in

एक लाख रुपये के बदले में देते थे ढाई लाख रुपये की नकली करंसी


ख़बर सुनें

दिल्ली, यूपी के लखनऊ और कानपुर (उन्नाव) के ध्यानार्थ
——————————————–
एक लाख रुपये के बदले में देते थे ढाई लाख रुपये की नकली करंसी
नकली नोट पहुंचाने और असली करंसी लाने की एवज में आरोपी को मिलते थे दस हजार रुपये
2.56 लाख नकली करंसी के साथ पकड़ा गया था आरोपी
फोटो 46
संवाद न्यूज एजेंसी
हिसार। उत्तर प्रदेश से नकली नोट लाकर आरोपी युवक एक लाख रुपये की असली करंसी के बदले में ढाई लाख की नकली करंसी देता था। नकली करंसी लेकर आना और असली लेकर जाने की एवज में आरोपी को दस हजार रुपये का कमीशन मिलता था। यह खुलासा सीआईए टीम द्वारा पकड़े गए यूपी के उन्नाव जिला के पछियांव गांव निवासी रविकांत उर्फ रवि ने पूछताछ के दौरान किया है। पकड़े गए आरोपी से 2,56100 के नकली नोट बरामद हुए थे। शहर थाना पुलिस ने रविकांत के खिलाफ केस दर्ज किया था। रविकांत के साथ एक और युवक आया था। पुलिस उसकी तलाश कर रही है। वहीं, पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी रविकांत को तीन दिन के रिमांड पर लिया है।
सोशल मीडिया के माध्यम से होती थी बातचीत
सीआईए प्रभारी निरीक्षक प्रहलाद राय के मुताबिक पूछताछ के दौरान आरोपी रविकांत ने बताया कि वह पछियांव मोहल्ला नवाबगंज, उन्नाव में खाद बीज की दुकान करता है। करीब चार माह पहले लखनऊ निवासी समीर उर्फ सैम के साथ सोशल मीडिया पर बात हुई थी। बातचीत के दौरान समीर ने बताया कि वह नकली करंसी का काम करता है, जो कि बिल्कुल असली जैसे दिखाई देते हैं। इसे किसी बड़ी पार्टी या परचून में चलाकर काफी मुनाफा कमाया जा सकता है।
पहले दिल्ली और यूपी में कर चुका है सप्लाई
आरोपी रविकांत ने बताया कि वह कमीशन पर नकली करंसी की सप्लाई करता है। इस से पहले दिल्ली और उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में करंसी सप्लाई कर चुका हूं। समीर मुझे नकली करंसी देता था और बताए गए व्यक्ति के पास भेजता था। उसे ढाई लाख रुपये की नकली करंसी देता और वह एक लाख रुपये देता था। मुझे इसके बदले दस हजार रुपये मिलते थे। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह पांच बार समीर के लाखों की नकली करंसी सप्लाई कर चुका है। समीर ने रविकांत से सोशल मीडिया के जरिये बात कर हिसार के एक व्यक्ति को ढाई लाख रुपये की नकली करंसी देने की बात कही थी। रविकांत दो लाख 56 हजार 100 नकली करंसी लेकर हिसार पहुंचा था। वह सप्लाई करता उससे पहले उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने उसके पास से पांच-पांच सौ रुपये के 420 नोट, दो-दो सौ रुपये के 225 नोट और 100 रुपये के 11 नोट और मोबाइल फोन बरामद किया था।
500 रुपये की धुंधली है छपाई
पुलिस ने बताया कि जो नकली करंसी पकड़ी गई है उसमें 500, 200 और 100 रुपये के नोट हैं। 100 रुपये के जो नोट वे देखने में असली दिखाई देते हैं। एक बार में उसे कोई भी उसे नकली नहीं बता सकता। दो सौ रुपये की करंसी भी असली दिखाई देती है। लेकिन पांच सौ रुपये की करंसी की छपाई धुंधली है। कुछ करंसी पर एक जैसे नंबर है। कुछ पर अलग नंबर है। आरोपी को अदालत में पेश कर तीन दिन के लिए रिमांड पर लिया गया है।

