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अलख जगाओ-नशा भगाओ: सिरसा में तीन विशेष डॉग सूंघकर तलाशेंगे नशा, बेगू के ग्रामीणों ने दी 25 तस्करों की सूची


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हरियाणा के सिरसा जिले में बढ़ रहे नशे को लेकर अब पुलिस ने नये सिरे से योजना बनाकर काम शुरू कर दिया है। पुलिस अधीक्षक के आदेेश पर एक टीम को गांव शाहपुर बेगू में भेजा गया। इस दौरान ग्रामीणों ने नशा तस्करों की 25 नाम की सूची सौंपी है। अब पुलिस इस सूची पर काम करके एक्शन लेगी।

इतना ही नहीं सिरसा पुलिस के तीन विशेष प्रशिक्षित डॉग अब नशा को सूंघकर निकालेंगे। इसके लिए शुक्रवार को स्टेट एंटी नारकोटिक्स से दो डॉग मिल गए हैं जबकि पहले से एक मौजूद है। पुलिस अधीक्षक ने डबवाली एरिया में काम करने वाले एनजीओ के साथ बैठक में मंथन भी किया है।

गांव शाहपुर बेगू में फैल रहे नशा को रोकने के लिए एक टीम गांव में गई। इस दौरान करीब एक घंटे तक महिला थाना प्रभारी मंजू सिंह और सदर थाना प्रभारी ईश्वर सिंह ने ग्रामीणों ने बातचीत की। ग्रामीणों ने पुलिस को 25 ऐसे तस्करों की सूची सौंपी है जो नशा बेचते हैं।

अब पुलिस अधीक्षक ने साइबर सेल को सूची में शामिल संदिग्धों पर काम करने के आदेश दिए हैं। होम वर्क के बाद पुलिस एक्शन लेगी। इनके नाम पुलिस ने गुप्त रखे हैं। इसके अलावा ग्रामीणों का आह्वान किया है कि वे पुलिस का नशा रोकने में सहयोग करें।

नई योजना : जिले पुलिस को मिले तीन विशेष डॉग
जिला पुलिस के पास अभी तक केवल एक ऐसा डॉग था जो नशा को सूंघकर निकाल सकता था। शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक डॉ. अर्पित जैन ने स्टेट एंटी नारकोटिक्स सेल के साथ बैठक की। इस दौरान स्टेट से जिला पुलिस को दो डॉग और सौंपे गए। अब पुलिस की टीम में 3 विशेष डॉग हो गए हैं। इनकी सहायता से नशा ढूंढने में पुलिस को मदद मिलेगी। हालांकि शुक्रवार को पुलिस ने दावा किया है नशा बेचने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार भी किया गया है।

पुलिस अधीक्षक ने बुलाए एनजीओ, बैठक में सहयोग की अपील
पुलिस अधीक्षक डॉ. अर्पित जैन ने शुक्रवार को अपने कार्यालय में डबवाली एरिया में काम करने वाले एनजीओ के पदाधिकारियों से बैठक की। इस दौरान पुलिस अधीक्षक ने आह्वान किया कि वे अपने एरिया में आने वाले गांवों में कमेटियां गठित करें और पुलिस का सहयोग करें। इसके अलावा अब पुलिस महिलाओं को अपने अभियान में साथ जोड़ेगी।

दर्दनाक कहानी : नशा मुक्ति अभियान चलाया तो मिली धमकियां
बेशक, पुलिस आमजन से आह्वान कर रही है कि नशा रोकने में मदद करें। लेकिन कड़वी सच्चाई ये है कि जो इस प्रकार के अभियान चलाते हैं, उन्हें धमकियां मिलनी शुरू हो जाती है। ऐसी ही एक कहानी गांव शाहपुर बेगू में सामने आई है। बताया जा रहा है कि गांव के एक युवक मंगत राम ने नशा मुक्ति के लिए अभियान चलाया। लेकिन उसे धमकियां मिलनी शुरू हो गई।

