in

अब नालों की सफाई की हकीकत देखेंगी हर वार्ड में बनीं तीन सदस्यीय टीमें


बरसात के सीजन के मद्देनजर शहर के नालों की हुई साफ-सफाई की हकीकत अब प्रशासन देखेगा। हर वार्ड में पार्षद समेत तीन सदस्यीय टीम नालों की सफाई की रिपोर्ट 10 दिन में सौंपेगी। प्रशासन को सौंपी रिपोर्ट के विपरीत यदि गड़बड़ी मिलेगी तो जिम्मेदार पर कार्रवाई होगी। वहीं नालों की सफाई की सत्यता जानने के लिए आमजन के लिए प्रशासन ने फोन नंबर और मेल आईडी जारी कर दी है। शहर में 59 नाले हैं, जिनकी सफाई का जिम्मा नगर निगम, जनस्वास्थ्य विभाग व पीडब्ल्यूडी बीएंडआर पर है। हर बार तीनों विभाग नालों की समुचित सफाई के दावा करते हैं लेकिन बारिश होने पर जलभराव होने पर उनकी सफाई की पोल खुल जाती है।
इस बार प्रशासन ने बारिश से पहले नालों की सफाई से संबंधित रिपोर्ट तीनों विभागों के तलब की है। तीनों विभागों की रिपोर्ट के अनुसार सभी नालों की सफाई करा दी गई है। जिन स्थानों पर गत वर्ष जलभराव हुआ था, वहां की समस्या का निदान करवा दिया गया है। जनस्वास्थ्य विभाग ने मई अथवा जून 2021 में कराई सफाई का हवाला देते हुए जलभराव की समस्या नहीं होने का दावा किया है।
नगर निगम और पीडब्ल्यूडी बीएंडआर का कहना है कि नालों की सफाई के लिए अतिरिक्त कोई बजट नहीं होता है। निगम के अनुसार शहर की सफाई करने वाली कंपनी के कर्मी नियमित नालों की सफाई करते हैं। बीएंडआर का कहना है कि बेलदार आदि से समय-समय पर सफाई कराते हैं। अब प्रशासन ने नालों की सफाई की हकीकत पता करने के लिए जांच कराने का फैसला लिया है, जिसके तहत हर वार्ड में तीन सदस्यीय टीम जांच करेगी। टीम में पार्षद के अलावा संबंधित विभाग का कर्मी भी शामिल होगा। टीम 10 दिन में अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। इसके अलावा प्रशासन सीधे जनता से भी नालों की सफाई के बारे में जानकारी जुटाएगा।
बाक्स
पीडब्ल्यूडी बीएंडआर ने कराई सफाई
भिवानी रोड पर 1.37 किमी, सुखपुरा चौक से टीबी हॉस्पिटल तक 350 मीटर, पुराना एनएच 71ए से राजीव चौक, न्यू बस स्टैंड, सुखपुरा चौक, वीटा मिल्क प्लांट तक 6.79 किमी, सुखपुरा से लाढ़ौत रोड तक 1.18 किमी., झज्जर चुंगी से शीतल नगर गली-नंबर 4 तक 800 मीटर, झज्जर चुंगी से सुनारिया चौक तक दोनों तरफ 1.30 किमी., सुनारिया चौक से गोकुल कॉलोनी के दोनों तरफ 2 किमी., सुनारिया चौक से हिसार रोड के दोनों तरफ 3.70 किमी. व झज्जर चुंगी से रुपये चौक तक 2.20 किलोमीटर।
प्रशासन को पीडब्ल्यूडी बीएंडआर ने दी रिपोर्ट
नालों की सफाई के लिए विभाग में कोई अतिरिक्त बजट नहीं है। इनकी बेलदार व ग्रुप डी कर्मियों से समय-समय पर सफाई कराई जाती है। सभी नलों की अच्छी सफाई हुई है। गत वर्ष जलभराव की दिक्कत तिलियार लेक के एरिया में आई थी, जिसे सही करवा दिया है। अब जलभराव नहीं होगा।
सफाई करने वाले जिम्मेदार बोले
जूनियर इंजीनियर वीर विक्रम राठी का कहना है कि झज्जर चुंगी से रुपये चौक तक नाले की सफाई करवा रहे हैं। जूनियर इंजीनियर नरेश कटारिया का कहना है कि नालों की सफाई की जिम्मेदारी तो निगम की है। कुछ जगह पर सफाई कराई है, वह ध्यान नहीं।
नगर निगम का दावा ये नाले करवाए साफ
