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कैसे आएगी हरियाली, यहां कागजों में ही लगा देते हैं हर वार्ड में पौधे


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यमुनानगर। शहर में हरियाली कैसे आएगी, जब कागजों में ही निगम के जिम्मेदारों ने हर वार्ड में 300-300 पौधे लगा दिए।इस उदासीनता से नगर निगम अफसरों की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में है। गौरतलब है कि शहर में लगे पेड़ों को बचाने व वार्डों में पौधे लगाने को लेकर सदन की बैठकों में मंजूर प्रस्तावों पर दो वर्षों बाद काम नहीं हुआ।
उल्लेखनीय है कि उपरोक्त प्रस्ताव वर्ष-2019 में नगर निगम की सदन की बैठकों में मंजूर की गई थी। इसमें एक प्रस्ताव नगर निगम के सभी 22 वार्ड में 300-300 पौधे लगाने का था। इनके तहत हर वार्ड में 100 बरगद, 100 पीपल व 100 नीम के पौधे लगने थे, किंतु दो साल बाद भी यह पौधे नहीं लग पाए। यही नहीं पेड़ों की लोगों द्वारा बेरोकटोक कटाई होती देख सदन की बैठक में पेड़ों पर नंबर लिखने का भी प्रस्ताव पास किया गया था। ताकि निगम एरिया में लगा कोई पेड़ कटे, तो उसका पता चल सके और मामले में नियमानुसार कार्रवाई की जा सके।
नंबरिंग न होने से कट रहे पेड़
एचईएस (हरियाणा एनवारनमेंटल सोसाइटी) के प्रेसिडेंट एवं ग्रीन मैन से पहचान रखने वाले प्रो. एसएल सैनी ने कहा कि उनके लगाए पौधे दो तीन दशक बाद पेड़ बने तो उन्हें काटा जा रहा है। कहीं विकास कार्य तो कहीं लोग अपने स्वार्थ के लिए मनमर्जी से पेड़ों पर कुल्हाड़ी चला रहे हैं। इसे लेकर नगर निगम और स्थानीय प्रशासन से पेड़ों के संरक्षण व पेड़ काटने वालों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, किंतु सुनवाई नहीं हुई। पेड़ों पर नंबरिंग की भी मांग थी, जिसका प्रस्ताव निगम की सदन बैठक में भी मंजूर हुआ, पर उस पर भी काम नहीं हुआ। जबकि पेड़ों पर नंबरिंग व निगम के पास सही डाटा न होने से उनके कटने पर कार्रवाई नहीं हो पाती।
वार्ड पार्षदों को दिए ही नहीं पौधे
वार्ड-4 के कांग्रेसी पार्षद देवेंद्र सिंह ने कहा कि हर वार्ड में 300 पौधे लगाने का प्रस्ताव सदन की बैठक में मंजूर कराया था, पर वार्ड पार्षदों को पौधे दिए ही नहीं गए। आरोप है कि सदन की बैठकों में पास हुए अधिकांश प्रस्तावों को निगम अफसर गंभीरता से नहीं ले रहे। वार्ड में पौधे लगाने के लिए काफी जमीन है। निगम स्तर पर पौधे लगाने का काम नहीं हो रहा, ये देख इस बार वे खुद पौधे लगाएंगे।
दो बरसाती सीजन निकले, नहीं लगे पौधे
वार्ड-13 से कांग्रेसी पार्षद निर्मल चौहान ने कहा कि दो बरसाती सीजन निकल गए, पर सदन में मंजूर हर वार्ड में 300-300 पौधे लगाने के प्रस्ताव निगम अफसरों में अमल में नहीं लाया। अब मानसून करीब है, तब भी यह काम करने में जिम्मेदारों कोई दिलचस्पी नहीं दिख रही। जबकि कई बार वार्ड में लगाने के लिए पौधे मांग चुके हैं।
नगर निगम सदन की बैठक में मंजूर जिन प्रस्तावों पर काम बाकी है, उन्हें कराने के लिए संबंधित अफसरों को निर्देश दिए गए हैं।
– मदन चौहान, मेयर, नगर निगम।