एक बार तो रात के समय घर भी नहीं आ पाया और ड्यूटी के बाद मिल्क प्लांट में ही सोना पड़ा। वहीं दूसरी ओर घर पर पत्नी, बच्चों की चिंता भी सताती रही। इसी प्रकार एक अन्य युवक सर्वजीत ने भी गांव में नशामुक्ति के लिए वर्ष 2015 में अभियान चलाया, लेकिन धमकियां मिलने के बाद एक बार अभियान रोकना पड़ा। हालांकि अब सर्वजीत ने दोबारा अभियान चलाने का फैसला किया है, ताकि गांव से नशा मुक्ति का रास्ता साफ किया जा सके।
 
पहले गांव के एक युवा ने नशे के खिलाफ आवाज उठाई थी। जिसके बाद मैने भी दो साल पहले यह बीड़ा उठाया, लेकिन गांव के रसूखदारों लोगों यह रास नहीं आया। लेकिन अपने बच्चों का भविष्य देखते हुए एक बार फिर से मैंने इस बुराई के खिलाफ आवाज उठाई है। लेकिन अब मुझे नशा सौदागरों से धमकी मिल रही है। बुधवार को मुझे इस संबंध में चेतावनी दे गई, जिसके बाद परिवार वालों की सहमति से में रात भर मिल्क प्लांट में सोकर समय व्यतीत किया। क्योंकि मैं वहां का कर्मचारी हूं, इसलिए मेरे लिए वह जगह सुरक्षित लगी। -मंगतराम

अब एक्शन में आ गई है पुलिस, किसी अपराधी को नहीं बख्शेंगे : पुलिस अधीक्षक
नशा पर नियंत्रण के लिए अब नई योजना के साथ काम करेंगे। जहां एक ओर नशा ढूंढने के लिए दो विशेष प्रशिक्षित डॉग हमारी टीम में और जुड़ गए हैं, वहीं अब इनकी संख्या बढ़कर 3 हो गई है। इतना ही नहीं ग्रामीणों ने जो 25 तस्करों की सूची हमें दी है, उस पर भी काम शुरू कर दिया है। जल्द एक्शन लेंगे। एनजीओ के साथ भी बैठक में मंथन किया जा रहा है। -डॉ. अर्पित जैन, पुलिस अधीक्षक, सिरसा।

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हरियाणा के सिरसा जिले में बढ़ रहे नशे को लेकर अब पुलिस ने नये सिरे से योजना बनाकर काम शुरू कर दिया है। पुलिस अधीक्षक के आदेेश पर एक टीम को गांव शाहपुर बेगू में भेजा गया। इस दौरान ग्रामीणों ने नशा तस्करों की 25 नाम की सूची सौंपी है। अब पुलिस इस सूची पर काम करके एक्शन लेगी।

इतना ही नहीं सिरसा पुलिस के तीन विशेष प्रशिक्षित डॉग अब नशा को सूंघकर निकालेंगे। इसके लिए शुक्रवार को स्टेट एंटी नारकोटिक्स से दो डॉग मिल गए हैं जबकि पहले से एक मौजूद है। पुलिस अधीक्षक ने डबवाली एरिया में काम करने वाले एनजीओ के साथ बैठक में मंथन भी किया है।

गांव शाहपुर बेगू में फैल रहे नशा को रोकने के लिए एक टीम गांव में गई। इस दौरान करीब एक घंटे तक महिला थाना प्रभारी मंजू सिंह और सदर थाना प्रभारी ईश्वर सिंह ने ग्रामीणों ने बातचीत की। ग्रामीणों ने पुलिस को 25 ऐसे तस्करों की सूची सौंपी है जो नशा बेचते हैं।

अब पुलिस अधीक्षक ने साइबर सेल को सूची में शामिल संदिग्धों पर काम करने के आदेश दिए हैं। होम वर्क के बाद पुलिस एक्शन लेगी। इनके नाम पुलिस ने गुप्त रखे हैं। इसके अलावा ग्रामीणों का आह्वान किया है कि वे पुलिस का नशा रोकने में सहयोग करें।