शांतमाई से गोहाना अड्डा, गोहाना अड्डा से माता दरवाजा, माता दरवाजा से जींद रोड, माता दरवाजा से शौरी कोठी, छोटूराम चौक से गोहाना अड्डा नीली कोठी वाला, ग्रीन रोड का नाला, पुलिस लाइन रोड नाला, राहड़ रोड नाला, वाल्मीकि बस्ती नाला, अस्थल बोहर का मेन रोड नाला, गढ़ी बोहर का नाला, कन्हैली रोड का नाला, पहरावर नाला, खेड़ी साद का नाला, किला रोड का नाला, माता दरवाजा से पुराना बस स्टैंड पीली कोठी, डुंगी गोहरी का नाला, झज्जर रोड नाला, कैलाश आश्रम का नाला, गांधी कैंप नाला, सेक्टर-14 नाला, सेक्टर-चार का नाला, केंद्रीय विद्यालय का नाला, हैफेड रोड नाला, सुनारिया जेल का नाला, फौजी कैंप ऑफिस का नाला, कैनाल रेस्ट हाउस का नाला, कैनाल रेस्ट हाउस से छोटूराम चौक तक का नाला, रेलवे रोड का नाला, बागवाली गली का नाला, कमला नगर का नाला, कच्चा बेरी रोड का नाला, गौकर्ण का नाला, इंद्रा कॉलोनी का नाला, सुभाष रोड का नाला, सुखपुरा चौक से जींद बाईपास तक का नाला, लाड़ौत रोड का नाला, सुनारिया कलां व सुनारिया खुर्द का नाला, बलियाना नाला, कन्हैली गांव का नाला, शीला बाईपास से ताऊ नगर का नाला, भिवानी चुंगी से रेलवे फाटक तक का नाला, करतारपुरा का नाला, कच्चा चमारिया रोड का नाला है।
जिम्मेदार अफसर की प्रशासन को रिपोर्ट का सत्य
नालों की सफाई के लिए नगर निगम अतिरिक्त टेंडर नहीं लगाता है। इन नालों की सफाई सड़कों की सफाई करने वाली फर्म से टेंडर में वर्णित शर्तों के अनुसार कराई जाती है। इसके लिए कोई अतिरिक्त अदायगी नहीं की जाती है। नालों की समय-समय पर सफाई कराई जाती है।
जनस्वास्थ्य विभाग ने कराई सफाई
द्वितीय जलघर से कन्हैली ड्रेन झज्जर रोड, मॉडल टाउन से मॉडल टाउन डिस्पोजल तक, सतिसांई आश्रम से गोहाना रोड तक, मेन डिस्पोजल से ड्रेन आठ तक, मेन डिस्पोजल से ड्रेन आठ तक सीधी तरफ सफाई करवाई है।
दावा किया हमने कर दिया समस्या का निदान
गत वर्ष जलभराव की स्थिति छोटूराम चौक और टीबी हॉस्पिटल के नजदीक सुखपुरा चौक पर हुई थी। छोटूराम चौक पर जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए विभाग ने 18 इंच की डीआई लाइन लगाई है। टीबी हॉस्पिटल सुखपुरा चौक पर बारिश के पानी की निकासी के लिए नालो की सफाई करवा दी गई है। मजेदार बात यह है कि प्रशासन को अब तक कराई सफाई के विवरण में मई व जून 2021 में कराई सफाई का उल्लेख करते हुए खर्च का हवाला दिया गया है। यानी जनस्वास्थ्य विभाग के पास 2022 में कराई सफाई का कोई ब्योरा नहीं है।
जिम्मेदार अधिकारी का तर्क
जनस्वास्थ्य विभाग के अधीक्षण अभियंता राजीव गुप्ता का कहना है कि मेयर को बताया गया है कि 31 जून तक सभी की सफाई करवा दी जाएगी। सफाई करवाई जा रही है। वहीं, एसडीई का कहना है कि रिपोर्ट में तारीख गलत लिखी गई होगी। सफाई तो करवा दी गई है।
तीनों विभागों की रिपोर्ट पर प्रशासन का फैसला
प्रशासन ने फैसला लिया है कि बारिश से पहले सभी नालों की हकीकत पता की जाए। इसके लिए प्रत्येक वार्ड में तीन सदस्यीय टीम नालों की सफाई की रिपोर्ट देगी। इसमें वार्ड पार्षद, संबंधित विभाग व प्रशासन से नियुक्त व्यक्ति शामिल होगा। टीमों को 10 दिन में रिपोर्ट देनी होगी। इसके अलावा प्रशासन ने जनता से सीधे जानकारी लेने के लिए फोन नंबर 01262-244151 व मेल आईडी [email protected] जारी की है। मेल आईडी पर कोई भी व्यक्ति नाले की फोटो के साथ शिकायत कर सकता है।
नगर निगम, जनस्वास्थ्य विभाग व पीडब्ल्यूडी बीएंडआर ने अपने-अपने नालों की सफाई की रिपोर्ट दी है। इन नालों की सफाई कराने की हकीकत देखने के लिए हर वार्ड में तीन सदस्यीय टीम निरीक्षण करेगी। सीधे जनता भी नालों की सफाई की शिकायत फोन नंबर व मेल आईडी पर कर सकते हैं। यदि नालों की सफाई में गड़बड़ी मिलेगी तो संबंधित पर सीधे कार्रवाई होगी। -राकेश सैनी, एसडीएम।

