कपूरथला की सरबजीत की क्राइम से निकाह तक की कहानी: गांव में आलीशान कोठी, तलवंडी चौधरियां थाने में क्रिमिनल रिकॉर्ड रहा, अब पाकिस्तान भागी – Jalandhar News Chandigarh News Updates

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सरबजीत कौर और नूर हुसैन निकाह कबूल करते हुए।

पंजाब के कपूरथला जिले की पाकिस्तान में निकाह करने वाली महिला सरबजीत पर पंजाब में कई पर्चे दर्ज हैं। सरबजीत कौर का लंबा क्रिमिनल रिकॉर्ड रहा है। कपूरथला पुलिस का कहना है कि वह कई मामलों में बरी हो चुकी है।

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पुलिस के पुराने रिकॉर्ड के अनुसार सरबजीत कौर के खिलाफ थाना तलवंडी चौधरियां में 27अक्तूबर 2014 को धारा 385,386,34 और 27 जून 2015 में 385,386,34 के साथ ही 13 अक्तूबर 2016 में 376,365,366,36ए, 372,373,506, 120बी के तरह केस दर्ज किया गया था। पुलिस का कहना है कि अब महिला इन केसों में कोर्ट से बरी हो चुकी है। हालांकि इसका विवादों से नाता रहा है।

सरबजीत कौर जो कपूरथला से पाकिस्तान गई और वहीं निकाह करवा लिया।

अब जानिए सरबजीत कौर हैं कौन गांव में कोठी, पति से तलाक, कई केस दर्ज रहे महिला कपूरथला के गांव अमानीपुर की रहने वाली हैं। ये गांव पोस्ट आफिस टिब्बा का हिस्सा है और थाना तलवंडी चौधरियां के अंडर आता है। गांव के लोगों का कहना है कि महिला का अपने पति से तालाक हो चुका है। इसके दो बेटे हैं। इनके खिलाफ भी सुल्तानपुर लोधी में 10 से ज्यादा पर्चे दर्ज हैं।

सरबजीत कौर का गांव अमानीपुर। यहां उसकी आलीशान कोठी है।

सरबजीत कौर का गांव अमानीपुर। यहां उसकी आलीशान कोठी है।

गांव अमानीपुर में आलीशान कोठी, पैसे की भी कमी नहीं गांव अमानीपुर के अंदर महिला की आलीशान कोठी है। लोगों ने बताया कि महिला का लोगों से ज्यादा मिलना जुलना नहीं था, न ही विवादों के कारण लोगों का उसके घर ज्यादा आना जाना है। कुछ लोगों ने इतना जरूर बताया कि पूरे केस में कुछ न कुछ गड़बड़ जरूर है। वह खुद हैरान हैं कि वह पाकिस्तान के संपर्क में कैसे आई। उसके पास पैसे की कोई कमी नहीं है। लोग एक पुराने का केस का जिक्र करते हुए बताते हैं कि एक बार महिला की कोठी पर पुलिस ने दबिश दी थी, उसे दौरान लाखों रुपए की नकदी बरामद हुई थी।

पाकिस्तान में निकाह करवाती सरबजीत कौर।

पाकिस्तान में निकाह करवाती सरबजीत कौर।

जानें कब और कैसे पहुंची पाकिस्तान

4 नवंबर 2025 गुरु नानक जी के प्रकाश पर्व को लेकर माथा टेकने की परमिशन ली कपूरथला से एक जत्था गुरु नानक जी के प्रकाश पर्व को लेकर माथा टेकने की परमिशन लेता है। एक स्थानीय गुरुद्वारा में जत्थे में जाने वाले लोगों की सूचना दी जाती है। हालांकि महिला के गायब होने के बाद गुरुद्वारा प्रबंधन ने मामले में चुप्पी साध ली है। ये जत्था अमृतसर से जा रहे जत्थे के साथ अटारी बॉर्डर के जरिए 4 नवबंर को पाकिस्तान में प्रवेश करता है। जत्थे में 1932 लोग गए। इनमें से 10 लोग पहले वापस आ गए। बचे 1922 लोगों में से 1 महिला गायब मिली।

