ऑनलाइन शिक्षा में नहीं होगी परेशानी


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नारायणगढ़। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय लाहा में प्रधानाचार्य अंजू अग्रवाल की अध्यक्षता में कक्षा 10वीं व 12वीं के 150 विद्यार्थियों को टैबलेट वितरित किए गए। इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष राजेश बतौरा ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि प्रदेश में विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा दी जाए, इसके लिए उन्हें टैब दिए जा रहे हैं, ताकि उन्हें ऑनलाइन शिक्षा लेने में कोई परेशानी न हो।
उन्होंने कहा कि सरकार की योजना के अनुसार प्रदेश में शिक्षकों व विद्यार्थियों को पांच लाख टैबलेट वितरित किए जा रहे हैं। इसके साथ-साथ विद्यार्थियों को डेटा कनेक्टिविटी की सुविधा भी दी गई है। सरकारी और निजी स्कूलों के बीच के अंतर को समाप्त करने की दिशा में सरकार का यह प्रभावशाली कदम है। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक की सुविधा चाहे वह टैबलेट, डेटा कनेक्टिविटी की सुविधा हो या स्मार्ट क्लास रूम, सभी सुविधाएं सरकारी स्कूलों के बच्चों को उपलब्ध करवाई जा रही हैं।
राजेश बतौरा ने बताया कि टैबलेट कई खूबियों से लैस हैं। टैबलेट में कई सॉफ्टवेयर और लर्निंग मैटेरियल शामिल हैं। टैब में लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम की व्यवस्था की गई है, जो पर्सनलाइज्ड अडेप्टिव लर्निंग (पीएएल) पर आधारित है। बच्चे टैबलेट में ही मॉक टेस्ट, पूरा पाठ्यक्रम और अपने विषयों से संबंधित पूरी जानकारी हासिल कर सकते हैं। इसमें किताबें, पीडीएफ, कंटेंट वीडियो-ऑडियो और अन्य डिजिटल कंटेंट हैं। साथ ही असेस्मेंट और टेस्टिंग टूल भी उपलब्ध करवाए गए हैं। इसमें विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए टेस्ट मैटेरियल, ई-पाठशाला, एनओआरईआर, एनसीईआरटी सॉल्यूशन, फ्री सॉल्यूशन ऑफ एनसीईआरटी इत्यादि ऐप मौजूद हैं।

नारायणगढ़। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय लाहा में प्रधानाचार्य अंजू अग्रवाल की अध्यक्षता में कक्षा 10वीं व 12वीं के 150 विद्यार्थियों को टैबलेट वितरित किए गए। इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष राजेश बतौरा ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि प्रदेश में विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा दी जाए, इसके लिए उन्हें टैब दिए जा रहे हैं, ताकि उन्हें ऑनलाइन शिक्षा लेने में कोई परेशानी न हो।

उन्होंने कहा कि सरकार की योजना के अनुसार प्रदेश में शिक्षकों व विद्यार्थियों को पांच लाख टैबलेट वितरित किए जा रहे हैं। इसके साथ-साथ विद्यार्थियों को डेटा कनेक्टिविटी की सुविधा भी दी गई है। सरकारी और निजी स्कूलों के बीच के अंतर को समाप्त करने की दिशा में सरकार का यह प्रभावशाली कदम है। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक की सुविधा चाहे वह टैबलेट, डेटा कनेक्टिविटी की सुविधा हो या स्मार्ट क्लास रूम, सभी सुविधाएं सरकारी स्कूलों के बच्चों को उपलब्ध करवाई जा रही हैं।

राजेश बतौरा ने बताया कि टैबलेट कई खूबियों से लैस हैं। टैबलेट में कई सॉफ्टवेयर और लर्निंग मैटेरियल शामिल हैं। टैब में लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम की व्यवस्था की गई है, जो पर्सनलाइज्ड अडेप्टिव लर्निंग (पीएएल) पर आधारित है। बच्चे टैबलेट में ही मॉक टेस्ट, पूरा पाठ्यक्रम और अपने विषयों से संबंधित पूरी जानकारी हासिल कर सकते हैं। इसमें किताबें, पीडीएफ, कंटेंट वीडियो-ऑडियो और अन्य डिजिटल कंटेंट हैं। साथ ही असेस्मेंट और टेस्टिंग टूल भी उपलब्ध करवाए गए हैं। इसमें विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए टेस्ट मैटेरियल, ई-पाठशाला, एनओआरईआर, एनसीईआरटी सॉल्यूशन, फ्री सॉल्यूशन ऑफ एनसीईआरटी इत्यादि ऐप मौजूद हैं।

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