दिल्ली, यूपी के लखनऊ और कानपुर (उन्नाव) के ध्यानार्थ

——————————————–

एक लाख रुपये के बदले में देते थे ढाई लाख रुपये की नकली करंसी

नकली नोट पहुंचाने और असली करंसी लाने की एवज में आरोपी को मिलते थे दस हजार रुपये

2.56 लाख नकली करंसी के साथ पकड़ा गया था आरोपी

फोटो 46

संवाद न्यूज एजेंसी

हिसार। उत्तर प्रदेश से नकली नोट लाकर आरोपी युवक एक लाख रुपये की असली करंसी के बदले में ढाई लाख की नकली करंसी देता था। नकली करंसी लेकर आना और असली लेकर जाने की एवज में आरोपी को दस हजार रुपये का कमीशन मिलता था। यह खुलासा सीआईए टीम द्वारा पकड़े गए यूपी के उन्नाव जिला के पछियांव गांव निवासी रविकांत उर्फ रवि ने पूछताछ के दौरान किया है। पकड़े गए आरोपी से 2,56100 के नकली नोट बरामद हुए थे। शहर थाना पुलिस ने रविकांत के खिलाफ केस दर्ज किया था। रविकांत के साथ एक और युवक आया था। पुलिस उसकी तलाश कर रही है। वहीं, पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी रविकांत को तीन दिन के रिमांड पर लिया है।

सोशल मीडिया के माध्यम से होती थी बातचीत

सीआईए प्रभारी निरीक्षक प्रहलाद राय के मुताबिक पूछताछ के दौरान आरोपी रविकांत ने बताया कि वह पछियांव मोहल्ला नवाबगंज, उन्नाव में खाद बीज की दुकान करता है। करीब चार माह पहले लखनऊ निवासी समीर उर्फ सैम के साथ सोशल मीडिया पर बात हुई थी। बातचीत के दौरान समीर ने बताया कि वह नकली करंसी का काम करता है, जो कि बिल्कुल असली जैसे दिखाई देते हैं। इसे किसी बड़ी पार्टी या परचून में चलाकर काफी मुनाफा कमाया जा सकता है।

पहले दिल्ली और यूपी में कर चुका है सप्लाई

आरोपी रविकांत ने बताया कि वह कमीशन पर नकली करंसी की सप्लाई करता है। इस से पहले दिल्ली और उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में करंसी सप्लाई कर चुका हूं। समीर मुझे नकली करंसी देता था और बताए गए व्यक्ति के पास भेजता था। उसे ढाई लाख रुपये की नकली करंसी देता और वह एक लाख रुपये देता था। मुझे इसके बदले दस हजार रुपये मिलते थे। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह पांच बार समीर के लाखों की नकली करंसी सप्लाई कर चुका है। समीर ने रविकांत से सोशल मीडिया के जरिये बात कर हिसार के एक व्यक्ति को ढाई लाख रुपये की नकली करंसी देने की बात कही थी। रविकांत दो लाख 56 हजार 100 नकली करंसी लेकर हिसार पहुंचा था। वह सप्लाई करता उससे पहले उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने उसके पास से पांच-पांच सौ रुपये के 420 नोट, दो-दो सौ रुपये के 225 नोट और 100 रुपये के 11 नोट और मोबाइल फोन बरामद किया था।

500 रुपये की धुंधली है छपाई

पुलिस ने बताया कि जो नकली करंसी पकड़ी गई है उसमें 500, 200 और 100 रुपये के नोट हैं। 100 रुपये के जो नोट वे देखने में असली दिखाई देते हैं। एक बार में उसे कोई भी उसे नकली नहीं बता सकता। दो सौ रुपये की करंसी भी असली दिखाई देती है। लेकिन पांच सौ रुपये की करंसी की छपाई धुंधली है। कुछ करंसी पर एक जैसे नंबर है। कुछ पर अलग नंबर है। आरोपी को अदालत में पेश कर तीन दिन के लिए रिमांड पर लिया गया है।

.


Gurdaspur: गुरदासपुर का एसपी (मुख्यालय) दुष्कर्म मामले में गिरफ्तार, पंजाब पुलिस ने की कार्रवाई

110 दिन में किशोरों में केवल 29 प्रतिशत टीकाकरण , अब सीएमओ सरकारी स्कूलों में प्रार्थना के समय विद्यार्थियों और अभिभावकों को क