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एन्हांसमेंट : राशि कम कराने को मुख्य प्रशासक से मिले थे सेक्टरवासी, 60 फीसदी कर दी वृद्धि


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हिसार। एन्हांसमेंट राशि घटाने की मांग को लेकर सेक्टर-15 के निवासी हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) के मुख्य प्रशासक से मिले थे। मुख्य प्रशासक ने अधिकारियों को राशि की दोबारा से गणना करने के निर्देश दिए, मगर अधिकारियों ने दोबारा की गई गणना में राशि कम करने के बजाय उसमें 60 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर दी। एचएसवीपी के इस फैसले से सेक्टरवासी हैरान व परेशान हैं। अब इस मामले में जल्द बैठक कर कोई फैसला लेंगे। उधर, एन्हांसमेंट मामले में सेक्टर-4 पार्ट टू के लोगों को कोर्ट की तरफ से थोड़ी राहत मिली है। हाईकोर्ट ने एसएसवीपी को इस मामले में सेक्टरवासियों का पक्ष सुनने व उसके बाद एन्हांसमेंट के डिमांड नोटिस भेजने के निर्देश दिए हैं।
सेक्टर-15 वेलफेयर एसोसिएशन के महासचिव सतबीर सिंधु ने बताया कि 12 अप्रैल को एचएसवीपी की तरफ से सेक्टरवासियों से 3345.70 रुपये प्रति वर्ग के हिसाब से एन्हांसमेंट राशि लेने के आदेश जारी हुए। राशि कम करवाने को लेकर सेक्टरवासी मुख्य प्रशासन से मिले थे। इस पर उन्होंने स्थानीय अधिकारियों से एन्हांसमेंट राशि की दोबारा से गणना करने के आदेश दिए। इस पर अधिकारियों ने गणना कर राशि 456.24 रुपये प्रति वर्ग मीटर निर्धारित कर दी और इसे मुख्यालय मंजूरी के लिए भेज दिया। 24 मई को सेक्टरवासियों का प्रतिनिधिमंडल मुख्य प्रशासक से मिला।
इस दौरान मुख्य प्रशासक ने कहा कि उन्हें यह गणना ठीक नहीं लग रही है और वह दोबारा से इसकी गणना करवाएंगे। अब स्थानीय अधिकारियों ने दोबारा गणना कर राशि 733.48 रुपये प्रति वर्ग मीटर बनाई है और इसे मुख्यालय मंजूरी के लिए भेजा है। सतबीर सिंधु ने कहा कि इससे पहले विभाग की कमेटी ने जो गणना की थी और फिर प्रदेश सरकार की ऑडिट टीम ने जिस गणना को सही बताया था, उसमें 456.24 रुपये प्रति वर्ग मीटर की ही राशि बनती थी।
सेक्टर-4 पार्ट टू के निवासियों ने कोर्ट का लिया सहारा
आरडब्ल्यूएस सेक्टर-4 पार्ट टू के महासचिव डॉ. बलजीत कंदौला ने बताया कि एचएसवीपी ने सेक्टर 4 पार्ट 2 के प्लॉटधारकों एन्हांसमेंट के डिमांड नोटिस जारी किए थे। इन्हें आरडब्ल्यूए ने हाईकोर्ट में चैलेंज किया था। इस संबंध में हाई कोर्ट ने एचएसवीपी को निर्देश दिए हैं कि सेक्टर-4 पार्ट टू पर एन्हांसमेंट राशि 2689.78 प्रति स्कवेयर फुट की कैलकुलेशन शीट आरडब्ल्यूएस को उपलब्ध करवाई जाए ताकि प्लॉटधारक यह जान सकें कि विभाग ने इस राशि की गणना कैसे की है।
आरडब्ल्यूए ने सर्वोच्च न्यायालय के 2017 में सुनाए गए फैसले का लाभ सेक्टरवासियों को देने की मांग की, जिसमें कहा गया था कि सरेंडर किए गए प्लॉट से एकत्रित राशि को एन्हांसमेंट में से घटाया जाए। अब हाईकोर्ट ने एचएसवीपी को निर्देश दिए हैं कि आरडब्ल्यूएस को एन्हांसमेंट की गणना में पहले शामिल किया जाए। उनके पक्ष को सुना जाए और फिर उन्हें नए डिमांड नोटिस भेजे जाए। डॉ. बलजीत कंदौला ने बताया कि एचएसवीपी की तरफ से वर्ष 2011 में सेक्टरवासियों से ली गई पहली एन्हांसमेंट को जिला न्यायालय हिसार गलत ठहराया चुका है और इस बारे में एडीजे न्यायालय में अब मामला विचाराधीन है।