सिलसिलेवार पढ़िए पूरा मामला…

1932 श्रद्धालुओं के जत्थे के साथ गई थी पाकिस्तान: महिला की पहचान सरबजीत कौर, निवासी पिंड अमैनीपुर, डाकघर टिब्बा, जिला कपूरथला (पंजाब) के रूप में हुई है। सरबजीत कौर 4 नवंबर को श्री गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व के अवसर पर 1932 श्रद्धालुओं के जत्थे के साथ अटारी बॉर्डर के जरिए पाकिस्तान गई थी। जत्था 10 दिनों तक विभिन्न गुरुधामों के दर्शन करने के बाद भारत लौट आया, लेकिन वापसी के समय 1922 श्रद्धालु ही लौटे। सरबजीत कौर जत्थे में शामिल नहीं मिलीं।

जत्थे के कुछ सदस्य पहले लौटे: भारत लौटने से पहले श्री अकाल तख्त साहिब के कार्यकारी जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज, चार अन्य सदस्य और तीन महिलाएं-जिनके घरों में कोई बीमार था- पहले ही लौट आए थे। लेकिन सरबजीत कौर के बारे में कोई जानकारी नहीं मिलने पर उनके लापता होने की पुष्टि हुई।

इमिग्रेशन फॉर्म से बढ़ा संदेह: सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई है कि पाकिस्तानी इमिग्रेशन पर भरे गए फॉर्म में सरबजीत कौर ने अपनी राष्ट्रीयता और पासपोर्ट नंबर जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां खाली छोड़ दी थीं। इससे उनकी पहचान और ट्रैकिंग में मुश्किलें बढ़ गई हैं।

एजेंसियों ने शुरू की जांच: मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित भारतीय एजेंसियों ने सरबजीत कौर की तलाश शुरू कर दी है। भारतीय दूतावास और पाकिस्तान स्थित अधिकारियों से भी संपर्क साधा जा रहा है ताकि महिला का पता लगाया जा सके।

फॉर्म में नहीं भरा था पासपोर्ट नंबर जांच में यह भी पता चला है कि समूह में शामिल होने और 4 नवंबर को पाकिस्तान जाने के दौरान पाकिस्तानी इमिग्रेशन कार्यालय में भारतीय महिला द्वारा भरे गए फॉर्म में उसने अपनी बुनियादी जानकारी अधूरी छोड़ दी थी और अपनी राष्ट्रीयता या पासपोर्ट नंबर नहीं दिया था।

शेरपुरा की मस्जिद में किया निकाह सोशल मीडिया पर शेखुपुरा की मस्जिद में हुआ निकाहनामा वायरल हो रहा है। दावा किया गया कि सरबजीत कौर ने इस्लाम स्वीकार कर नाम बदलकर ‘नूर हुसैन’ रख लिया है। इसमें नूर हुसैन स्वीकार कर रही है कि वह 9 साल से नासिर हुसैन को जानती है।

पाकिस्तान में पहुंचने वाले भारतीय सिख श्रद्धालुओं के जत्थे का स्वागत करते नासिर हुसैन।

पाकिस्तान में पहुंचने वाले भारतीय सिख श्रद्धालुओं के जत्थे का स्वागत करते नासिर हुसैन।

पाकिस्तान में नासिर हुसैन ने किया था स्वागत अमृतसर से अटारी के रास्ते में पाकिस्तान के नानकाना साहिब पहुंचने वाले जत्थे का स्वागत पाकिस्तान में वहां के यूट्यूबर और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर नासिर हुसैन ने किया था। ये वही नासिर हुसैन है जिस पर आपरेशन सिंदूर के वक्त पाकिस्तानी एजेंसियों के लिए काम करने का आरोप लगा था। इसी ने पाकिस्तान के लिए जासूसी के आरोप में पकड़ी गई हरियाणा के हिसार की यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा के साथ भी इंटरव्यूर किया था।

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कपूरथला की सरबजीत की क्राइम से निकाह तक की कहानी: गांव में आलीशान कोठी, तलवंडी चौधरियां थाने में क्रिमिनल रिकॉर्ड रहा, अब पाकिस्तान भागी – Jalandhar News