नई योजना : जिले पुलिस को मिले तीन विशेष डॉग

जिला पुलिस के पास अभी तक केवल एक ऐसा डॉग था जो नशा को सूंघकर निकाल सकता था। शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक डॉ. अर्पित जैन ने स्टेट एंटी नारकोटिक्स सेल के साथ बैठक की। इस दौरान स्टेट से जिला पुलिस को दो डॉग और सौंपे गए। अब पुलिस की टीम में 3 विशेष डॉग हो गए हैं। इनकी सहायता से नशा ढूंढने में पुलिस को मदद मिलेगी। हालांकि शुक्रवार को पुलिस ने दावा किया है नशा बेचने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार भी किया गया है।

पुलिस अधीक्षक ने बुलाए एनजीओ, बैठक में सहयोग की अपील

पुलिस अधीक्षक डॉ. अर्पित जैन ने शुक्रवार को अपने कार्यालय में डबवाली एरिया में काम करने वाले एनजीओ के पदाधिकारियों से बैठक की। इस दौरान पुलिस अधीक्षक ने आह्वान किया कि वे अपने एरिया में आने वाले गांवों में कमेटियां गठित करें और पुलिस का सहयोग करें। इसके अलावा अब पुलिस महिलाओं को अपने अभियान में साथ जोड़ेगी।

दर्दनाक कहानी : नशा मुक्ति अभियान चलाया तो मिली धमकियां

बेशक, पुलिस आमजन से आह्वान कर रही है कि नशा रोकने में मदद करें। लेकिन कड़वी सच्चाई ये है कि जो इस प्रकार के अभियान चलाते हैं, उन्हें धमकियां मिलनी शुरू हो जाती है। ऐसी ही एक कहानी गांव शाहपुर बेगू में सामने आई है। बताया जा रहा है कि गांव के एक युवक मंगत राम ने नशा मुक्ति के लिए अभियान चलाया। लेकिन उसे धमकियां मिलनी शुरू हो गई।

एक बार तो रात के समय घर भी नहीं आ पाया और ड्यूटी के बाद मिल्क प्लांट में ही सोना पड़ा। वहीं दूसरी ओर घर पर पत्नी, बच्चों की चिंता भी सताती रही। इसी प्रकार एक अन्य युवक सर्वजीत ने भी गांव में नशामुक्ति के लिए वर्ष 2015 में अभियान चलाया, लेकिन धमकियां मिलने के बाद एक बार अभियान रोकना पड़ा। हालांकि अब सर्वजीत ने दोबारा अभियान चलाने का फैसला किया है, ताकि गांव से नशा मुक्ति का रास्ता साफ किया जा सके।

 

पहले गांव के एक युवा ने नशे के खिलाफ आवाज उठाई थी। जिसके बाद मैने भी दो साल पहले यह बीड़ा उठाया, लेकिन गांव के रसूखदारों लोगों यह रास नहीं आया। लेकिन अपने बच्चों का भविष्य देखते हुए एक बार फिर से मैंने इस बुराई के खिलाफ आवाज उठाई है। लेकिन अब मुझे नशा सौदागरों से धमकी मिल रही है। बुधवार को मुझे इस संबंध में चेतावनी दे गई, जिसके बाद परिवार वालों की सहमति से में रात भर मिल्क प्लांट में सोकर समय व्यतीत किया। क्योंकि मैं वहां का कर्मचारी हूं, इसलिए मेरे लिए वह जगह सुरक्षित लगी। -मंगतराम

अब एक्शन में आ गई है पुलिस, किसी अपराधी को नहीं बख्शेंगे : पुलिस अधीक्षक

नशा पर नियंत्रण के लिए अब नई योजना के साथ काम करेंगे। जहां एक ओर नशा ढूंढने के लिए दो विशेष प्रशिक्षित डॉग हमारी टीम में और जुड़ गए हैं, वहीं अब इनकी संख्या बढ़कर 3 हो गई है। इतना ही नहीं ग्रामीणों ने जो 25 तस्करों की सूची हमें दी है, उस पर भी काम शुरू कर दिया है। जल्द एक्शन लेंगे। एनजीओ के साथ भी बैठक में मंथन किया जा रहा है। -डॉ. अर्पित जैन, पुलिस अधीक्षक, सिरसा।

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