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कैमरी रोड पर निर्माणाधीन आरओबी की गार्डर लांचिंग ड्राइंग को रेलवे से मिली मंजूरी


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अमित भारद्वाज
हिसार। कैमरी रोड रेलवे फाटक पर बनाए जा रहे रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) के निर्माण में आ रही आखिरी अड़चन दूर हो गई है। इसके साथ ही आरओबी जल्द ही बनकर तैयार हो जाएगा। रेलवे ने गार्डर लांचिंग ड्राइंग को मंजूरी दे दी है। आठ माह पहले बीएंडआर ने यह ड्राइंग रेलवे को भेजी थी। गार्डर लांचिंग में कम से कम तीन माह का समय लगेगा। उधर 26 अगस्त को इस प्रोजेक्ट की डेडलाइन खत्म हो रही है।
बता दें कि कैमरी रोड रेलवे फाटक पर आरओबी के साथ आरयूबी (रेलवे अंडरपास) भी बनाया जाना है। आरयूबी बनकर तैयार हो चुका है। वहीं रेलवे ट्रैक के ऊपर वाले हिस्से पर गार्डर लांचिंग को छोड़कर आरओबी का बाकी काम पूरा हो चुका है। चूंकि गार्डर लांचिंग ड्राइंग को रेलवे की मंजूरी नहीं मिली थी, जिस कारण से यह काम शुरू नहीं हो पा रहा था। बीएंडआर की तरफ से दिसंबर 2021 में यह ड्राइंग रेलवे को भेजी गई थी।
तीसरा दफा बढ़ानी पड़ेगी डेडलाइन
आरओबी की गार्डर लांचिंग में कम से कम तीन माह का समय लगेगा। वहीं 26 अगस्त को प्रोजेक्ट की डेडलाइन खत्म हो रही है। इस हिसाब से विभाग को इसकी डेडलाइन बढ़ानी पड़ेगी। इससे पहले दो बार डेडलाइन बढ़ाई जा चुकी है। इस प्रोजेक्ट पर फरवरी 2020 में काम शुरू हुआ था। निर्माण एजेंसी को अगस्त 2021 तक इसे पूरा करना था। मार्च 2020 के आखिर में लॉकडाउन लग गया, जिससे आरओबी का काम कुछ समय बंद रहा था। इसकी एवज में डेडलाइन चार माह बढ़ा दी गई। इसी बीच आरओबी की ड्राइंग व एस्टीमेट रिवाइज कर दिया। इस कारण से डेडलाइन बढ़ाकर अगस्त 2022 कर दी गई।
आरयूबी में भरा पानी, अधिकारी बोले-आरओबी बनने के बाद नहीं आएगी समस्या
इन दिनों लगातार हो रही बारिश के कारण आरयूबी में पानी भर गया है। हालांकि अभी इसे आवागमन के लिए खोला नहीं गया है। अधिकारियों का कहना है कि आरओबी बनने के बाद इसमें पानी नहीं भरेगा, क्योंकि आरओबी इसे ऊपर से पूरी तरह से कवर कर देगा।
40 करोड़ रुपये है प्रोजेक्ट की लागत
इस प्रोजेक्ट की लागत करीब 40 करोड़ रुपये है। हालांकि पहले यह 26 करोड़ रुपये में तैयार होना था, लेकिन इसकी ड्राइंग में बदलाव होने से इसकी लागत बढ़ गई। इस प्रोजेक्ट में आरओबी के बीच का हिस्सा बो स्टिंग आकार में बनाया जाएगा। इस डिजाइन से बनने वाला यह शहर का पहला आरओबी होगा। यह आरओबी करीब 580 मीटर लंबा होगा। कैरिज वे की चौड़ाई 9.5 मीटर होगी, जिस पर वाहन चल सकेंगे। इसके अलावा एक तरफ डेढ़ मीटर का फुटपाथ बनाया जाएगा।
वर्जन
गार्डर लांचिंग ड्राइंग को रेलवे ने मंजूरी दे दी है। जल्द ही काम शुरू कर दिया जाएगा। नवंबर तक यह आरओबी बनकर तैयार हो जाएगा।
मेवा सिंह, एसडीओ, बीएंडआर

