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एनआईआईएफटी टेक्सटाइल डिजाइन के विद्यार्थियों ने लगाई प्रदर्शनी


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चंडीगढ़। नॉर्दर्न इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी मोहाली ने सेक्टर-17 के एक होटल में टेक्सटाइल डिजाइन विभाग के फाइनल ईयर के विद्यार्थियों के फाइनल डिजाइन की प्रदर्शनी लगाई गई। इस मौके पर विद्यार्थियों के 58 कलेक्शन रखे गए। इनमें परिधान, होम फर्निशिंग उत्पाद शामिल हैं। सभी उत्पादों को लेटेस्ट, ट्रेंडिंग और यूनिक थीम पर डिजाइन किया है जो कंपनियों और बाजार में मांग है। इस मौके पर विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया।
इस मौके पर पंजाब के उद्योग और वाणिज्य विभाग के प्रधान सचिव और एनआईआईएफटी के चेयरमैन दिलीप कुमार मुख्यातिथि के रूप में उपस्थित हुए। उन्होंने विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना की। उद्योग और वाणिज्य विभाग के सचिव और एनआईआईएफटी के महानिदेशक सिबिन सी विशेषातिथि के रूप में उपस्थित हुए।
सिबिन ने कहा कि तीन साल की कड़ी शिक्षा और प्रयासों का समापन फाइनल कलेक्शन- सुव्यन 2022 हुआ। इस मौके पर एनआईआईएफटी की निदेशक गीतिका सिंह, एनआईआईएफटी की प्रिंसिपल पूनम अग्रवाल ठाकुर ने भी अपने विचार रखे।
विद्यार्थियों को मोस्ट इनोवेटिव कलेक्शन, मोस्ट कमर्शियल कलेक्शन, बेस्ट डिजाइन मेथडोलॉजी और और एक स्पेशल ज्यूरी अवार्ड को शामिल किया गया। सभी विद्यार्थियों को पांच महीने के लिए विभिन्न टेक्सटाइल कंपनियों में इंटर्नशिप किया। इस मौके पर एनआईआईएफटी के प्रवेश कैलेंडर का भी अनावरण किया गया।
बहुत मेहनत करनी पड़ती है
अपने स्टाल पर स्कार्फ, बंडाना और थ्रोज को डिस्प्ले किया है। डिजिटल प्रिंटिंग कराई है। साथ ही स्काफ हैंडलूम से बनाए। इसके लिए बहुत मेहनत की जरूरत पड़ती है। -गुरसिमर कौर, अंतिम वर्ष की छात्रा
बेहतरीन डिजाइन किया है
स्टाल पर डिजिटल प्रिंट, डाइंग और पैच वर्क से अपने कलेक्शन को सजाया है। पॉलिएस्टर लाइक्रा की ब्लेजर, लांग स्कर्ट और स्कार्फ का बेहतरीन डिजाइन किया है। -इशिका मिढा, अंतिम वर्ष की छात्रा
एक्रेलिक धागा से थ्रोज बनाया
एक्रेलिक धागा से थ्रोज बनाया है। इसे कॉटन ओर स्लब दोनों को जोड़कर तैयार किया है। कुशन भी अलग डिजाइन के हैं। इसे बुनकर को देखकर तैयार किया है। यही है बेसिक से बेहतर करना। -अदिति मिश्रा, अंतिम वर्ष की छात्रा
कुदरत से प्रेरित होकर किया डिजाइन
अपनी कलेक्शन में बेबी ब्लैंकेट का डिजाइन है। अपने काम में उन्होंने फल, पत्ते और फूल बने हैं। हैप्पी हेलोवीन में बेहतरीन कशीदाकारी की है। -सुखमीत कौर, अंतिम वर्ष की छात्रा
तकिया और दरी की कलेक्शन
ब्लाक प्रिंटिंग और थापा माध्यम से अपनी काम की प्रदर्शनी लगाई है। हाथ से बना दरी, तकिया भी कलेक्शन हैं। इन कामों में हर चीज का बारीकी से ध्यान रखना पड़ता है। थोड़ी-सी गलती हो तो पूरा काम बेकार हो जाता है। -राधिका अग्रवाल, अंतिम वर्ष की छात्रा
मेहनत की है तक अपना कलेक्शन लगाया है
सोफा के साइड में लगाने के लिए थ्रोज बनाया है। कशीदाकारी की कुशन है। इसमें हाथ और मशीन की कारीगरी है। हर चीज को बारीकी से ख्याल रखना पड़ता है। धागा से लेकर उसकी डिजाइन पर भी बहुत ध्यान देना पड़ता है। -रुचि कुमार और जाह्नवी, छात्रा एनआइआईएफटी

