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अब नौ नहीं तीन माह के अंतराल में लगेगी बूस्टर डोज


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फतेहाबाद। स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना की बूस्टर डोज को लेकर फेरबदल किया है। अब तीन माह के अंतराल में बूस्टर डोज लगवाई जा सकती है। पहले दूसरी डोज के 9 माह के अंतराल में बूस्टर डोज लगाई जा रही थी लेकिन अब तीन माह के अंतराल में बूस्टर डोज लगाई जाएगी। बूस्टर डोज लगवाने का आंकड़ा कम होने के कारण इसका समय घटाया गया है। 18 वर्ष आयु वर्ग को बूस्टर डोज लगाई जा रही है।
स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक जिले में अभी तक मात्र 3731 लोगों ने ही बूस्टर डोज लगवाई है। जिले में सबसे ज्यादा बुजुर्गों ने बूस्टर डोज लगवाई है। 18 से 44 आयु वर्ग के 249 लोगों ने ही बूस्टर डोज अभी तक लगवाई है। वहीं जिले में अभी तक 6 लाख 84 हजार लोगों को पहली डोज लगी है। दूसरी डोज जिले में 4 लाख 72 हजार लोगों ने ही लगवाई है। 15 से 17 आयु वर्ग के 38665 पात्रों को पहली और 13 हजार को दूसरी डोज लगी है। 12 से 14 आयु वर्ग के 7206 बच्चों ने ही पहली डोज लगवाई है और दूसरी डोज 1544 को ही लगी है।
हालात ये कि पूरे दिन में शीशी ही नहीं खुलती
जिले में 29 केंद्रों पर कोरोना टीकाकरण अभियान चल रहा है। लेकिन मौजूदा हालात ये है कि केंद्रों पर 100 से 150 लोगों का ही टीकाकरण हो पा रहा है। अधिकतर सेंटर ऐसे हैं जहां पर पूरे दिन में शीशी ही नहीं खोली जाती है। एक शीशी में 10 से 20 डोज होती है, स्वास्थ्यकर्मी डोज खराब होने के डर से शीशी ही नहीं खोल रहे है।
ये है जिले में टीकाकरण की स्थिति
पात्र पहली दूसरी बूस्टर
स्वास्थ्यकर्मी 4793 4756 726
फ्रंटलाइन वर्कर्स 2415 2029 88
60 साल से ऊपर 84210 64445 2406
45 से 59 साल 144095 119429 262
18 से 44 साल 402702 267351 249
15 से 17 साल 38665 13034 0
12 से 44 साल 7206 1544 0
कोरोना के दो नए केस मिले, दो हुई स्वस्थ
जिले में कोरोना के सोमवार को दो नए केस मिले हैं। स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक सोमवार को जिले के भट्टू क्षेत्र में दो नए केस मिले हैं। जिले में रैपिड एंटीजन के 227 सैंपल लिए गए। इसमें दो संक्रमित मिले हैं। सोमवार को दो कोरोना संक्रमित स्वस्थ भी हुए हैं। अभी फिलहाल जिले में आठ एक्टिव केस हैं।
कोट
कोरोना की बूस्टर डोज का समय अब तीन माह कर दिया गया है। दूसरी डोज के तीन माह बाद बूस्टर डोज लगवा सकते हैं। जिले में लोग टीकाकरण नहीं करवा रहे हैं, मात्र पांच फीसदी को ही बूस्टर डोज लगी है।
-डॉ. सुनीता सोखी, उप सिविल सर्जन

फतेहाबाद। स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना की बूस्टर डोज को लेकर फेरबदल किया है। अब तीन माह के अंतराल में बूस्टर डोज लगवाई जा सकती है। पहले दूसरी डोज के 9 माह के अंतराल में बूस्टर डोज लगाई जा रही थी लेकिन अब तीन माह के अंतराल में बूस्टर डोज लगाई जाएगी। बूस्टर डोज लगवाने का आंकड़ा कम होने के कारण इसका समय घटाया गया है। 18 वर्ष आयु वर्ग को बूस्टर डोज लगाई जा रही है।

स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक जिले में अभी तक मात्र 3731 लोगों ने ही बूस्टर डोज लगवाई है। जिले में सबसे ज्यादा बुजुर्गों ने बूस्टर डोज लगवाई है। 18 से 44 आयु वर्ग के 249 लोगों ने ही बूस्टर डोज अभी तक लगवाई है। वहीं जिले में अभी तक 6 लाख 84 हजार लोगों को पहली डोज लगी है। दूसरी डोज जिले में 4 लाख 72 हजार लोगों ने ही लगवाई है। 15 से 17 आयु वर्ग के 38665 पात्रों को पहली और 13 हजार को दूसरी डोज लगी है। 12 से 14 आयु वर्ग के 7206 बच्चों ने ही पहली डोज लगवाई है और दूसरी डोज 1544 को ही लगी है।

हालात ये कि पूरे दिन में शीशी ही नहीं खुलती

जिले में 29 केंद्रों पर कोरोना टीकाकरण अभियान चल रहा है। लेकिन मौजूदा हालात ये है कि केंद्रों पर 100 से 150 लोगों का ही टीकाकरण हो पा रहा है। अधिकतर सेंटर ऐसे हैं जहां पर पूरे दिन में शीशी ही नहीं खोली जाती है। एक शीशी में 10 से 20 डोज होती है, स्वास्थ्यकर्मी डोज खराब होने के डर से शीशी ही नहीं खोल रहे है।

ये है जिले में टीकाकरण की स्थिति

पात्र पहली दूसरी बूस्टर

स्वास्थ्यकर्मी 4793 4756 726

फ्रंटलाइन वर्कर्स 2415 2029 88

60 साल से ऊपर 84210 64445 2406

45 से 59 साल 144095 119429 262

18 से 44 साल 402702 267351 249

15 से 17 साल 38665 13034 0

12 से 44 साल 7206 1544 0

कोरोना के दो नए केस मिले, दो हुई स्वस्थ

जिले में कोरोना के सोमवार को दो नए केस मिले हैं। स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक सोमवार को जिले के भट्टू क्षेत्र में दो नए केस मिले हैं। जिले में रैपिड एंटीजन के 227 सैंपल लिए गए। इसमें दो संक्रमित मिले हैं। सोमवार को दो कोरोना संक्रमित स्वस्थ भी हुए हैं। अभी फिलहाल जिले में आठ एक्टिव केस हैं।

कोट

कोरोना की बूस्टर डोज का समय अब तीन माह कर दिया गया है। दूसरी डोज के तीन माह बाद बूस्टर डोज लगवा सकते हैं। जिले में लोग टीकाकरण नहीं करवा रहे हैं, मात्र पांच फीसदी को ही बूस्टर डोज लगी है।

-डॉ. सुनीता सोखी, उप सिविल सर्जन

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