बरसात के सीजन के मद्देनजर शहर के नालों की हुई साफ-सफाई की हकीकत अब प्रशासन देखेगा। हर वार्ड में पार्षद समेत तीन सदस्यीय टीम नालों की सफाई की रिपोर्ट 10 दिन में सौंपेगी। प्रशासन को सौंपी रिपोर्ट के विपरीत यदि गड़बड़ी मिलेगी तो जिम्मेदार पर कार्रवाई होगी। वहीं नालों की सफाई की सत्यता जानने के लिए आमजन के लिए प्रशासन ने फोन नंबर और मेल आईडी जारी कर दी है। शहर में 59 नाले हैं, जिनकी सफाई का जिम्मा नगर निगम, जनस्वास्थ्य विभाग व पीडब्ल्यूडी बीएंडआर पर है। हर बार तीनों विभाग नालों की समुचित सफाई के दावा करते हैं लेकिन बारिश होने पर जलभराव होने पर उनकी सफाई की पोल खुल जाती है।

इस बार प्रशासन ने बारिश से पहले नालों की सफाई से संबंधित रिपोर्ट तीनों विभागों के तलब की है। तीनों विभागों की रिपोर्ट के अनुसार सभी नालों की सफाई करा दी गई है। जिन स्थानों पर गत वर्ष जलभराव हुआ था, वहां की समस्या का निदान करवा दिया गया है। जनस्वास्थ्य विभाग ने मई अथवा जून 2021 में कराई सफाई का हवाला देते हुए जलभराव की समस्या नहीं होने का दावा किया है।

नगर निगम और पीडब्ल्यूडी बीएंडआर का कहना है कि नालों की सफाई के लिए अतिरिक्त कोई बजट नहीं होता है। निगम के अनुसार शहर की सफाई करने वाली कंपनी के कर्मी नियमित नालों की सफाई करते हैं। बीएंडआर का कहना है कि बेलदार आदि से समय-समय पर सफाई कराते हैं। अब प्रशासन ने नालों की सफाई की हकीकत पता करने के लिए जांच कराने का फैसला लिया है, जिसके तहत हर वार्ड में तीन सदस्यीय टीम जांच करेगी। टीम में पार्षद के अलावा संबंधित विभाग का कर्मी भी शामिल होगा। टीम 10 दिन में अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। इसके अलावा प्रशासन सीधे जनता से भी नालों की सफाई के बारे में जानकारी जुटाएगा।