चंडीगढ़। नॉर्दर्न इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी मोहाली ने सेक्टर-17 के एक होटल में टेक्सटाइल डिजाइन विभाग के फाइनल ईयर के विद्यार्थियों के फाइनल डिजाइन की प्रदर्शनी लगाई गई। इस मौके पर विद्यार्थियों के 58 कलेक्शन रखे गए। इनमें परिधान, होम फर्निशिंग उत्पाद शामिल हैं। सभी उत्पादों को लेटेस्ट, ट्रेंडिंग और यूनिक थीम पर डिजाइन किया है जो कंपनियों और बाजार में मांग है। इस मौके पर विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया।

इस मौके पर पंजाब के उद्योग और वाणिज्य विभाग के प्रधान सचिव और एनआईआईएफटी के चेयरमैन दिलीप कुमार मुख्यातिथि के रूप में उपस्थित हुए। उन्होंने विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना की। उद्योग और वाणिज्य विभाग के सचिव और एनआईआईएफटी के महानिदेशक सिबिन सी विशेषातिथि के रूप में उपस्थित हुए।

सिबिन ने कहा कि तीन साल की कड़ी शिक्षा और प्रयासों का समापन फाइनल कलेक्शन- सुव्यन 2022 हुआ। इस मौके पर एनआईआईएफटी की निदेशक गीतिका सिंह, एनआईआईएफटी की प्रिंसिपल पूनम अग्रवाल ठाकुर ने भी अपने विचार रखे।

विद्यार्थियों को मोस्ट इनोवेटिव कलेक्शन, मोस्ट कमर्शियल कलेक्शन, बेस्ट डिजाइन मेथडोलॉजी और और एक स्पेशल ज्यूरी अवार्ड को शामिल किया गया। सभी विद्यार्थियों को पांच महीने के लिए विभिन्न टेक्सटाइल कंपनियों में इंटर्नशिप किया। इस मौके पर एनआईआईएफटी के प्रवेश कैलेंडर का भी अनावरण किया गया।

बहुत मेहनत करनी पड़ती है

अपने स्टाल पर स्कार्फ, बंडाना और थ्रोज को डिस्प्ले किया है। डिजिटल प्रिंटिंग कराई है। साथ ही स्काफ हैंडलूम से बनाए। इसके लिए बहुत मेहनत की जरूरत पड़ती है। -गुरसिमर कौर, अंतिम वर्ष की छात्रा

बेहतरीन डिजाइन किया है

स्टाल पर डिजिटल प्रिंट, डाइंग और पैच वर्क से अपने कलेक्शन को सजाया है। पॉलिएस्टर लाइक्रा की ब्लेजर, लांग स्कर्ट और स्कार्फ का बेहतरीन डिजाइन किया है। -इशिका मिढा, अंतिम वर्ष की छात्रा

एक्रेलिक धागा से थ्रोज बनाया

एक्रेलिक धागा से थ्रोज बनाया है। इसे कॉटन ओर स्लब दोनों को जोड़कर तैयार किया है। कुशन भी अलग डिजाइन के हैं। इसे बुनकर को देखकर तैयार किया है। यही है बेसिक से बेहतर करना। -अदिति मिश्रा, अंतिम वर्ष की छात्रा

कुदरत से प्रेरित होकर किया डिजाइन

अपनी कलेक्शन में बेबी ब्लैंकेट का डिजाइन है। अपने काम में उन्होंने फल, पत्ते और फूल बने हैं। हैप्पी हेलोवीन में बेहतरीन कशीदाकारी की है। -सुखमीत कौर, अंतिम वर्ष की छात्रा

तकिया और दरी की कलेक्शन

ब्लाक प्रिंटिंग और थापा माध्यम से अपनी काम की प्रदर्शनी लगाई है। हाथ से बना दरी, तकिया भी कलेक्शन हैं। इन कामों में हर चीज का बारीकी से ध्यान रखना पड़ता है। थोड़ी-सी गलती हो तो पूरा काम बेकार हो जाता है। -राधिका अग्रवाल, अंतिम वर्ष की छात्रा

मेहनत की है तक अपना कलेक्शन लगाया है

सोफा के साइड में लगाने के लिए थ्रोज बनाया है। कशीदाकारी की कुशन है। इसमें हाथ और मशीन की कारीगरी है। हर चीज को बारीकी से ख्याल रखना पड़ता है। धागा से लेकर उसकी डिजाइन पर भी बहुत ध्यान देना पड़ता है। -रुचि कुमार और जाह्नवी, छात्रा एनआइआईएफटी

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