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एक्साइज एक्ट में केस दर्ज कर मामला निपटाया


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कैथल। पूंडरी क्षेत्र में सोमवार की रात को पकड़े गए शराब से भरे ट्रक के मामले में पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए जा रहे हैं। दरअसल, पुलिस ने इस मामले में चालक के खिलाफ एक्साइज एक्ट के तहत केस दर्ज किया है जबकि परमिट पर चालक का नाम दूसरा लिखा हुआ है। साथ ही ट्रक का जो रूट परमिट पर अंकित है, वह भी अलग है। ऐसे में महज एक्साइज एक्ट के तहत कार्रवाई पर सवाल उठना लाजिमी है। पकड़ी गई शराब की कीमत करीब 28 लाख रुपये आंकी गई है।
गौरतलब है कि सोमवार रात को पूंडरी क्षेत्र में कैथल-करनाल मार्ग पर स्थित गांव ट्योंठा में पुलिस ने देसी शराब से भरा ट्रक पकड़ा था। मामले में देर रात चालक आरोपी भाणा निवासी सतबीर को काबू कर उसके खिलाफ एक्साइज एक्ट के तहत केस दर्ज किया। उसे न्यायालय में पेश कर दो दिन के रिमांड पर लिया गया है। एफआईआर में साफ जिक्र है कि चालक सतबीर ने शराब के संबंध में कोई साक्ष्य पेश नहीं किए। उसने जो साक्ष्य दिए हैं, उसके अनुसार गाड़ी का रूट नीलोखेड़ी, ढांड से कैथल है जबकि यह ट्रक पूंडरी क्षेत्र में पकड़ा गया है। उसके दिखाए कागजात में चालक का नाम भी नवनीत पाया गया है।
ऐसे में रूट बदलकर अवैध तरीके से शराब लाने का मामला बनता है। इसके बावजूद महज एक्साइज एक्ट लगाना कहीं न कहीं शराब भेजने वाले व शराब मंगवाने वाले को बचाने का प्रयास दिख रहा है। इस संबंध में एसपी मकसूद अहमद ने कहा कि पुलिस चालक का रिमांड लेकर पूछताछ कर रही है। जो भी व्यक्ति इस मामले में संलिप्त होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अभी 420 की धारा जोड़ दी गई है। आगे-आगे जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
मामला एक तरह का तो कार्रवाई अलग क्यों?
इसी तरह के एक मामले में तीन नवंबर 2018 को सीएम फ्लाइंग ने एक ट्रक को पकड़ा था। इसमें पुलिस ने शराब ठेकेदार, फैक्टरी मालिक, एक्साइज इंस्पेक्टर, ड्राइवर व सहित करीब एक दर्जन लोगों पर धारा 409, 420, 465, 467, 468,471, 120बी व एक्साइज एक्ट के तहत मामला दर्ज किया था और तुरंत ठेकेदार को भी गिरफ्तार कर उसका रिमांड लिया गया था लेकिन इस बार की पुलिस कार्रवाई खानापूर्ति नजर आ रही है।

कैथल। पूंडरी क्षेत्र में सोमवार की रात को पकड़े गए शराब से भरे ट्रक के मामले में पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए जा रहे हैं। दरअसल, पुलिस ने इस मामले में चालक के खिलाफ एक्साइज एक्ट के तहत केस दर्ज किया है जबकि परमिट पर चालक का नाम दूसरा लिखा हुआ है। साथ ही ट्रक का जो रूट परमिट पर अंकित है, वह भी अलग है। ऐसे में महज एक्साइज एक्ट के तहत कार्रवाई पर सवाल उठना लाजिमी है। पकड़ी गई शराब की कीमत करीब 28 लाख रुपये आंकी गई है।

गौरतलब है कि सोमवार रात को पूंडरी क्षेत्र में कैथल-करनाल मार्ग पर स्थित गांव ट्योंठा में पुलिस ने देसी शराब से भरा ट्रक पकड़ा था। मामले में देर रात चालक आरोपी भाणा निवासी सतबीर को काबू कर उसके खिलाफ एक्साइज एक्ट के तहत केस दर्ज किया। उसे न्यायालय में पेश कर दो दिन के रिमांड पर लिया गया है। एफआईआर में साफ जिक्र है कि चालक सतबीर ने शराब के संबंध में कोई साक्ष्य पेश नहीं किए। उसने जो साक्ष्य दिए हैं, उसके अनुसार गाड़ी का रूट नीलोखेड़ी, ढांड से कैथल है जबकि यह ट्रक पूंडरी क्षेत्र में पकड़ा गया है। उसके दिखाए कागजात में चालक का नाम भी नवनीत पाया गया है।

ऐसे में रूट बदलकर अवैध तरीके से शराब लाने का मामला बनता है। इसके बावजूद महज एक्साइज एक्ट लगाना कहीं न कहीं शराब भेजने वाले व शराब मंगवाने वाले को बचाने का प्रयास दिख रहा है। इस संबंध में एसपी मकसूद अहमद ने कहा कि पुलिस चालक का रिमांड लेकर पूछताछ कर रही है। जो भी व्यक्ति इस मामले में संलिप्त होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अभी 420 की धारा जोड़ दी गई है। आगे-आगे जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

मामला एक तरह का तो कार्रवाई अलग क्यों?

इसी तरह के एक मामले में तीन नवंबर 2018 को सीएम फ्लाइंग ने एक ट्रक को पकड़ा था। इसमें पुलिस ने शराब ठेकेदार, फैक्टरी मालिक, एक्साइज इंस्पेक्टर, ड्राइवर व सहित करीब एक दर्जन लोगों पर धारा 409, 420, 465, 467, 468,471, 120बी व एक्साइज एक्ट के तहत मामला दर्ज किया था और तुरंत ठेकेदार को भी गिरफ्तार कर उसका रिमांड लिया गया था लेकिन इस बार की पुलिस कार्रवाई खानापूर्ति नजर आ रही है।

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