बाक्स

पीडब्ल्यूडी बीएंडआर ने कराई सफाई

भिवानी रोड पर 1.37 किमी, सुखपुरा चौक से टीबी हॉस्पिटल तक 350 मीटर, पुराना एनएच 71ए से राजीव चौक, न्यू बस स्टैंड, सुखपुरा चौक, वीटा मिल्क प्लांट तक 6.79 किमी, सुखपुरा से लाढ़ौत रोड तक 1.18 किमी., झज्जर चुंगी से शीतल नगर गली-नंबर 4 तक 800 मीटर, झज्जर चुंगी से सुनारिया चौक तक दोनों तरफ 1.30 किमी., सुनारिया चौक से गोकुल कॉलोनी के दोनों तरफ 2 किमी., सुनारिया चौक से हिसार रोड के दोनों तरफ 3.70 किमी. व झज्जर चुंगी से रुपये चौक तक 2.20 किलोमीटर।

प्रशासन को पीडब्ल्यूडी बीएंडआर ने दी रिपोर्ट

नालों की सफाई के लिए विभाग में कोई अतिरिक्त बजट नहीं है। इनकी बेलदार व ग्रुप डी कर्मियों से समय-समय पर सफाई कराई जाती है। सभी नलों की अच्छी सफाई हुई है। गत वर्ष जलभराव की दिक्कत तिलियार लेक के एरिया में आई थी, जिसे सही करवा दिया है। अब जलभराव नहीं होगा।

सफाई करने वाले जिम्मेदार बोले

जूनियर इंजीनियर वीर विक्रम राठी का कहना है कि झज्जर चुंगी से रुपये चौक तक नाले की सफाई करवा रहे हैं। जूनियर इंजीनियर नरेश कटारिया का कहना है कि नालों की सफाई की जिम्मेदारी तो निगम की है। कुछ जगह पर सफाई कराई है, वह ध्यान नहीं।

नगर निगम का दावा ये नाले करवाए साफ

शांतमाई से गोहाना अड्डा, गोहाना अड्डा से माता दरवाजा, माता दरवाजा से जींद रोड, माता दरवाजा से शौरी कोठी, छोटूराम चौक से गोहाना अड्डा नीली कोठी वाला, ग्रीन रोड का नाला, पुलिस लाइन रोड नाला, राहड़ रोड नाला, वाल्मीकि बस्ती नाला, अस्थल बोहर का मेन रोड नाला, गढ़ी बोहर का नाला, कन्हैली रोड का नाला, पहरावर नाला, खेड़ी साद का नाला, किला रोड का नाला, माता दरवाजा से पुराना बस स्टैंड पीली कोठी, डुंगी गोहरी का नाला, झज्जर रोड नाला, कैलाश आश्रम का नाला, गांधी कैंप नाला, सेक्टर-14 नाला, सेक्टर-चार का नाला, केंद्रीय विद्यालय का नाला, हैफेड रोड नाला, सुनारिया जेल का नाला, फौजी कैंप ऑफिस का नाला, कैनाल रेस्ट हाउस का नाला, कैनाल रेस्ट हाउस से छोटूराम चौक तक का नाला, रेलवे रोड का नाला, बागवाली गली का नाला, कमला नगर का नाला, कच्चा बेरी रोड का नाला, गौकर्ण का नाला, इंद्रा कॉलोनी का नाला, सुभाष रोड का नाला, सुखपुरा चौक से जींद बाईपास तक का नाला, लाड़ौत रोड का नाला, सुनारिया कलां व सुनारिया खुर्द का नाला, बलियाना नाला, कन्हैली गांव का नाला, शीला बाईपास से ताऊ नगर का नाला, भिवानी चुंगी से रेलवे फाटक तक का नाला, करतारपुरा का नाला, कच्चा चमारिया रोड का नाला है।