अमित भारद्वाज

हिसार। कैमरी रोड रेलवे फाटक पर बनाए जा रहे रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) के निर्माण में आ रही आखिरी अड़चन दूर हो गई है। इसके साथ ही आरओबी जल्द ही बनकर तैयार हो जाएगा। रेलवे ने गार्डर लांचिंग ड्राइंग को मंजूरी दे दी है। आठ माह पहले बीएंडआर ने यह ड्राइंग रेलवे को भेजी थी। गार्डर लांचिंग में कम से कम तीन माह का समय लगेगा। उधर 26 अगस्त को इस प्रोजेक्ट की डेडलाइन खत्म हो रही है।

बता दें कि कैमरी रोड रेलवे फाटक पर आरओबी के साथ आरयूबी (रेलवे अंडरपास) भी बनाया जाना है। आरयूबी बनकर तैयार हो चुका है। वहीं रेलवे ट्रैक के ऊपर वाले हिस्से पर गार्डर लांचिंग को छोड़कर आरओबी का बाकी काम पूरा हो चुका है। चूंकि गार्डर लांचिंग ड्राइंग को रेलवे की मंजूरी नहीं मिली थी, जिस कारण से यह काम शुरू नहीं हो पा रहा था। बीएंडआर की तरफ से दिसंबर 2021 में यह ड्राइंग रेलवे को भेजी गई थी।

तीसरा दफा बढ़ानी पड़ेगी डेडलाइन

आरओबी की गार्डर लांचिंग में कम से कम तीन माह का समय लगेगा। वहीं 26 अगस्त को प्रोजेक्ट की डेडलाइन खत्म हो रही है। इस हिसाब से विभाग को इसकी डेडलाइन बढ़ानी पड़ेगी। इससे पहले दो बार डेडलाइन बढ़ाई जा चुकी है। इस प्रोजेक्ट पर फरवरी 2020 में काम शुरू हुआ था। निर्माण एजेंसी को अगस्त 2021 तक इसे पूरा करना था। मार्च 2020 के आखिर में लॉकडाउन लग गया, जिससे आरओबी का काम कुछ समय बंद रहा था। इसकी एवज में डेडलाइन चार माह बढ़ा दी गई। इसी बीच आरओबी की ड्राइंग व एस्टीमेट रिवाइज कर दिया। इस कारण से डेडलाइन बढ़ाकर अगस्त 2022 कर दी गई।

आरयूबी में भरा पानी, अधिकारी बोले-आरओबी बनने के बाद नहीं आएगी समस्या

इन दिनों लगातार हो रही बारिश के कारण आरयूबी में पानी भर गया है। हालांकि अभी इसे आवागमन के लिए खोला नहीं गया है। अधिकारियों का कहना है कि आरओबी बनने के बाद इसमें पानी नहीं भरेगा, क्योंकि आरओबी इसे ऊपर से पूरी तरह से कवर कर देगा।

40 करोड़ रुपये है प्रोजेक्ट की लागत

इस प्रोजेक्ट की लागत करीब 40 करोड़ रुपये है। हालांकि पहले यह 26 करोड़ रुपये में तैयार होना था, लेकिन इसकी ड्राइंग में बदलाव होने से इसकी लागत बढ़ गई। इस प्रोजेक्ट में आरओबी के बीच का हिस्सा बो स्टिंग आकार में बनाया जाएगा। इस डिजाइन से बनने वाला यह शहर का पहला आरओबी होगा। यह आरओबी करीब 580 मीटर लंबा होगा। कैरिज वे की चौड़ाई 9.5 मीटर होगी, जिस पर वाहन चल सकेंगे। इसके अलावा एक तरफ डेढ़ मीटर का फुटपाथ बनाया जाएगा।

वर्जन

गार्डर लांचिंग ड्राइंग को रेलवे ने मंजूरी दे दी है। जल्द ही काम शुरू कर दिया जाएगा। नवंबर तक यह आरओबी बनकर तैयार हो जाएगा।

मेवा सिंह, एसडीओ, बीएंडआर

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