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कांग्रेस नेताओं ने मुख्यमंत्री के आवास परिसर में प्रदर्शन किया


चंडीगढ़, नौ जून (भाषा) कांग्रेस की पंजाब इकाई के प्रमुख अमरिंदर सिंह राजा वडिंग और पार्टी के अन्य नेताओं ने बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री के आवास परिसर में प्रदर्शन किया और आरोप लगाया कि उन्होंने उनसे मुलाकात नहीं की।

प्रदर्शन करने वाले नेताओं ने दावा किया कि उन्हें यहां मुख्यमंत्री के आवास के भीतर बुलाया गया, उनकी तलाशी ली गयी और उनका मोबाइल फोन भी ले लिया गया।

बहरहाल, मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इससे इनकार किया कि कांग्रेस नेताओं को उन्होंने मुलाकात का समय दिया था और कहा कि उन्होंने भ्रष्टाचार के आरोपों का सामना कर रहे अपनी पार्टी के नेताओं के समर्थन में प्रदर्शन किया।

मान पूर्व वन मंत्री और कांग्रेस नेता साधु सिंह धरमसोत की गिरफ्तारी तथा भ्रष्टाचार के एक मामले में संगत सिंह गिलजियां का नाम आने का जिक्र कर रहे थे।

वडिंग और राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा के अलावा पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा और ओपी सोनी, पूर्व मंत्री अरुणा चौधरी और भारत भूषण आशु भी प्रदर्शन के दौरान उपस्थित रहे।

वडिंग ने दावा किया कि जब वे सुबह मुख्यमंत्री के आवास पर पहुंचे तो उन्हें 45 मिनट तक इंतजार कराया गया। बाद में उन्हें आवास के भीतर बुलाया गया। वडिंग ने कहा कि कांग्रेस नेताओं का ‘‘अपमान’’ किया गया। उनकी तलाशी ली गयी और उनका मोबाइल फोन भी ले लिया गया।

उन्होंने कहा कि विपक्षी नेताओं को बाद में बताया गया कि मुख्यमंत्री व्यस्त हैं और वह शुक्रवार को दोपहर एक बजे उनसे मुलाकात कर सकते हैं।

इसके बाद कांग्रेस नेताओं ने मुख्यमंत्री आवास परिसर के भीतर ही प्रदर्शन किया और भगवंत मान नीत सरकार के खिलाफ नारे लगाए।

कांग्रेस नेता प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि उन्होंने कभी ऐसी सरकार नहीं देखी, जिसने विपक्षी नेताओं का अपमान किया है। उन्होंने कहा, ‘‘हमारे मोबाइल फोन रख लिए गए और नेताओं की तलाशी ली गयी। मेरा कभी ऐसा अपमान नहीं हुआ।’’

बाद में चंडीगढ़ पुलिस ने सभी कांग्रेस नेताओं को हिरासत में ले लिया और उन्हें एक बस में नजदीकी थाने ले गयी।

मुख्यमंत्री मान ने कहा कि कांग्रेस नेता मुलाकात का वक्त लिए बिना उनके आवास पर आए और भ्रष्टाचार के आरोपों का सामना कर रहे अपनी पार्टी के नेताओं के समर्थन में प्रदर्शन किया।

उन्होंने ट्वीट किया कि पंजाब को लूटने वाले नेताओं का समर्थन करना इस बात का सबूत है कि ‘‘घूसखोरी उनके खून में है।’’

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