in

कोर्ट ने आरोपी पर लगाया एक साल की सजा व दस लाख रुपये का जुर्माना


ख़बर सुनें

भिवानी। भिवानी में एक व्यक्ति द्वारा फाइनेंस पर लोन के बाद लोन न चुकाना महंगा पड़ गया, जिसके बाद न्यायालय भिवानी में विचाराधीन मामले में सुनवाई करते हुए एडिशनल सेशन जज ने आरोपी को एक वर्ष की सजा व दस लाख रुपये का जुर्माना लगाए जाने के आदेश दिए हैं, जिसके बाद आरोपी को जिला कारागार भेज दिया गया।
इस मामले में शिकायतकर्ता फाइनेंस कंपनी के अधिवक्ता रमेश सांगवान ने बताया कि जिले के गांव हरिपुर निवासी चंद्रभान ने श्रीराम फाइनेंस कंपनी भिवानी ब्रांच से दो गाड़ियां खरीदने के लिए अलग-अलग लोन लिया था। चंद्रभान द्वारा एक गाड़ी का लोन तो चुका दिया गया, लेकिन दूसरी गाड़ी एनएच-61-ए-9677 के लोन की किश्तें समय पर नहीं चुकाई गई। काफी किश्तें लंबित होने के बाद चंद्रभान ने लोन चुकता करने के लिए वन टाइम सेटलमेंट के तहत सात लाख 65 हजार रुपये का चेक फाइनेंस कंपनी की भिवानी ब्रांच को दिया, जो कि बाउंस हो गया। जिसके बाद वर्ष 2017 में चंद्रभान को निचली अदालत ने दोषी करार देते हुए एक वर्ष की सजा व 10 लाख रुपये का जुर्माना भरने के आदेश दिए थे। अधिवक्ता सांगवान ने बताया कि निचली अदालत के फैसले के खिलाफ दोषी चंद्रभान ने सेशन जज भिवानी के समक्ष 16 सितंबर 2017 को क्रिमिनल अपील की। जिसके बाद दोनों पक्षों को सुनने के बाद एडिशनल सेशन जज भिवानी रजनी यादव ने निचली अदालत के फैसले को सही ठहराते हुए दोषी चंद्रभान को एक वर्ष की सजा व दस लाख रुपये का जुर्माना भरने के आदेश दिए। जिसके बाद आरोपी चंद्रभान को भिवानी जिला कारागार ले जाया गया।

भिवानी। भिवानी में एक व्यक्ति द्वारा फाइनेंस पर लोन के बाद लोन न चुकाना महंगा पड़ गया, जिसके बाद न्यायालय भिवानी में विचाराधीन मामले में सुनवाई करते हुए एडिशनल सेशन जज ने आरोपी को एक वर्ष की सजा व दस लाख रुपये का जुर्माना लगाए जाने के आदेश दिए हैं, जिसके बाद आरोपी को जिला कारागार भेज दिया गया।

इस मामले में शिकायतकर्ता फाइनेंस कंपनी के अधिवक्ता रमेश सांगवान ने बताया कि जिले के गांव हरिपुर निवासी चंद्रभान ने श्रीराम फाइनेंस कंपनी भिवानी ब्रांच से दो गाड़ियां खरीदने के लिए अलग-अलग लोन लिया था। चंद्रभान द्वारा एक गाड़ी का लोन तो चुका दिया गया, लेकिन दूसरी गाड़ी एनएच-61-ए-9677 के लोन की किश्तें समय पर नहीं चुकाई गई। काफी किश्तें लंबित होने के बाद चंद्रभान ने लोन चुकता करने के लिए वन टाइम सेटलमेंट के तहत सात लाख 65 हजार रुपये का चेक फाइनेंस कंपनी की भिवानी ब्रांच को दिया, जो कि बाउंस हो गया। जिसके बाद वर्ष 2017 में चंद्रभान को निचली अदालत ने दोषी करार देते हुए एक वर्ष की सजा व 10 लाख रुपये का जुर्माना भरने के आदेश दिए थे। अधिवक्ता सांगवान ने बताया कि निचली अदालत के फैसले के खिलाफ दोषी चंद्रभान ने सेशन जज भिवानी के समक्ष 16 सितंबर 2017 को क्रिमिनल अपील की। जिसके बाद दोनों पक्षों को सुनने के बाद एडिशनल सेशन जज भिवानी रजनी यादव ने निचली अदालत के फैसले को सही ठहराते हुए दोषी चंद्रभान को एक वर्ष की सजा व दस लाख रुपये का जुर्माना भरने के आदेश दिए। जिसके बाद आरोपी चंद्रभान को भिवानी जिला कारागार ले जाया गया।

.


Gurgaon News : पेमेंट लेने के बाद भी नहीं दिया पजेशन, कोर्ट ने बिल्डर पर FIR दर्ज के दिए आदेश

प्रॉपर्टी आईडी बनवाने के लिए भटक रहे लोग, नप कार्यालय में कर्मचारियों व अधिकारियों की कुर्सी खाली