in

एनसीआर के चार जिलों में साल के अंत तक चलेगी 50 इलेक्ट्रिक बसें, दो साल में 200 चलेंगी


ख़बर सुनें

एनसीआर क्षेत्र को प्रदूषण रहित बनाने के लिए चार जिलों में इलेक्ट्रिक बसें चलाई जाएंगी। परिवहन विभाग की ओर से दो साल में 200 इलेक्ट्रिक बस चलाई जाएगी इनमें से 50 बसें इसी साल के अंत तक आ जाएंगी। परिवहन विभाग विदेशों की तर्ज पर यातायात का संचालन कराने की तैयारी में है। परिवहन विभाग के साथ निजी क्षेत्र में भी इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा दिया जाएगा।
परिवहन मंत्री मूलचंद शर्मा ने पिछले माह किए नार्वे के दौरे को सफल करार दिया। उन्होंने कहा कि सोनीपत, गुरुग्राम, फरीदाबाद और झज्जर जिले में दिल्ली की तर्ज पर इस साल के अंत तक इलेक्ट्रिक बसों का संचालन कर दिया जाएगा। परिवहन विभाग वर्ष 2024 तक 200 इलेक्ट्रिक बसों को परिवहन निगम के बेड़े में शामिल करेगा। इनमें 50 बसों को 2022 के अंत तक लाने की तैयारी है। परिवहन मंत्री के साथ ही उनके विभाग के अधिकारियों की टीम ने हाल में नार्वे का दौरा कर वहां की परिवहन व्यवस्था की जानकारी ली है। उसी आधार पर भी इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने का निर्णय लिया गया है। परिवहन विभाग के साथ ही निजी संस्थाओं के इलेक्ट्रिक वाहनों को शामिल करने की तैयारी है। इसके संचालन से एक ओर जहां प्रदूषण कम होगा वहीं लोगों का परिवहन खर्च भी कम होगा। इससे देश की विदेशी पूंजी भी बढ़ेगी। परिवहन मंत्री मूलचंद शर्मा ने कहा कि जल्द ही रोडवेज के बेड़े में 1000 बसें शामिल की जाएगी जिसके बाद 800 और बसें शामिल करेंगे।

एनसीआर क्षेत्र को प्रदूषण रहित बनाने के लिए चार जिलों में इलेक्ट्रिक बसें चलाई जाएंगी। परिवहन विभाग की ओर से दो साल में 200 इलेक्ट्रिक बस चलाई जाएगी इनमें से 50 बसें इसी साल के अंत तक आ जाएंगी। परिवहन विभाग विदेशों की तर्ज पर यातायात का संचालन कराने की तैयारी में है। परिवहन विभाग के साथ निजी क्षेत्र में भी इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा दिया जाएगा।

परिवहन मंत्री मूलचंद शर्मा ने पिछले माह किए नार्वे के दौरे को सफल करार दिया। उन्होंने कहा कि सोनीपत, गुरुग्राम, फरीदाबाद और झज्जर जिले में दिल्ली की तर्ज पर इस साल के अंत तक इलेक्ट्रिक बसों का संचालन कर दिया जाएगा। परिवहन विभाग वर्ष 2024 तक 200 इलेक्ट्रिक बसों को परिवहन निगम के बेड़े में शामिल करेगा। इनमें 50 बसों को 2022 के अंत तक लाने की तैयारी है। परिवहन मंत्री के साथ ही उनके विभाग के अधिकारियों की टीम ने हाल में नार्वे का दौरा कर वहां की परिवहन व्यवस्था की जानकारी ली है। उसी आधार पर भी इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने का निर्णय लिया गया है। परिवहन विभाग के साथ ही निजी संस्थाओं के इलेक्ट्रिक वाहनों को शामिल करने की तैयारी है। इसके संचालन से एक ओर जहां प्रदूषण कम होगा वहीं लोगों का परिवहन खर्च भी कम होगा। इससे देश की विदेशी पूंजी भी बढ़ेगी। परिवहन मंत्री मूलचंद शर्मा ने कहा कि जल्द ही रोडवेज के बेड़े में 1000 बसें शामिल की जाएगी जिसके बाद 800 और बसें शामिल करेंगे।

.


रास्ता रोककर हमला करने का एक आरोपी काबू, भेजा जेल

मेडिकल संचालक पर दुकान में घुसकर हमला कर छीने 25 हजार, तीन नामजद