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एक तो मौसम का सितम, ऊपर से व्यवस्था बीमार


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फतेहाबाद। जिला मुख्यालय पर स्थित नागरिक अस्पताल में मरीजों से लेकर तीमारदारों तक की हालत बिगड़ रही है। एक तो मौसम सितम ढा रहा है तो ऊपर से बीमार व्यवस्था से भी लोग परेशान हैं। उमस भरे माहौल में कई मरीजों को पेड़ के नीचे तो कइयों को एक ही पंखे की हवा के सहारे चिकित्सकों से परामर्श लेने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है। परामर्श के बाद अगली चुनौती दवा लेना है। पर्ची पर लिखी दवाई लेने के लिए अस्पताल की डिस्पेंसरी पर भारी भीड़ लगी रहती है और तीमारदारों को घंटों इंतजार करना पड़ता है।
बता दें कि अस्पताल के हर वार्ड में वाटर कूलर तो लगे हैं, लेकिन इनसे ठंडा पानी नहीं बल्कि गर्म पानी आता है। हालांकि, जनाना वार्ड में पहले से कुछ व्यवस्था में सुधार हुआ है। वहीं फतेहाबाद में मंगलवार को अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रहा। वातावरण में 55 फीसदी नमी होने के कारण पूरे दिन उमस रही। हवा न चलने के कारण चिपचिपाहट भरी गर्मी से लोग परेशान रहे। वहीं दूसरी तरफ नागरिक अस्पताल के जनाना व मर्दाना वार्ड में वाटर कूलर तो लगाए हुए हैं, लेकिन इनमें गर्म पानी आने से मरीजों को परेशानी होती है और तीमारदारों को भीषण गर्मी में ठंडे पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ता है।
रोजाना 500 से 600 मरीज आते हैं अस्पताल
नागरिक अस्पताल में रोजाना 500 से 600 मरीजों की ओपीडी होती है। मगर अस्पताल में प्रवेश के साथ ही मरीजों व तीमारदारों की परीक्षा शुरू हो जाती है। जांच करवाने के लिए मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। चिकित्सकों की कमी से जूझ रहे स्वास्थ्य विभाग के प्रबंध मरीजों की संख्या के मुकाबले नाममात्र नजर आते हैं। हालत ऐसी है कि एक-एक चिकित्सक को 90 से 100 मरीजों की जांच करनी पड़ रही है।
सुबह 9 बजे अस्पताल आए, 11 बजे डॉक्टर ने देखा, एक बजे दवा मिली
दरअसल, मंगलवार को नागरिक अस्पताल के हालात देखे तो सबसे अधिक परेशानी नागरिक अस्पताल के दवा काउंटर पर दवा लेने वाले लोगों को हो रही थी। एक तो उमस व चिपचिपाहट बढ़ी हुई थी, वहीं लाइनों में लगे महिला व पुरुष अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे। भट्टू से आए विनोद कुमार ने बताया कि वह सुबह 9 बजे अस्पताल में आया था। चिकित्सक के पास परामर्श लेने के लिए उसकी बारी 11 बजे आई। इसके बाद तुरंत दवा के लिए लाइन में लग गया। करीब एक बजे उसे दवा मिल पाई।
पेड़ की छांव में नींद की झपकी
कुछ मरीजों में बारी में लंबा समय लगने के कारण सुस्ती आ गई। कई लोग बैंच पर ही बैठकर सुस्ताते रहे तो कुछ पेड़ की छांव में पत्थर से बैठने के लिए बनी जगह पर ही नींद की झपकी लेते नजर आए।
चिकित्सकों के केबिन के बाहर भीड़ ही भीड़
नागरिक अस्पताल में चिकित्सकों के केबिन के बाहर भी यही हालात देखे गए। अस्पताल में गायनी से लेकर अन्य विशेषज्ञ चिकित्सकों के केबिन के बाहर भीड़ लगी रही। हालांकि, लोगों के बैठने के लिए कुर्सियां व ऊपर शेड लगाया गया है, पंखे भी चल रहे थे, लेकिन इस चिपचिपाहट भरी गर्मी में पंखे की हवा भी नाकाफी लग रही थी।
चिकित्सकों के 42 पद, कार्यरत मात्र 18
नागरिक अस्पताल में सभी स्पेशलिस्ट चिकित्सकों के 42 पद स्वीकृत हैं और केवल मात्र 18 चिकित्सक ही फिलहाल नागरिक अस्पताल में कार्यरत हैं। वहीं अगर पूरे जिले की बात की जाए तो जिले के सभी नागरिक अस्पतालों, सीएचसी व पीएचसी में 179 चिकित्सक चाहिए, लेकिन इनके 105 पद अभी भी खाली पड़े हैं।
कोट
पहले फार्मासिस्ट की कमी के कारण डिस्पेंसरी में लोगों की भीड़ लगी होती थी। एक ही कर्मचारी दवा वितरित करता था। अब यहां पर तीन लोगों की ड्यूटी लगा दी गई है। अस्पताल में वाटर कूलरों से अगर ठंडा पानी नहीं आ रहा तो व्यवस्था को सुधारा जाएगा। अस्पताल में चिकित्सकों की कमी के लिए सीएमओ ऑफिस को रिमाइंडर भेजा गया है।
-डॉ. राजेश चौधरी, एसएमओ, नागरिक अस्पताल, फतेहाबाद

समय 12 बजकर 1 मिनट पर नागरिक अस्पताल में गायनी स्पेशलिस्ट के केबिन के बाहर बारी का इंतजार करते लोग।

समय 12 बजकर 1 मिनट पर नागरिक अस्पताल में गायनी स्पेशलिस्ट के केबिन के बाहर बारी का इंतजार करते लोग।– फोटो : Fatehabad

