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किरायेदार की वेरिफिकेशन न कराने वाले के खिलाफ होगी कार्रवाई


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अब अपने किरायेदार की वेरिफिकेशन कराना जरूरी होगा। ऐसा न करने पर पुलिस प्रशासन की ओर से कार्रवाई की जाएगी। नियमानुसार मकान व दुकान को किराये पर देने के लिए किरायेदारों की जानकारी संबंधित पुलिस थाने में 48 घंटे के अंदर देना अनिवार्य है। अगर मकान व दुकान मालिक ऐसा नहीं करते तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है।
पुलिस अधीक्षक डॉ. अंशु सिंगला ने अपने कार्यालय में बातचीत करते हुए बताया कि अक्सर देखा जाता है कि मकान मालिक अपने मकान व दुकान किराये पर देते समय किरायेदार की कोई जानकारी संबंधित पुलिस थाने को नहीं देते हैं। इससे कुछ आपराधिक किस्म के लोग अपराध करके फर्जी नाम से किसी दूसरे जिले या राज्य में छिपकर रहने लग जाते हैं। इस तरह के अपराधी पुलिस को चकमा देकर व कानून से बच कर समाज व देश के लिए कोई बड़ा खतरा बन सकते हैं। किसी प्रकार की अनहोनी से बचने के लिए मकान मालिक सर्वप्रथम खुद को सुरक्षित रखते हुए अपने किरायेदारों की पुलिस वेरिफिकेशन कराए। मकान मालिक द्वारा पुलिस वेरिफिकेशन कराने से मकान मालिक भी सुरक्षित रहेंगे।

अब अपने किरायेदार की वेरिफिकेशन कराना जरूरी होगा। ऐसा न करने पर पुलिस प्रशासन की ओर से कार्रवाई की जाएगी। नियमानुसार मकान व दुकान को किराये पर देने के लिए किरायेदारों की जानकारी संबंधित पुलिस थाने में 48 घंटे के अंदर देना अनिवार्य है। अगर मकान व दुकान मालिक ऐसा नहीं करते तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है।

पुलिस अधीक्षक डॉ. अंशु सिंगला ने अपने कार्यालय में बातचीत करते हुए बताया कि अक्सर देखा जाता है कि मकान मालिक अपने मकान व दुकान किराये पर देते समय किरायेदार की कोई जानकारी संबंधित पुलिस थाने को नहीं देते हैं। इससे कुछ आपराधिक किस्म के लोग अपराध करके फर्जी नाम से किसी दूसरे जिले या राज्य में छिपकर रहने लग जाते हैं। इस तरह के अपराधी पुलिस को चकमा देकर व कानून से बच कर समाज व देश के लिए कोई बड़ा खतरा बन सकते हैं। किसी प्रकार की अनहोनी से बचने के लिए मकान मालिक सर्वप्रथम खुद को सुरक्षित रखते हुए अपने किरायेदारों की पुलिस वेरिफिकेशन कराए। मकान मालिक द्वारा पुलिस वेरिफिकेशन कराने से मकान मालिक भी सुरक्षित रहेंगे।

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