में से करीब 250 कर्मचारियों का डाटा कौशल निगम में रजिस्टर्ड हो चुका है और कुछ कर्मचारियों की प्रक्रिया जारी है। हालांकि इनमें से करीब 20 कर्मचारी ऐसे है, जिनका न तो निगम में रजिस्ट्रेशन हो पाया और न ही निगम में उनके नौकरी की पोस्ट दिखाई गई। इसमें छह लिफ्ट ऑपरेटर, चार सुपरवाइजर सहित आठ से 10 सहायक व अन्य पोस्ट के कर्मचारी है। ऐसे में ये कर्मचारी असमंजस में है मगर मजबूरी में वे बिना वेतन के ही नौकरी पर आ रहे है।
आज सिविल सर्जन को सौंपेंगे ज्ञापन : दीपक तंवर
नागरिक अस्पताल के कर्मचारियों को पिछले तीन माह से वेतन नहीं मिला, जिसकी वजह से उनका घर खर्च चलाना मुश्किल हो गया है। ऐसे में कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर सोमवार सुबह सिविल सर्जन को ज्ञापन सौंपा जाएगा, जिसमें दो दिन के अंदर कर्मचारियों को वेतन जारी करने की मांग की जाएगी। मगर विभाग मांग पूरी नहीं करता है तो कर्मचारी काम छोड़ हड़ताल पर जाएंगे, जिसका जिम्मेवार खुद स्वास्थ्य विभाग प्रशासन होगा।
– दीपक तंवर, प्रधान, नागरिक अस्पताल अनुबंध कर्मचारी यूनियन।
वर्जन:
अनुबंध आधार पर लगे अधिकतर कर्मचारियों को कौशल निगम में रजिस्टर्ड कर दिया गया है, बाकी के कर्मचारियों की प्रक्रिया जारी है। इन कर्मचारियों का दो से तीन माह का जो वेतन बकाया है उसे पूरा करने की प्रक्रिया जारी है। पिछले दिनों कर्मचारियों के खातों को चेक करने के लिए एक-एक रुपया डाला गया था, जिसमें जल्द ही पूरा बकाया वेतन डाल दिया जाएगा।
– डॉ. एडविन, प्रधान चिकित्सा अधिकारी।

नवनीत शर्मा

भिवानी। सरकार द्वारा अनुबंध आधार पर लगे कर्मचारियों को रोजगार की गारंटी देने के नाम पर हरियाणा कौशल रोजगार निगम बना था। जिले में स्वास्थ्य विभाग के 311 कर्मचारियों में से करीब 250 कर्मचारी कौशल निगम में आ चुके हैं। विभाग की अव्यवस्था के कारण इस कौशल निगम ने कर्मचारियों का दर्द बढ़ा दिया है। स्वास्थ्य विभाग में लगे निगम के कंप्यूटर ऑपरेटर की 15500 रुपये प्रति माह का वेतन है, जबकि उनके खातों में महज एक रुपया आया है। ऐसे में विभाग ने इनके खातों में एक-एक रुपया डालकर भूल दिया, जिसका खामियाजा इन कर्मचारियों को भुगताना पड़ रहा है। बार-बार अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर काटने के बाद उन्हें सिर्फ आश्वासन ही मिला है मगर उनके खातों में वेतन कब आएगा इसकी जानकारी कोई नहीं दे रहा। हालांकि विभाग के अधिकारियों की दलील है कि उनके खातों की पुष्टि करने के लिए शुरुआत में एक-एक रुपया डाला गया था और बाकी का बकाया वेतन भी जल्दी आ जाएगा। मगर तीन माह से उनका वेतन जारी नहीं हुआ है।