फतेहाबाद। जिला मुख्यालय पर स्थित नागरिक अस्पताल में मरीजों से लेकर तीमारदारों तक की हालत बिगड़ रही है। एक तो मौसम सितम ढा रहा है तो ऊपर से बीमार व्यवस्था से भी लोग परेशान हैं। उमस भरे माहौल में कई मरीजों को पेड़ के नीचे तो कइयों को एक ही पंखे की हवा के सहारे चिकित्सकों से परामर्श लेने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है। परामर्श के बाद अगली चुनौती दवा लेना है। पर्ची पर लिखी दवाई लेने के लिए अस्पताल की डिस्पेंसरी पर भारी भीड़ लगी रहती है और तीमारदारों को घंटों इंतजार करना पड़ता है।

बता दें कि अस्पताल के हर वार्ड में वाटर कूलर तो लगे हैं, लेकिन इनसे ठंडा पानी नहीं बल्कि गर्म पानी आता है। हालांकि, जनाना वार्ड में पहले से कुछ व्यवस्था में सुधार हुआ है। वहीं फतेहाबाद में मंगलवार को अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रहा। वातावरण में 55 फीसदी नमी होने के कारण पूरे दिन उमस रही। हवा न चलने के कारण चिपचिपाहट भरी गर्मी से लोग परेशान रहे। वहीं दूसरी तरफ नागरिक अस्पताल के जनाना व मर्दाना वार्ड में वाटर कूलर तो लगाए हुए हैं, लेकिन इनमें गर्म पानी आने से मरीजों को परेशानी होती है और तीमारदारों को भीषण गर्मी में ठंडे पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ता है।

रोजाना 500 से 600 मरीज आते हैं अस्पताल

नागरिक अस्पताल में रोजाना 500 से 600 मरीजों की ओपीडी होती है। मगर अस्पताल में प्रवेश के साथ ही मरीजों व तीमारदारों की परीक्षा शुरू हो जाती है। जांच करवाने के लिए मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। चिकित्सकों की कमी से जूझ रहे स्वास्थ्य विभाग के प्रबंध मरीजों की संख्या के मुकाबले नाममात्र नजर आते हैं। हालत ऐसी है कि एक-एक चिकित्सक को 90 से 100 मरीजों की जांच करनी पड़ रही है।

सुबह 9 बजे अस्पताल आए, 11 बजे डॉक्टर ने देखा, एक बजे दवा मिली

दरअसल, मंगलवार को नागरिक अस्पताल के हालात देखे तो सबसे अधिक परेशानी नागरिक अस्पताल के दवा काउंटर पर दवा लेने वाले लोगों को हो रही थी। एक तो उमस व चिपचिपाहट बढ़ी हुई थी, वहीं लाइनों में लगे महिला व पुरुष अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे। भट्टू से आए विनोद कुमार ने बताया कि वह सुबह 9 बजे अस्पताल में आया था। चिकित्सक के पास परामर्श लेने के लिए उसकी बारी 11 बजे आई। इसके बाद तुरंत दवा के लिए लाइन में लग गया। करीब एक बजे उसे दवा मिल पाई।

पेड़ की छांव में नींद की झपकी

कुछ मरीजों में बारी में लंबा समय लगने के कारण सुस्ती आ गई। कई लोग बैंच पर ही बैठकर सुस्ताते रहे तो कुछ पेड़ की छांव में पत्थर से बैठने के लिए बनी जगह पर ही नींद की झपकी लेते नजर आए।

चिकित्सकों के केबिन के बाहर भीड़ ही भीड़

नागरिक अस्पताल में चिकित्सकों के केबिन के बाहर भी यही हालात देखे गए। अस्पताल में गायनी से लेकर अन्य विशेषज्ञ चिकित्सकों के केबिन के बाहर भीड़ लगी रही। हालांकि, लोगों के बैठने के लिए कुर्सियां व ऊपर शेड लगाया गया है, पंखे भी चल रहे थे, लेकिन इस चिपचिपाहट भरी गर्मी में पंखे की हवा भी नाकाफी लग रही थी।

चिकित्सकों के 42 पद, कार्यरत मात्र 18

नागरिक अस्पताल में सभी स्पेशलिस्ट चिकित्सकों के 42 पद स्वीकृत हैं और केवल मात्र 18 चिकित्सक ही फिलहाल नागरिक अस्पताल में कार्यरत हैं। वहीं अगर पूरे जिले की बात की जाए तो जिले के सभी नागरिक अस्पतालों, सीएचसी व पीएचसी में 179 चिकित्सक चाहिए, लेकिन इनके 105 पद अभी भी खाली पड़े हैं।

कोट

पहले फार्मासिस्ट की कमी के कारण डिस्पेंसरी में लोगों की भीड़ लगी होती थी। एक ही कर्मचारी दवा वितरित करता था। अब यहां पर तीन लोगों की ड्यूटी लगा दी गई है। अस्पताल में वाटर कूलरों से अगर ठंडा पानी नहीं आ रहा तो व्यवस्था को सुधारा जाएगा। अस्पताल में चिकित्सकों की कमी के लिए सीएमओ ऑफिस को रिमाइंडर भेजा गया है।

-डॉ. राजेश चौधरी, एसएमओ, नागरिक अस्पताल, फतेहाबाद

समय 12 बजकर 1 मिनट पर नागरिक अस्पताल में गायनी स्पेशलिस्ट के केबिन के बाहर बारी का इंतजार करते लोग।

समय 12 बजकर 1 मिनट पर नागरिक अस्पताल में गायनी स्पेशलिस्ट के केबिन के बाहर बारी का इंतजार करते लोग।– फोटो : Fatehabad

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