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एचएसवीपी के सहायक के आत्महत्या प्रकरण में एक आरोपी ने प्रशासक को दी थी शिकायत


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हिसार। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) में सहायक के पद पर कार्यरत रतन सिंह के आत्महत्या मामले में एक नया मोड़ आया है। जिस दिन रतन सिंह ने आत्महत्या ने की, उसी दिन मामले के एक आरोपी प्रदीप राय ने एचएसवीपी प्रशासक को रतन सिंह के खिलाफ लिखित में शिकायत दी थी। जैसे ही रतन सिंह को यह पता चला कि उसके खिलाफ शिकायत हुई है तो वह अपने घर चला गया था और उसने आत्महत्या कर ली।
आरोपी प्रदीप राय 2 अगस्त को एचएसवीपी प्रशासक राजेश जोगपाल के पास गया था। प्रदीप राय ने उन्हें बताया कि उसने मकान के कंप्लीशन सर्टिफिकेट लेने के लिए सहायक रतन सिंह को सवा लाख रुपये दिए थे। मगर पैसे देने के बाद भी उसका काम नहीं हुआ। इस पर प्रशासक ने प्रदीप राय को लिखित में शिकायत देने को कहा। इसके बाद उसने प्रशासक की अधिकारिक मेल पर शिकायत दी।
एफआईआर दर्ज होने के बाद अवकाश पर गए कर्मचारी
सहायक रतन सिंह ने सुसाइड नोट लिखा था, जिसमें उसने 6 लोगों को अपनी मौत का जिम्मेदार ठहराया था। इन 6 लोगों में 2 एचएसवीपी के कर्मचारी है। चूंकि पुलिस ने इन 6 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। इसके साथ ये दोनों कर्मचारी अवकाश पर चले गए हैं। गौरतलब है कि एचएसवीपी में सहायक के पद पर कार्यरत 52 वर्षीय रतन सिंह ने 2 अगस्त को आत्महत्या कर ली थी। शाम को खेत में बने चौबारे में उसका शव मिला था। आत्महत्या से पहले रतन सिंह ने दो पेज का सुसाइड नोट लिखा था, जिसमें उसने एचएसवीपी के दो कर्मचारियों सहित 6 लोगों को अपनी मौत का जिम्मेवार ठहराया था।
प्रदीप राय ने प्रशासक से शिकायत की थी। मैं लोगों से अपील करता हूं कि वह एचएसवीपी से संबंधित किसी कार्य के लिए किसी कर्मचारी या बाहरी व्यक्ति को पैसे न दें। यहां प्रत्येक कार्य एक निर्धारित प्रक्रिया के तहत किया जाता है। अगर उस प्रक्रिया में कोई दिक्कत है तो वह अधिकारियों से मिलें। – राजेश खौथ, संपदा अधिकारी, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण
एचएसवीपी कर्मचारी के सुसाइड मामले में जांच जारी है। जांच पूरी होने के बाद ही आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। – सदानंद, थाना प्रभारी, आजाद नगर
एक व्यक्ति मुझे इस मामले के संबंध में कार्यालय में आकर मिला था। उसने मुझे मेल के माध्यम एक शिकायत भी की थी, जिसके साथ एक ऑडियो क्लिप भी है। हम इस मामले की जांच करवा रहे हैं। साथ ही मैंने यह शिकायत मुख्यालय भी भिजवा दी है। – राजेश जोगपाल, प्रशासक, एचएसवीपी

हिसार। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) में सहायक के पद पर कार्यरत रतन सिंह के आत्महत्या मामले में एक नया मोड़ आया है। जिस दिन रतन सिंह ने आत्महत्या ने की, उसी दिन मामले के एक आरोपी प्रदीप राय ने एचएसवीपी प्रशासक को रतन सिंह के खिलाफ लिखित में शिकायत दी थी। जैसे ही रतन सिंह को यह पता चला कि उसके खिलाफ शिकायत हुई है तो वह अपने घर चला गया था और उसने आत्महत्या कर ली।

आरोपी प्रदीप राय 2 अगस्त को एचएसवीपी प्रशासक राजेश जोगपाल के पास गया था। प्रदीप राय ने उन्हें बताया कि उसने मकान के कंप्लीशन सर्टिफिकेट लेने के लिए सहायक रतन सिंह को सवा लाख रुपये दिए थे। मगर पैसे देने के बाद भी उसका काम नहीं हुआ। इस पर प्रशासक ने प्रदीप राय को लिखित में शिकायत देने को कहा। इसके बाद उसने प्रशासक की अधिकारिक मेल पर शिकायत दी।

एफआईआर दर्ज होने के बाद अवकाश पर गए कर्मचारी

सहायक रतन सिंह ने सुसाइड नोट लिखा था, जिसमें उसने 6 लोगों को अपनी मौत का जिम्मेदार ठहराया था। इन 6 लोगों में 2 एचएसवीपी के कर्मचारी है। चूंकि पुलिस ने इन 6 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। इसके साथ ये दोनों कर्मचारी अवकाश पर चले गए हैं। गौरतलब है कि एचएसवीपी में सहायक के पद पर कार्यरत 52 वर्षीय रतन सिंह ने 2 अगस्त को आत्महत्या कर ली थी। शाम को खेत में बने चौबारे में उसका शव मिला था। आत्महत्या से पहले रतन सिंह ने दो पेज का सुसाइड नोट लिखा था, जिसमें उसने एचएसवीपी के दो कर्मचारियों सहित 6 लोगों को अपनी मौत का जिम्मेवार ठहराया था।

प्रदीप राय ने प्रशासक से शिकायत की थी। मैं लोगों से अपील करता हूं कि वह एचएसवीपी से संबंधित किसी कार्य के लिए किसी कर्मचारी या बाहरी व्यक्ति को पैसे न दें। यहां प्रत्येक कार्य एक निर्धारित प्रक्रिया के तहत किया जाता है। अगर उस प्रक्रिया में कोई दिक्कत है तो वह अधिकारियों से मिलें। – राजेश खौथ, संपदा अधिकारी, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण

एचएसवीपी कर्मचारी के सुसाइड मामले में जांच जारी है। जांच पूरी होने के बाद ही आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। – सदानंद, थाना प्रभारी, आजाद नगर

एक व्यक्ति मुझे इस मामले के संबंध में कार्यालय में आकर मिला था। उसने मुझे मेल के माध्यम एक शिकायत भी की थी, जिसके साथ एक ऑडियो क्लिप भी है। हम इस मामले की जांच करवा रहे हैं। साथ ही मैंने यह शिकायत मुख्यालय भी भिजवा दी है। – राजेश जोगपाल, प्रशासक, एचएसवीपी

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