आधे से अधिक प्रत्याशियों की हार, जिला भाजपा में चिंतन की दरकार


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पानीपत। नगर पालिका समालख के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को झटका लगा है। एक तो सभी वार्डों में प्रत्याशी खड़ा करने में भाजपा नाकामयाब रहीं, वहीं जिन वार्डों में प्रत्याशी खड़े भी किए तो आधे से अधिक प्रत्याशियों को हार का मुंह देखना पड़ा। परिणाम के मुताबिक जिला भाजपा में चिंतन की दरकार है। इसकी वजह पार्टी के साथ ही लंबे समय से जुड़े कार्यकर्ताओं की अनदेखी से समालखा भाजपा में फूट मानी जा रही है।
भाजपा की आठ सीटों पर यह हार पार्टी की साख का सवाल इसलिए भी है, क्योंकि उन्होंने पार्टी सिंबल पर नगर पालिका का चुनाव लड़ा और जनता ने नकार दिया। भाजपा ने समालखा नपा के 17 वार्डों में से 14 पर ही प्रत्याशी उतारे। हार की संभावना पर तीन वार्डों में प्रत्याशी उतारने का जोखिम भी नहीं लिया है। इतने रिस्क मैनेजमेंट के बावजूद 14 में महज छह सीटों पर भी भाजपा को जीत हासिल हुई। बाकी आठ वार्डों में मुंह की खानी पड़ी। 11 वार्डों में निर्दलीय प्रत्याशियों ने जीत हासिल की है। पिछले चुनाव में भाजपा ने 11 सीटों पर जीत हासिल की थी। ऐसे में इस बार भाजपा को पांच सीटों का नुकसान हुआ है।
अनदेखी से गुस्साए भाजपा कार्यकर्ताओं ने फूंका था जिलाध्यक्ष का पुतला
पिछले वर्ष दिसंबर में पार्टी के पुराने कार्यकर्ताओं की अनदेखी पर भाजपा के जिला किसान मोर्चा के पूर्व जिला प्रधान राजेश झट्टीपुर ने समालखा में समर्थकों के साथ जिलाध्यक्ष का पुतला फूंक दिया था। इसके बाद उन्हें पार्टी ने निष्कासित कर दिया गया था। राजेश झट्टीपुर समालखा में भाजपा के प्रमुख चेहरों में से एक थे। उन्होंने जिलाध्यक्ष पर तानाशाही, मनमानी और कार्यकर्ताओं की अनदेखी का आरोप लगाया था। जिलाध्यक्ष को हटकर पानीपत में पार्टी को बचाने की मांग प्रदेश नेतृत्व से की थी। समालखा भाजपा में इस फूट की वजह को हार के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि बाद में राजेश झट्टीपुर ने इनेलो का दामन थाम लिया था।
चेयरमैन सीट की बदौलत कमल खिलाने का दावा
पार्षद पद की आठ सीटों पर हार के बावजूद भाजपा चेयरमैन पद पर अपने प्रत्याशी की जीत को कमल खिलाने के तौर पर देख रही है। हालांकि चेयरमैन पद पर भाजपा प्रत्याशी अशोक कुच्छल और कांग्रेस समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी संजय बेनीवाल की जीत का अंतर बेहद कम है। दोनों की जीत का अंतर महज 2625 वोट ही है।
पिछले पालिका चुनाव से इस बार के परिणाम की तुलना
2016 2022
कुल वार्ड 17 17
परिणाम घोषित 17 17
भाजपा 11 06
कांग्रेस 01 00
इनेलो 01 00
निर्दलीय 04 11
वर्जन:
सारे पार्षद अपने ही हैं, हम खुश हैं : डॉ. अर्चना
समालखा में पहली बार भाजपा का फूल खिला है। हमारा प्रदर्शन अच्छा रहा। जननायक जनता पार्टी ने अपना उम्मीदवार अग्रवाल समाज से बनाया था। हम फिर भी जीते हैं। सभी पार्षद हमारे हैं। हमारी सभी से बात चल रही है।
– डॉ. अर्चना गुप्ता, जिलाध्यक्ष, भारतीय जनता पार्टी

