आखिर लावारिश गायों की मौत के बाद जागा प्रशासन, आंदोलन कर रहे गो सेवकों की मानी मांगे


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भिवानी। शहर में बार-बार जागरूक करने के बावजूद अमावस्या के दिन तैलीय भोजन और प्लास्टिक खाने से लावारिस गायों की मौत हो गई। इसके बाद प्रशासन की नींद भी टूटी और आंदोलन कर रहे गोसेवकों के हंगामे के बाद एसडीएम संदीप अग्रवाल ने मौके पर पहुंचकर गो सेवकों की मांगे भी मानी।
अब गोसेवकों का कहना है कि एसडीएम संदीप अग्रवाल ने भले ही उनकी मांगें मान ली है, मगर जब तक लिखित आदेश जारी नहीं होता, तब तक पशु चिकित्सालय के सामने धरना जारी रहेगा। अमावस्या के दिन गोसेवकों और पशुपालन विभाग के चिकित्सकों के काफी प्रयास के बावजूद लोग नहीं माने और गायों को हलवा, पुरी खिलाई। इससे सैकड़ों गायें बीमार हो गईं। बुधवार को महम रोड स्थित श्रीगोशाला में उपचार के दौरान 20 गायों ने दम तोड़ दिया, जबकि पांच अन्य की हालत गंभीर बनी हुई है। उधर, इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए गोसेवकों ने गायों के शवों के साथ मंगलवार देर रात शहर में प्रदर्शन किया और रोहतक गेट पर धरना दिया। तब एसडीएम संदीप अग्रवाल गोसेवकों के बीच पहुंचे और उन्होंने सभी मांगें मानने का आश्वासन दिया।
बुधवार सुबह एसडीएम कार्यालय में गोसेवकों और एसडीएम संदीप की बैठक हुई, जिसमें एसडीएम ने मांगें मानने का आश्वासन दिया। गोरक्षा दल के जिलाध्यक्ष संजय परमार ने बताया कि एसडीएम ने सभी मांगे मान ली हैं, मगर इस संबंध में कोई अधिसूचना जारी नहीं की गई है। जब तक उन्हें लिखित में नहीं मिलता या अधिसूचना जारी नहीं होती, उनका धरना चलता रहेगा। बता दें कि गोसेवकों और पशु चिकित्सकों के बीच पिछले कुछ दिनों से विवाद चल रहा है। गोसेवक पशु चिकित्सकों पर लावारिस पशुओं का इलाज नहीं करने का आरोप लगा रहे थे तो पशुपालन विभाग के अधिकारी गोसेवकों पर परेशान करने के आरोप लगाए थे। इसी को लेकर पॉलीक्लीनिक के बाहर गो सेवकों का अनिश्चित कालीन धरना भी जारी है।
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ये थीं गोसेवकों की मांगें
– एक नंबर जारी किया जाए जो 24 घंटे ऑन रहे। जहां घायल लावारिस पशुओं, जानवरों की सूचना दी जा सके ताकि समय पर इलाज मिल सके।
– पशु एंबुलेंस पर एक चालक की नियुक्ति की जाए।
– मोबाइल वैन लोहारू से भिवानी शिफ्ट की जाए।
– पशुओं के इलाज में लापरवाही करने वाले चिकित्सकों पर कार्रवाई की जाए
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हमने भिवानी प्रशासन व उपमंडल अधिकारी पशुपालन एवं डेयरिंग विभाग डॉ. प्रदीप कुमार कालीरामण के आग्रह पर महम रोड स्थित श्री गोशाला ट्रस्ट में अलग शेड में रखकर इलाज करने के लिए अपनी स्वीकृति दी थी। ताकि फूड-प्वाइज्निंग से अधिक से अधिक गोवंश को बचाया जा सके और एलएसडी बीमारी के प्रकोप से गोशाला ट्रस्ट के गोवंश को भी सुरक्षित रखा जा सके।
– मोहनलाल अग्रवाल, प्रधान श्रीगोशाला, ट्रस्ट भिवानी।