जिम्मेदार अफसर की प्रशासन को रिपोर्ट का सत्य

नालों की सफाई के लिए नगर निगम अतिरिक्त टेंडर नहीं लगाता है। इन नालों की सफाई सड़कों की सफाई करने वाली फर्म से टेंडर में वर्णित शर्तों के अनुसार कराई जाती है। इसके लिए कोई अतिरिक्त अदायगी नहीं की जाती है। नालों की समय-समय पर सफाई कराई जाती है।

जनस्वास्थ्य विभाग ने कराई सफाई

द्वितीय जलघर से कन्हैली ड्रेन झज्जर रोड, मॉडल टाउन से मॉडल टाउन डिस्पोजल तक, सतिसांई आश्रम से गोहाना रोड तक, मेन डिस्पोजल से ड्रेन आठ तक, मेन डिस्पोजल से ड्रेन आठ तक सीधी तरफ सफाई करवाई है।

दावा किया हमने कर दिया समस्या का निदान

गत वर्ष जलभराव की स्थिति छोटूराम चौक और टीबी हॉस्पिटल के नजदीक सुखपुरा चौक पर हुई थी। छोटूराम चौक पर जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए विभाग ने 18 इंच की डीआई लाइन लगाई है। टीबी हॉस्पिटल सुखपुरा चौक पर बारिश के पानी की निकासी के लिए नालो की सफाई करवा दी गई है। मजेदार बात यह है कि प्रशासन को अब तक कराई सफाई के विवरण में मई व जून 2021 में कराई सफाई का उल्लेख करते हुए खर्च का हवाला दिया गया है। यानी जनस्वास्थ्य विभाग के पास 2022 में कराई सफाई का कोई ब्योरा नहीं है।

जिम्मेदार अधिकारी का तर्क

जनस्वास्थ्य विभाग के अधीक्षण अभियंता राजीव गुप्ता का कहना है कि मेयर को बताया गया है कि 31 जून तक सभी की सफाई करवा दी जाएगी। सफाई करवाई जा रही है। वहीं, एसडीई का कहना है कि रिपोर्ट में तारीख गलत लिखी गई होगी। सफाई तो करवा दी गई है।

तीनों विभागों की रिपोर्ट पर प्रशासन का फैसला

प्रशासन ने फैसला लिया है कि बारिश से पहले सभी नालों की हकीकत पता की जाए। इसके लिए प्रत्येक वार्ड में तीन सदस्यीय टीम नालों की सफाई की रिपोर्ट देगी। इसमें वार्ड पार्षद, संबंधित विभाग व प्रशासन से नियुक्त व्यक्ति शामिल होगा। टीमों को 10 दिन में रिपोर्ट देनी होगी। इसके अलावा प्रशासन ने जनता से सीधे जानकारी लेने के लिए फोन नंबर 01262-244151 व मेल आईडी [email protected] जारी की है। मेल आईडी पर कोई भी व्यक्ति नाले की फोटो के साथ शिकायत कर सकता है।

नगर निगम, जनस्वास्थ्य विभाग व पीडब्ल्यूडी बीएंडआर ने अपने-अपने नालों की सफाई की रिपोर्ट दी है। इन नालों की सफाई कराने की हकीकत देखने के लिए हर वार्ड में तीन सदस्यीय टीम निरीक्षण करेगी। सीधे जनता भी नालों की सफाई की शिकायत फोन नंबर व मेल आईडी पर कर सकते हैं। यदि नालों की सफाई में गड़बड़ी मिलेगी तो संबंधित पर सीधे कार्रवाई होगी। -राकेश सैनी, एसडीएम।

.


कड़ी सुरक्षा के बीच हुई जिले में नगर निकाय चुनाव के लिए मतगणना

घर से मिला बुजुर्ग का सड़ा-गला शव