कमिश्नर का एक्शन-बोले शहर में जलभराव हुआ तो एजेंसी के खिलाफ होगी सख्त कार्रवाई


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यमुनानगर। अगर इस बार बारिश के पानी से शहर में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हुई तो एजेंसी के खिलाफ सख्त कार्रवाई तो होगी साथ ही उसे ब्लैक लिस्ट भी कर दिया जाएगा। ऐसे में भविष्य में दोबारा उसे एजेंसी को सफाई का ठेका नहीं दिया जाएगा। जलभराव को लेकर नगरनिगम कमिश्नर आयुष सिन्हा शुक्रवार को पानी की निकासी के इंतजामों का जायजा लेने के लिए निकले तो सख्त मूड में दिखे।
उन्होंने जोन नंबर दो में की जा रही नालों, डिचड्रेन की सफाई का निरीक्षण किया। उन्हें सफाई कर रहे मजदूरों की संख्या भी कम मिली। जिस पर उन्होंने ठेकेदार से कहा कि वह 100 से 120 कर्मचारियों को लगाकर सफाई कराएं। यदि भविष्य में कम कर्मचारी मिले तो कार्रवाई होगी। कमिश्नर ने 30 जून से पहले सभी नालों व डिचड्रेन की सफाई का कार्य निपटाने को कहा। आयुष सिन्हा शुक्रवार सुबह करीब साढ़े 11 बजे सबसे पहले विश्वकर्मा चौक के पास जगाधरी से आ रहे बड़े नाले की पुलिया पर पहुंचे। यहां उन्होंने नाले की सफाई व अमरुत के तहत किए गए स्टॉर्म वाटर ड्रेन के निर्माण कार्य का जायजा लिया। इस दौरान क्षेत्रवासियों ने स्टॉर्म वाटर ड्रेन के मेनहॉल के निर्माण के बाद उसके आसपास मिट्टी न भरने की समस्या बताई। कमिश्नर ने संबंधित अधिकारी को तुरंत फोन कर मैनहोल के आसपास मिट्टी का भराव कराया। इसके बाद कमिश्नर सिन्हा जम्मू कॉलोनी श्मशान घाट के पास डिचड्रेन पर पहुंचे। यहां उन्होंने डिचड्रेन की सफाई का निरीक्षण किया और ऑपरेटर से बातचीत उन्हें सिंचाई विभाग के अधिकारियों से टाइअप कर बारिश होने पर डिचड्रेन का गेट खोलने के निर्देश दिए। वहीं, सिंचाई विभाग के अधिकारियों को उनके क्षेत्र की डिचड्रेन की सफाई कराने के निर्देश दिए। यहां से कमिश्नर पुराना हमीदा की तरफ से निगम द्वारा की जा रही डिचड्रेन की सफाई का जायजा लेने पहुंचे। यहां डिचड्रेन की पोकलेन के माध्यम से सफाई की जा रही थी।
सीएसआई सुरेंद्र चौपड़ा, एसआई बिट्टू व एएसआई सुमित बैंस ने उन्हें डिचड्रेन की पूरी जानकारी दी। सफाई अधिकारियों ने तीन से चार दिन में डिचड्रेन की सफाई का काम पूरा करने की बात कही। इसके बाद निगम कमिश्नर पुराना हमीदा व पटेल नगर के बड़े नाले पर पहुंचे।

यमुनानगर। अगर इस बार बारिश के पानी से शहर में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हुई तो एजेंसी के खिलाफ सख्त कार्रवाई तो होगी साथ ही उसे ब्लैक लिस्ट भी कर दिया जाएगा। ऐसे में भविष्य में दोबारा उसे एजेंसी को सफाई का ठेका नहीं दिया जाएगा। जलभराव को लेकर नगरनिगम कमिश्नर आयुष सिन्हा शुक्रवार को पानी की निकासी के इंतजामों का जायजा लेने के लिए निकले तो सख्त मूड में दिखे।

उन्होंने जोन नंबर दो में की जा रही नालों, डिचड्रेन की सफाई का निरीक्षण किया। उन्हें सफाई कर रहे मजदूरों की संख्या भी कम मिली। जिस पर उन्होंने ठेकेदार से कहा कि वह 100 से 120 कर्मचारियों को लगाकर सफाई कराएं। यदि भविष्य में कम कर्मचारी मिले तो कार्रवाई होगी। कमिश्नर ने 30 जून से पहले सभी नालों व डिचड्रेन की सफाई का कार्य निपटाने को कहा। आयुष सिन्हा शुक्रवार सुबह करीब साढ़े 11 बजे सबसे पहले विश्वकर्मा चौक के पास जगाधरी से आ रहे बड़े नाले की पुलिया पर पहुंचे। यहां उन्होंने नाले की सफाई व अमरुत के तहत किए गए स्टॉर्म वाटर ड्रेन के निर्माण कार्य का जायजा लिया। इस दौरान क्षेत्रवासियों ने स्टॉर्म वाटर ड्रेन के मेनहॉल के निर्माण के बाद उसके आसपास मिट्टी न भरने की समस्या बताई। कमिश्नर ने संबंधित अधिकारी को तुरंत फोन कर मैनहोल के आसपास मिट्टी का भराव कराया। इसके बाद कमिश्नर सिन्हा जम्मू कॉलोनी श्मशान घाट के पास डिचड्रेन पर पहुंचे। यहां उन्होंने डिचड्रेन की सफाई का निरीक्षण किया और ऑपरेटर से बातचीत उन्हें सिंचाई विभाग के अधिकारियों से टाइअप कर बारिश होने पर डिचड्रेन का गेट खोलने के निर्देश दिए। वहीं, सिंचाई विभाग के अधिकारियों को उनके क्षेत्र की डिचड्रेन की सफाई कराने के निर्देश दिए। यहां से कमिश्नर पुराना हमीदा की तरफ से निगम द्वारा की जा रही डिचड्रेन की सफाई का जायजा लेने पहुंचे। यहां डिचड्रेन की पोकलेन के माध्यम से सफाई की जा रही थी।

सीएसआई सुरेंद्र चौपड़ा, एसआई बिट्टू व एएसआई सुमित बैंस ने उन्हें डिचड्रेन की पूरी जानकारी दी। सफाई अधिकारियों ने तीन से चार दिन में डिचड्रेन की सफाई का काम पूरा करने की बात कही। इसके बाद निगम कमिश्नर पुराना हमीदा व पटेल नगर के बड़े नाले पर पहुंचे।

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