in

कांग्रेस में सेंधमारी के बिना जीत असंभव, फिर क्या करिश्मा दिखाएंगे सुभाष चंद्रा?


रामस्वरूप लामरोड़, जयपुर : राज्यसभा चुनाव के लिए शुक्रवार 10 जून को मतदान होना है। इस बड़ी सियासी जंग के लिए अब केवल शुक्रवार और शनिवार का दिन शेष है। इन 2 दिनों में भाजपा समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी सुभाष चंद्रा आखिर क्या करिश्मा दिखाएंगे? चंद्रा ने मंगलवार 7 जून को मीडिया से रूबरू होते हुए यह दावा किया कि उनके पास भाजपा के 30 वोटों के अतिरिक्त निर्दलीय और अन्य दलों के 9 विधायक उनके समर्थन में हैं। साथ ही कांग्रेस के 8 विधायकों की ओर से क्रॉस वोटिंग किए जाने की बात भी उन्होंने कही थी। सुभाष चंद्रा के इन दावों में कितनी सच्चाई है, यह तो वही जानते हैं लेकिन कांग्रेस की बाड़ाबंदी और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के दावों से लगता है कि राज्यसभा चुनावों में सुभाष चंद्रा जीत के लिए वोटों का जरूरी आंकड़ा जुटा पाना आसान नहीं होगा।

कांग्रेस का दावा- ‘उनके पास 126 वोट, 3 प्रत्याशियों की जीत के लिए चाहिए 123 वोट’
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सहित प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेता लगातार दावा कर रहे हैं कि कांग्रेस के 108 विधायकों के अलावा सभी निर्दलीयों, बीटीपी और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के विधायकों का समर्थन प्राप्त है। कांग्रेस के तीनों प्रत्याशियों की जीत के लिए कांग्रेस को 123 वोटों की जरूरत है जबकि उनके पास 126 वोट हैं, अर्थात 3 वोट सर प्लस है। हालांकि स्वास्थ्य कारणों के चलते कांग्रेस के 6 विधायक बाड़ेबंदी में नहीं पहुंच पाए हैं लेकिन वे पार्टी के साथ हैं। किसी को यह शंका नहीं होनी चाहिए कि कांग्रेस एकजुट नहीं है। पिछले दिनों सरकार से नाराज चल रहे 6 विधायक भी समर्थन में आ गए हैं। बीटीपी के दोनों विधायक भी उदयपुर की ताज अरावली होटल में जाकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से मिले और उन्होंने समर्थन देने का दावा किया। हालांकि वे बाड़ाबंदी में नहीं रुकेंगे।
राज्यसभा चुनाव में जीती बाजी हार सकती है कांग्रेस? ऐसे बदल सकते हैं नतीजे, यहां समझें- पूरा गुणा-भाग
राजनीति में जो दिखता है, वह होता नहीं है और जो होता है, वह दिखता नहीं

सियासत के खेल बड़े अजीब होते हैं। सियासी खेलों में कब क्या हो जाए, यह कोई नहीं जानता। राजनीति में जो दिखाई देता है, वह होता नहीं है और जो होता है वह दिखाई देता नहीं है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और निर्दलीय प्रत्याशी सुभाष चंद्रा के अपने अपने दावे हैं। गहलोत कह रहे हैं कि बीटीपी, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी और सभी निर्दलीयों का समर्थन पहले से ही उनके पास है जबकि सुभाष चंद्रा का दावा है कि भले ही निर्दलीय और क्षेत्रीय दलों के विधायक कांग्रेस की बाड़ाबंदी में हों लेकिन वोट तो वे अपनी मर्जी से देंगे। किसके दावों में दम है, यह तो 10 जून की शाम को ही पता चलेगा।
Rajya Sabha Chunav: सुभाष चंद्रा का राज्य सभा चुनाव जीतने का दावा, कहा- कांग्रेस के 8 विधायक करेंगे क्रॉस वोटिंग
दो दिन में क्या करिश्मा दिखाएंगे सुभाष चंद्रा

राज्यसभा चुनाव में जीत दर्ज कराने के लिए सुभाष चंद्रा को कम से कम 41 वोटों की जरूरत है। भाजपा के पास कुल 71 वोट हैं जिनमें से 41 वोट घनश्याम तिवारी को दिए जाने के बाद 30 वोट शेष बचते हैं। ये 30 वोट सुभाष चंद्र को जाएंगे। राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी ने भी सुभाष चंद्रा को समर्थन समर्थन देने का ऐलान कर दिया है। ऐसे में सुभाष चंद्रा के पास 30+3 कुल 33 वोट हो गए हैं। अब जीत के लिए उन्हें 8 वोट और चाहिए। सुभाष चंद्रा के दावों पर अगर भरोसा भी करें तो यह जानना बड़ा दिलचस्प होगा कि वे 8 वोटों का इंतजाम कैसे करेंगे। कौन विधायक ऐसे हैं जो क्रॉस वोटिंग कर सकते हैं। निर्दलीयों और क्षेत्रीय दलों में से कितने विधायक सरकार के खिलाफ जा सकते हैं। इसका अंदाजा लगाना सियासी चाणक्यों के लिए भी काफी मुश्किल है।

राज्यसभा चुनाव को लेकर सचिन पायलट का दावा, निर्दलीय विधायक हमारे साथ ,जीत पक्की

.


सोनीपत में हादसा: अनियंत्रित कार नहर में गिरी, एक युवक की मौत, तीन दोस्त अस्पताल में भर्ती

कुलदीप बिश्नोई को धमकी का मामला: बाड़मेर से आरोपी को किया गया गिरफ्तार, विधायक ने सीएम और गृह मंत्री को कहा धन्यवाद