कूड़ा एकत्रित करने में लापरवाही : नगर निगम ने जेबीएम कंपनी पर लगाया 1.93 लाख का जुर्माना


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शहर में चरमरा रही सफाई व्यवस्था में सुधार लाने के लिए जेबीएम कंपनी की ओर से लापरवाही की जा रही है। समय पर कॉलोनियों में डोर-टू-डोर कूड़ा एकत्रित नहीं किया जा रहा है। जेबीएम कंपनी के कारिंदे ठीक ढंग से काम न करने पर नगर निगम ने 1.93 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। इससे पहले भी निगम की ओर से कंपनी पर कई बार जुर्माना लगाया जा चुका है और नोटिस थमाए जा चुके हैं। जेबीएम के काम ठीक न करने के कारण शहरवासी परेशान है।
प्रदेश सरकार के साथ हुए करार के तहत जेबीएम को सफाई के साथ ही डोर-टू-डोर कूड़ा एकत्रित करना है। लेकिन कंपनी इस जिम्मेदारी को सही ढंग से नहीं निभा पा रही है। सफाई व्यवस्था पर नगर निगम की ओर से हर माह छह करोड़ रुपये खर्च किए जाते है, लेकिन सफाई के व्यवस्था सवालों के घेरे में है। आरोप है कि न तो डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन हो रहा है, न ही डंपिंग प्वाइंट से उठ रहा है। नगर निगम क्षेत्र में 57 गाड़ियां लगी हुई है। पार्षदों का आरोप है कि अधिकांश गाड़ियों पर हेल्पर नहीं है, ज्यादातर जगह कॉलोनी वासियों को खुद ही कचरा डालना पड़ता है। एक साल में डंपिंग प्वाइंट भी खत्म नहीं हुए। लोगों की तरफ से शिकायत करने पर निगम की ओर से कंपनी पर जुर्माना लगाया है।
डोर टू डोर कूड़ा एकत्रित करने में लापरवाही मिलने के बाद जेबीएम कंपनी को नोटिस दिया गया था। उसके बावजूद कोई सुधार नहीं आया तो अब जेबीएम कंपनी पर 1.93 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।
सतपाल सैनी, मुख्य सफाई निरीक्षक, नगर निगम।

शहर में चरमरा रही सफाई व्यवस्था में सुधार लाने के लिए जेबीएम कंपनी की ओर से लापरवाही की जा रही है। समय पर कॉलोनियों में डोर-टू-डोर कूड़ा एकत्रित नहीं किया जा रहा है। जेबीएम कंपनी के कारिंदे ठीक ढंग से काम न करने पर नगर निगम ने 1.93 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। इससे पहले भी निगम की ओर से कंपनी पर कई बार जुर्माना लगाया जा चुका है और नोटिस थमाए जा चुके हैं। जेबीएम के काम ठीक न करने के कारण शहरवासी परेशान है।

प्रदेश सरकार के साथ हुए करार के तहत जेबीएम को सफाई के साथ ही डोर-टू-डोर कूड़ा एकत्रित करना है। लेकिन कंपनी इस जिम्मेदारी को सही ढंग से नहीं निभा पा रही है। सफाई व्यवस्था पर नगर निगम की ओर से हर माह छह करोड़ रुपये खर्च किए जाते है, लेकिन सफाई के व्यवस्था सवालों के घेरे में है। आरोप है कि न तो डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन हो रहा है, न ही डंपिंग प्वाइंट से उठ रहा है। नगर निगम क्षेत्र में 57 गाड़ियां लगी हुई है। पार्षदों का आरोप है कि अधिकांश गाड़ियों पर हेल्पर नहीं है, ज्यादातर जगह कॉलोनी वासियों को खुद ही कचरा डालना पड़ता है। एक साल में डंपिंग प्वाइंट भी खत्म नहीं हुए। लोगों की तरफ से शिकायत करने पर निगम की ओर से कंपनी पर जुर्माना लगाया है।

डोर टू डोर कूड़ा एकत्रित करने में लापरवाही मिलने के बाद जेबीएम कंपनी को नोटिस दिया गया था। उसके बावजूद कोई सुधार नहीं आया तो अब जेबीएम कंपनी पर 1.93 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।

सतपाल सैनी, मुख्य सफाई निरीक्षक, नगर निगम।

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Written by Haryanacircle

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