भिवानी। शहर में बार-बार जागरूक करने के बावजूद अमावस्या के दिन तैलीय भोजन और प्लास्टिक खाने से लावारिस गायों की मौत हो गई। इसके बाद प्रशासन की नींद भी टूटी और आंदोलन कर रहे गोसेवकों के हंगामे के बाद एसडीएम संदीप अग्रवाल ने मौके पर पहुंचकर गो सेवकों की मांगे भी मानी।

अब गोसेवकों का कहना है कि एसडीएम संदीप अग्रवाल ने भले ही उनकी मांगें मान ली है, मगर जब तक लिखित आदेश जारी नहीं होता, तब तक पशु चिकित्सालय के सामने धरना जारी रहेगा। अमावस्या के दिन गोसेवकों और पशुपालन विभाग के चिकित्सकों के काफी प्रयास के बावजूद लोग नहीं माने और गायों को हलवा, पुरी खिलाई। इससे सैकड़ों गायें बीमार हो गईं। बुधवार को महम रोड स्थित श्रीगोशाला में उपचार के दौरान 20 गायों ने दम तोड़ दिया, जबकि पांच अन्य की हालत गंभीर बनी हुई है। उधर, इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए गोसेवकों ने गायों के शवों के साथ मंगलवार देर रात शहर में प्रदर्शन किया और रोहतक गेट पर धरना दिया। तब एसडीएम संदीप अग्रवाल गोसेवकों के बीच पहुंचे और उन्होंने सभी मांगें मानने का आश्वासन दिया।

बुधवार सुबह एसडीएम कार्यालय में गोसेवकों और एसडीएम संदीप की बैठक हुई, जिसमें एसडीएम ने मांगें मानने का आश्वासन दिया। गोरक्षा दल के जिलाध्यक्ष संजय परमार ने बताया कि एसडीएम ने सभी मांगे मान ली हैं, मगर इस संबंध में कोई अधिसूचना जारी नहीं की गई है। जब तक उन्हें लिखित में नहीं मिलता या अधिसूचना जारी नहीं होती, उनका धरना चलता रहेगा। बता दें कि गोसेवकों और पशु चिकित्सकों के बीच पिछले कुछ दिनों से विवाद चल रहा है। गोसेवक पशु चिकित्सकों पर लावारिस पशुओं का इलाज नहीं करने का आरोप लगा रहे थे तो पशुपालन विभाग के अधिकारी गोसेवकों पर परेशान करने के आरोप लगाए थे। इसी को लेकर पॉलीक्लीनिक के बाहर गो सेवकों का अनिश्चित कालीन धरना भी जारी है।

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ये थीं गोसेवकों की मांगें

– एक नंबर जारी किया जाए जो 24 घंटे ऑन रहे। जहां घायल लावारिस पशुओं, जानवरों की सूचना दी जा सके ताकि समय पर इलाज मिल सके।

– पशु एंबुलेंस पर एक चालक की नियुक्ति की जाए।

– मोबाइल वैन लोहारू से भिवानी शिफ्ट की जाए।

– पशुओं के इलाज में लापरवाही करने वाले चिकित्सकों पर कार्रवाई की जाए

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हमने भिवानी प्रशासन व उपमंडल अधिकारी पशुपालन एवं डेयरिंग विभाग डॉ. प्रदीप कुमार कालीरामण के आग्रह पर महम रोड स्थित श्री गोशाला ट्रस्ट में अलग शेड में रखकर इलाज करने के लिए अपनी स्वीकृति दी थी। ताकि फूड-प्वाइज्निंग से अधिक से अधिक गोवंश को बचाया जा सके और एलएसडी बीमारी के प्रकोप से गोशाला ट्रस्ट के गोवंश को भी सुरक्षित रखा जा सके।

– मोहनलाल अग्रवाल, प्रधान श्रीगोशाला, ट्रस्ट भिवानी।

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Written by Haryanacircle

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