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औद्योगिक सेक्टरों के कार्यों में चैंबर की भागेदारी करे सरकार- खंडेलवाल


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पानीपत। गोहाना मोड़ के पास स्थित निजी होटल में चैंबर ऑफ कॉमर्स की मीटिंग हुई। इसकी अध्यक्षता चैंबर के चेयरमैन विनोद खंडेलवाल ने की। मीटिंग में पहुंचे तमाम औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने अपनी समस्याएं रखीं। चैंबर ऑफ कॉमर्स ने उद्योगों को आश्वस्त किया कि उनकी समस्या को सरकार के सामने बड़े स्तर पर उठाया जाएगा। उद्योगों की समस्याओं का निवारण कराने का प्रयास किया जाएगा। उद्यमियों ने यहां सरकार से अपील की कि जो भी कार्य औद्योगिक क्षेत्र में करें उसमें चैंबर की भागीदारी सुनिश्चित करें। यहां उद्यमी बैकिंग सेक्टर और बिजली निगम से काफी निराश दिखाई दिए।
चैंबर ऑफ कॉमर्स के चेयरमैन विनोद खंडेलवाल ने कहा कि अब चैंबर का विस्तृत रूप हो गया है। इसमें 388 उद्यमी सदस्य हैं। कुछ उद्यमियों के 2016 के बाद कागजात नहीं मिले। इसलिए वे अपने कागजात जमा कराएं। उनका हमेशा यही प्रयास रहता है उद्यमियों की समस्याओं को दूर किया जाए। सरकार से तालमेल बनाकर काम किए जाएं। अब उद्यमियों की बड़ी समस्या पीएनजी की बाध्यता हो गई है। इसके लिए उद्यमी लगातार सरकार से बात कर इस समस्या के समाधान की मांग कर रहे हैं। उनकी सरकार से मांग है कि इस मामले में हस्तक्षेप करें और उद्यमियों को पीएनजी का कनेक्शन लेने के लिए एक दो साल का वक्त दिया जाए।
चैंबर के सचिव मनीष अग्रवाल ने कहा कि बिजली के कारण उद्यमियों का करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है। सरकार को इस क्षेत्र में सुधार करने की आवश्यकता है। बिजली आपूर्ति सही होनी चाहिए। यहां प्रशासन ने इंडस्ट्रियल एरिया में सड़कों का काम अधूरा छोड़ा है वह पूरा किया जाए। स्ट्रीट लाइटों की सुविधा दी जाए।
सीएम शशि चढ्डा ने कहा कि बैकिंग सेक्टर भी उनके साथ गलत कर रहे हैं। यहां पर उद्यमियों से 100 प्रतिशत सिक्योरिटी मांगी जा रही है, जबकि दिल्ली में 30 प्रतिशत ही सिक्योरिटी मांगी जाती है। सिर्फ पानीपत में ही ये हो रहा है। इस संबंध में सरकार को उचित कदम उठाने की जरूरत है। मीटिंग में सुरेश वर्मा, संजय गर्ग, राकेश भाटिया समेत तमाम उद्यमी मौजूद रहे।

पानीपत। गोहाना मोड़ के पास स्थित निजी होटल में चैंबर ऑफ कॉमर्स की मीटिंग हुई। इसकी अध्यक्षता चैंबर के चेयरमैन विनोद खंडेलवाल ने की। मीटिंग में पहुंचे तमाम औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने अपनी समस्याएं रखीं। चैंबर ऑफ कॉमर्स ने उद्योगों को आश्वस्त किया कि उनकी समस्या को सरकार के सामने बड़े स्तर पर उठाया जाएगा। उद्योगों की समस्याओं का निवारण कराने का प्रयास किया जाएगा। उद्यमियों ने यहां सरकार से अपील की कि जो भी कार्य औद्योगिक क्षेत्र में करें उसमें चैंबर की भागीदारी सुनिश्चित करें। यहां उद्यमी बैकिंग सेक्टर और बिजली निगम से काफी निराश दिखाई दिए।

चैंबर ऑफ कॉमर्स के चेयरमैन विनोद खंडेलवाल ने कहा कि अब चैंबर का विस्तृत रूप हो गया है। इसमें 388 उद्यमी सदस्य हैं। कुछ उद्यमियों के 2016 के बाद कागजात नहीं मिले। इसलिए वे अपने कागजात जमा कराएं। उनका हमेशा यही प्रयास रहता है उद्यमियों की समस्याओं को दूर किया जाए। सरकार से तालमेल बनाकर काम किए जाएं। अब उद्यमियों की बड़ी समस्या पीएनजी की बाध्यता हो गई है। इसके लिए उद्यमी लगातार सरकार से बात कर इस समस्या के समाधान की मांग कर रहे हैं। उनकी सरकार से मांग है कि इस मामले में हस्तक्षेप करें और उद्यमियों को पीएनजी का कनेक्शन लेने के लिए एक दो साल का वक्त दिया जाए।

चैंबर के सचिव मनीष अग्रवाल ने कहा कि बिजली के कारण उद्यमियों का करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है। सरकार को इस क्षेत्र में सुधार करने की आवश्यकता है। बिजली आपूर्ति सही होनी चाहिए। यहां प्रशासन ने इंडस्ट्रियल एरिया में सड़कों का काम अधूरा छोड़ा है वह पूरा किया जाए। स्ट्रीट लाइटों की सुविधा दी जाए।

सीएम शशि चढ्डा ने कहा कि बैकिंग सेक्टर भी उनके साथ गलत कर रहे हैं। यहां पर उद्यमियों से 100 प्रतिशत सिक्योरिटी मांगी जा रही है, जबकि दिल्ली में 30 प्रतिशत ही सिक्योरिटी मांगी जाती है। सिर्फ पानीपत में ही ये हो रहा है। इस संबंध में सरकार को उचित कदम उठाने की जरूरत है। मीटिंग में सुरेश वर्मा, संजय गर्ग, राकेश भाटिया समेत तमाम उद्यमी मौजूद रहे।

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