पानीपत। नगर पालिका समालख के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को झटका लगा है। एक तो सभी वार्डों में प्रत्याशी खड़ा करने में भाजपा नाकामयाब रहीं, वहीं जिन वार्डों में प्रत्याशी खड़े भी किए तो आधे से अधिक प्रत्याशियों को हार का मुंह देखना पड़ा। परिणाम के मुताबिक जिला भाजपा में चिंतन की दरकार है। इसकी वजह पार्टी के साथ ही लंबे समय से जुड़े कार्यकर्ताओं की अनदेखी से समालखा भाजपा में फूट मानी जा रही है।

भाजपा की आठ सीटों पर यह हार पार्टी की साख का सवाल इसलिए भी है, क्योंकि उन्होंने पार्टी सिंबल पर नगर पालिका का चुनाव लड़ा और जनता ने नकार दिया। भाजपा ने समालखा नपा के 17 वार्डों में से 14 पर ही प्रत्याशी उतारे। हार की संभावना पर तीन वार्डों में प्रत्याशी उतारने का जोखिम भी नहीं लिया है। इतने रिस्क मैनेजमेंट के बावजूद 14 में महज छह सीटों पर भी भाजपा को जीत हासिल हुई। बाकी आठ वार्डों में मुंह की खानी पड़ी। 11 वार्डों में निर्दलीय प्रत्याशियों ने जीत हासिल की है। पिछले चुनाव में भाजपा ने 11 सीटों पर जीत हासिल की थी। ऐसे में इस बार भाजपा को पांच सीटों का नुकसान हुआ है।

अनदेखी से गुस्साए भाजपा कार्यकर्ताओं ने फूंका था जिलाध्यक्ष का पुतला

पिछले वर्ष दिसंबर में पार्टी के पुराने कार्यकर्ताओं की अनदेखी पर भाजपा के जिला किसान मोर्चा के पूर्व जिला प्रधान राजेश झट्टीपुर ने समालखा में समर्थकों के साथ जिलाध्यक्ष का पुतला फूंक दिया था। इसके बाद उन्हें पार्टी ने निष्कासित कर दिया गया था। राजेश झट्टीपुर समालखा में भाजपा के प्रमुख चेहरों में से एक थे। उन्होंने जिलाध्यक्ष पर तानाशाही, मनमानी और कार्यकर्ताओं की अनदेखी का आरोप लगाया था। जिलाध्यक्ष को हटकर पानीपत में पार्टी को बचाने की मांग प्रदेश नेतृत्व से की थी। समालखा भाजपा में इस फूट की वजह को हार के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि बाद में राजेश झट्टीपुर ने इनेलो का दामन थाम लिया था।

चेयरमैन सीट की बदौलत कमल खिलाने का दावा

पार्षद पद की आठ सीटों पर हार के बावजूद भाजपा चेयरमैन पद पर अपने प्रत्याशी की जीत को कमल खिलाने के तौर पर देख रही है। हालांकि चेयरमैन पद पर भाजपा प्रत्याशी अशोक कुच्छल और कांग्रेस समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी संजय बेनीवाल की जीत का अंतर बेहद कम है। दोनों की जीत का अंतर महज 2625 वोट ही है।

पिछले पालिका चुनाव से इस बार के परिणाम की तुलना

2016 2022

कुल वार्ड 17 17

परिणाम घोषित 17 17

भाजपा 11 06

कांग्रेस 01 00

इनेलो 01 00

निर्दलीय 04 11

वर्जन:

सारे पार्षद अपने ही हैं, हम खुश हैं : डॉ. अर्चना

समालखा में पहली बार भाजपा का फूल खिला है। हमारा प्रदर्शन अच्छा रहा। जननायक जनता पार्टी ने अपना उम्मीदवार अग्रवाल समाज से बनाया था। हम फिर भी जीते हैं। सभी पार्षद हमारे हैं। हमारी सभी से बात चल रही है।

– डॉ. अर्चना गुप्ता, जिलाध्यक्ष, भारतीय जनता पार्टी

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Written by Haryanacircle

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