यमुनानगर। शहर में हरियाली कैसे आएगी, जब कागजों में ही निगम के जिम्मेदारों ने हर वार्ड में 300-300 पौधे लगा दिए।इस उदासीनता से नगर निगम अफसरों की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में है। गौरतलब है कि शहर में लगे पेड़ों को बचाने व वार्डों में पौधे लगाने को लेकर सदन की बैठकों में मंजूर प्रस्तावों पर दो वर्षों बाद काम नहीं हुआ।

उल्लेखनीय है कि उपरोक्त प्रस्ताव वर्ष-2019 में नगर निगम की सदन की बैठकों में मंजूर की गई थी। इसमें एक प्रस्ताव नगर निगम के सभी 22 वार्ड में 300-300 पौधे लगाने का था। इनके तहत हर वार्ड में 100 बरगद, 100 पीपल व 100 नीम के पौधे लगने थे, किंतु दो साल बाद भी यह पौधे नहीं लग पाए। यही नहीं पेड़ों की लोगों द्वारा बेरोकटोक कटाई होती देख सदन की बैठक में पेड़ों पर नंबर लिखने का भी प्रस्ताव पास किया गया था। ताकि निगम एरिया में लगा कोई पेड़ कटे, तो उसका पता चल सके और मामले में नियमानुसार कार्रवाई की जा सके।

नंबरिंग न होने से कट रहे पेड़

एचईएस (हरियाणा एनवारनमेंटल सोसाइटी) के प्रेसिडेंट एवं ग्रीन मैन से पहचान रखने वाले प्रो. एसएल सैनी ने कहा कि उनके लगाए पौधे दो तीन दशक बाद पेड़ बने तो उन्हें काटा जा रहा है। कहीं विकास कार्य तो कहीं लोग अपने स्वार्थ के लिए मनमर्जी से पेड़ों पर कुल्हाड़ी चला रहे हैं। इसे लेकर नगर निगम और स्थानीय प्रशासन से पेड़ों के संरक्षण व पेड़ काटने वालों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, किंतु सुनवाई नहीं हुई। पेड़ों पर नंबरिंग की भी मांग थी, जिसका प्रस्ताव निगम की सदन बैठक में भी मंजूर हुआ, पर उस पर भी काम नहीं हुआ। जबकि पेड़ों पर नंबरिंग व निगम के पास सही डाटा न होने से उनके कटने पर कार्रवाई नहीं हो पाती।

वार्ड पार्षदों को दिए ही नहीं पौधे

वार्ड-4 के कांग्रेसी पार्षद देवेंद्र सिंह ने कहा कि हर वार्ड में 300 पौधे लगाने का प्रस्ताव सदन की बैठक में मंजूर कराया था, पर वार्ड पार्षदों को पौधे दिए ही नहीं गए। आरोप है कि सदन की बैठकों में पास हुए अधिकांश प्रस्तावों को निगम अफसर गंभीरता से नहीं ले रहे। वार्ड में पौधे लगाने के लिए काफी जमीन है। निगम स्तर पर पौधे लगाने का काम नहीं हो रहा, ये देख इस बार वे खुद पौधे लगाएंगे।

दो बरसाती सीजन निकले, नहीं लगे पौधे

वार्ड-13 से कांग्रेसी पार्षद निर्मल चौहान ने कहा कि दो बरसाती सीजन निकल गए, पर सदन में मंजूर हर वार्ड में 300-300 पौधे लगाने के प्रस्ताव निगम अफसरों में अमल में नहीं लाया। अब मानसून करीब है, तब भी यह काम करने में जिम्मेदारों कोई दिलचस्पी नहीं दिख रही। जबकि कई बार वार्ड में लगाने के लिए पौधे मांग चुके हैं।

नगर निगम सदन की बैठक में मंजूर जिन प्रस्तावों पर काम बाकी है, उन्हें कराने के लिए संबंधित अफसरों को निर्देश दिए गए हैं।

– मदन चौहान, मेयर, नगर निगम।

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