आरोपी रजिस्ट्री क्लर्क व ऑपरेटर को नहीं मिली अग्रिम जमानत, रजिस्ट्री कार्य ठप


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हांसी। पिछले सप्ताह भ्रष्टाचार के आरोप में पकड़े गए तहसील कार्यालय के रजिस्ट्री क्लर्क व ऑपरेटर की अग्रिम जमानत याचिका खारिज हो गई है। उधर, अब तक क्लर्क न होने के चलते एक सप्ताह से रजिस्ट्री का काम भी बाधित है। तहसील प्रशासन का कहना है कि क्लर्क के लिए डीसी से मांग की गई है, लेकिन अभी तक तैनाती नहीं हुई है। बिना रजिस्ट्री क्लर्क के यहां पर रजिस्ट्री नहीं होती है, इसलिए डाटा ऑपरेटर की ड्यूटी भी यहां से हटा ली गई है। जब तक रजिस्ट्री क्लर्क की तैनाती नहीं होती तब तक काम बंद रहेगा।
बता दें कि, सीएम फ्लाइंग को 22 सितंबर को शिकायत मिली थी कि तहसील कार्यालय में रजिस्ट्री क्लर्क विजय सिंह भूमि रजिस्ट्री करने में अनियमितता व धांधली करता है। इस पर मुख्यमंत्री उड़नदस्ता टीम ने ड्यूटी मजिस्ट्रेट बिजली निगम के एसडीओ रणवीर सिंह को साथ लेकर तहसील कार्यालय हांसी का औचक निरीक्षण किया था। इस दौरान कंप्यूटर की मेज की दराज से 20 हजार रुपये बरामद हुए थे। इस मामले में पुलिस ने विजय सिंह व विकास के खिलाफ मामला दर्ज किया था।
मामला दर्ज होने के बाद रजिस्ट्री क्लर्क विजय सिंह व डाटा ऑपरेटर विकास बेनीवाल ने सेशन कोर्ट में अग्रिम जमानत की याचिका लगाई। न्यायाधीश ने शुक्रवार को सुनवाई करते हुए दोनों की अग्रिम जमानत याचिका रद्द कर दी। तहसीलदार डॉ. अनिल बिढ़ाणा ने बताया कि रजिस्ट्री क्लर्क व डाटा ऑपरेटर के खिलाफ मामला दर्ज है। दूसरे रजिस्ट्री क्लर्क की तैनाती के लिए पत्र भेजा गया है। जल्दी ही काम शुरू हो जाएगा।

हांसी। पिछले सप्ताह भ्रष्टाचार के आरोप में पकड़े गए तहसील कार्यालय के रजिस्ट्री क्लर्क व ऑपरेटर की अग्रिम जमानत याचिका खारिज हो गई है। उधर, अब तक क्लर्क न होने के चलते एक सप्ताह से रजिस्ट्री का काम भी बाधित है। तहसील प्रशासन का कहना है कि क्लर्क के लिए डीसी से मांग की गई है, लेकिन अभी तक तैनाती नहीं हुई है। बिना रजिस्ट्री क्लर्क के यहां पर रजिस्ट्री नहीं होती है, इसलिए डाटा ऑपरेटर की ड्यूटी भी यहां से हटा ली गई है। जब तक रजिस्ट्री क्लर्क की तैनाती नहीं होती तब तक काम बंद रहेगा।

बता दें कि, सीएम फ्लाइंग को 22 सितंबर को शिकायत मिली थी कि तहसील कार्यालय में रजिस्ट्री क्लर्क विजय सिंह भूमि रजिस्ट्री करने में अनियमितता व धांधली करता है। इस पर मुख्यमंत्री उड़नदस्ता टीम ने ड्यूटी मजिस्ट्रेट बिजली निगम के एसडीओ रणवीर सिंह को साथ लेकर तहसील कार्यालय हांसी का औचक निरीक्षण किया था। इस दौरान कंप्यूटर की मेज की दराज से 20 हजार रुपये बरामद हुए थे। इस मामले में पुलिस ने विजय सिंह व विकास के खिलाफ मामला दर्ज किया था।

मामला दर्ज होने के बाद रजिस्ट्री क्लर्क विजय सिंह व डाटा ऑपरेटर विकास बेनीवाल ने सेशन कोर्ट में अग्रिम जमानत की याचिका लगाई। न्यायाधीश ने शुक्रवार को सुनवाई करते हुए दोनों की अग्रिम जमानत याचिका रद्द कर दी। तहसीलदार डॉ. अनिल बिढ़ाणा ने बताया कि रजिस्ट्री क्लर्क व डाटा ऑपरेटर के खिलाफ मामला दर्ज है। दूसरे रजिस्ट्री क्लर्क की तैनाती के लिए पत्र भेजा गया है। जल्दी ही काम शुरू हो जाएगा।

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Written by Haryanacircle

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