25 से 30 कर्मचारियों का आठ माह से नहीं आया वेतन

नागरिक अस्पताल में कार्यरत 25 से 30 कर्मचारी ऐसे है, जिनमें किसी का आठ तो किसी का छह माह से वेतन नहीं आया है। इनमें से कुछ कर्मचारियों को कंपनी के ठेकेदार ने नौकरी से निकाल दिया था। विभाग के आदेशों और कर्मचारियों की हड़ताल के कारण ठेकेदार न इन कर्मचारियों को नौकरी पर वापस तो ले दिया मगर उनका वेतन अभी तक ठीक से जारी नहीं किया। इसके अलावा नागरिक अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए 32 सुरक्षाकर्मी तैनात किए हुए है, जिनका मार्च सहित तीन माह का वेतन नहीं आया है।

ड्यूटी पहुंचने के लिए परिजनों से मांग रहे किराया

कर्मचारियों को लंबे समय से वेतन न मिलने के कारण उनका घर खर्च चलाया मुश्किल हो गया है। कर्मचारी अपने घर का राशन, सब्जी सहित अन्य सामान लेकर आने के लिए परिचितों से उधार मांगने को मजबूर है। साथ ही वे घर से अस्पताल ड्यूटी पर आने के लिए परिजनों से किराया मांगने के लिए मजबूर है। इसके अलावा कुछ कर्मचारी सिरसा, फतेहाबाद, जींद सहित अन्य जिलों से है, जिन्होंने शहर में किराये का मकान लेकर रहने के लिए विवश है। ऐसे में कर्मचारियों का काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

बजट न आने से 20 से अधिक कर्मचारी असमंजस में फंसे

सरकार की ओर से अनुबंध प्रथा को बंद करके कौशल निगम बनाया था। इसमें जो भी अनुबंध पर कर्मचारी लगे थे उन्हें उसी पोस्ट पर कौशल निगम में स्थानांतरित करना था। इसके लिए विभाग द्वारा पीएमओ कार्यालय में कर्मचारियों के तय दस्तावेज जमा भी किए। नागरिक अस्पताल में कार्यरत 311 कर्मचारियों में से करीब 250 कर्मचारियों का डाटा कौशल निगम में रजिस्टर्ड हो चुका है और कुछ कर्मचारियों की प्रक्रिया जारी है। हालांकि इनमें से करीब 20 कर्मचारी ऐसे है, जिनका न तो निगम में रजिस्ट्रेशन हो पाया और न ही निगम में उनके नौकरी की पोस्ट दिखाई गई। इसमें छह लिफ्ट ऑपरेटर, चार सुपरवाइजर सहित आठ से 10 सहायक व अन्य पोस्ट के कर्मचारी है। ऐसे में ये कर्मचारी असमंजस में है मगर मजबूरी में वे बिना वेतन के ही नौकरी पर आ रहे है।

आज सिविल सर्जन को सौंपेंगे ज्ञापन : दीपक तंवर

नागरिक अस्पताल के कर्मचारियों को पिछले तीन माह से वेतन नहीं मिला, जिसकी वजह से उनका घर खर्च चलाना मुश्किल हो गया है। ऐसे में कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर सोमवार सुबह सिविल सर्जन को ज्ञापन सौंपा जाएगा, जिसमें दो दिन के अंदर कर्मचारियों को वेतन जारी करने की मांग की जाएगी। मगर विभाग मांग पूरी नहीं करता है तो कर्मचारी काम छोड़ हड़ताल पर जाएंगे, जिसका जिम्मेवार खुद स्वास्थ्य विभाग प्रशासन होगा।

– दीपक तंवर, प्रधान, नागरिक अस्पताल अनुबंध कर्मचारी यूनियन।

वर्जन:

अनुबंध आधार पर लगे अधिकतर कर्मचारियों को कौशल निगम में रजिस्टर्ड कर दिया गया है, बाकी के कर्मचारियों की प्रक्रिया जारी है। इन कर्मचारियों का दो से तीन माह का जो वेतन बकाया है उसे पूरा करने की प्रक्रिया जारी है। पिछले दिनों कर्मचारियों के खातों को चेक करने के लिए एक-एक रुपया डाला गया था, जिसमें जल्द ही पूरा बकाया वेतन डाल दिया जाएगा।

– डॉ. एडविन, प्रधान चिकित्सा अधिकारी।

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