हिसार। एन्हांसमेंट राशि घटाने की मांग को लेकर सेक्टर-15 के निवासी हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) के मुख्य प्रशासक से मिले थे। मुख्य प्रशासक ने अधिकारियों को राशि की दोबारा से गणना करने के निर्देश दिए, मगर अधिकारियों ने दोबारा की गई गणना में राशि कम करने के बजाय उसमें 60 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर दी। एचएसवीपी के इस फैसले से सेक्टरवासी हैरान व परेशान हैं। अब इस मामले में जल्द बैठक कर कोई फैसला लेंगे। उधर, एन्हांसमेंट मामले में सेक्टर-4 पार्ट टू के लोगों को कोर्ट की तरफ से थोड़ी राहत मिली है। हाईकोर्ट ने एसएसवीपी को इस मामले में सेक्टरवासियों का पक्ष सुनने व उसके बाद एन्हांसमेंट के डिमांड नोटिस भेजने के निर्देश दिए हैं।

सेक्टर-15 वेलफेयर एसोसिएशन के महासचिव सतबीर सिंधु ने बताया कि 12 अप्रैल को एचएसवीपी की तरफ से सेक्टरवासियों से 3345.70 रुपये प्रति वर्ग के हिसाब से एन्हांसमेंट राशि लेने के आदेश जारी हुए। राशि कम करवाने को लेकर सेक्टरवासी मुख्य प्रशासन से मिले थे। इस पर उन्होंने स्थानीय अधिकारियों से एन्हांसमेंट राशि की दोबारा से गणना करने के आदेश दिए। इस पर अधिकारियों ने गणना कर राशि 456.24 रुपये प्रति वर्ग मीटर निर्धारित कर दी और इसे मुख्यालय मंजूरी के लिए भेज दिया। 24 मई को सेक्टरवासियों का प्रतिनिधिमंडल मुख्य प्रशासक से मिला।

इस दौरान मुख्य प्रशासक ने कहा कि उन्हें यह गणना ठीक नहीं लग रही है और वह दोबारा से इसकी गणना करवाएंगे। अब स्थानीय अधिकारियों ने दोबारा गणना कर राशि 733.48 रुपये प्रति वर्ग मीटर बनाई है और इसे मुख्यालय मंजूरी के लिए भेजा है। सतबीर सिंधु ने कहा कि इससे पहले विभाग की कमेटी ने जो गणना की थी और फिर प्रदेश सरकार की ऑडिट टीम ने जिस गणना को सही बताया था, उसमें 456.24 रुपये प्रति वर्ग मीटर की ही राशि बनती थी।

सेक्टर-4 पार्ट टू के निवासियों ने कोर्ट का लिया सहारा

आरडब्ल्यूएस सेक्टर-4 पार्ट टू के महासचिव डॉ. बलजीत कंदौला ने बताया कि एचएसवीपी ने सेक्टर 4 पार्ट 2 के प्लॉटधारकों एन्हांसमेंट के डिमांड नोटिस जारी किए थे। इन्हें आरडब्ल्यूए ने हाईकोर्ट में चैलेंज किया था। इस संबंध में हाई कोर्ट ने एचएसवीपी को निर्देश दिए हैं कि सेक्टर-4 पार्ट टू पर एन्हांसमेंट राशि 2689.78 प्रति स्कवेयर फुट की कैलकुलेशन शीट आरडब्ल्यूएस को उपलब्ध करवाई जाए ताकि प्लॉटधारक यह जान सकें कि विभाग ने इस राशि की गणना कैसे की है।

आरडब्ल्यूए ने सर्वोच्च न्यायालय के 2017 में सुनाए गए फैसले का लाभ सेक्टरवासियों को देने की मांग की, जिसमें कहा गया था कि सरेंडर किए गए प्लॉट से एकत्रित राशि को एन्हांसमेंट में से घटाया जाए। अब हाईकोर्ट ने एचएसवीपी को निर्देश दिए हैं कि आरडब्ल्यूएस को एन्हांसमेंट की गणना में पहले शामिल किया जाए। उनके पक्ष को सुना जाए और फिर उन्हें नए डिमांड नोटिस भेजे जाए। डॉ. बलजीत कंदौला ने बताया कि एचएसवीपी की तरफ से वर्ष 2011 में सेक्टरवासियों से ली गई पहली एन्हांसमेंट को जिला न्यायालय हिसार गलत ठहराया चुका है और इस बारे में एडीजे न्यायालय में अब मामला विचाराधीन है।

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