अग्निपथ योजना के खिलाफ कामरेड दलीप सिंह व बलबीर सिंह ने लघु सचिवालय परिसर में दिया धरना


अग्निपथ योजना को रद्द करने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन करते किसान खेत मजदूर संगठन।

अग्निपथ योजना को रद्द करने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन करते किसान खेत मजदूर संगठन।
– फोटो : Narnol

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नारनौल। अग्निपथ योजना के विरोध में शुक्रवार को संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर मोर्चा के लोगों ने लघु सचिवालय परिसर में प्रदर्शन कर धरना दिया। इस मौके पर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन उपायुक्त के अधीक्षक को सौंप कर पुरानी योजना के तहत युवाओं की सेना में भर्ती करने की मांग की।
धरना प्रदर्शन का नेतृत्व दलीप सिंह और ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन के नेता बलवीर सिंह ने किया। धरना सभा में कामरेड दलीप सिंह ने कहा कि किसानों को बर्बाद करने के लिए केंद्र सरकार कृषि कानून लाई थी और अब देश के युवाओं को बेरोजगार करने के लिए अग्निपथ योजना लाई है। अग्निपथ योजना युवाओं और देश के हित में नहीं है। अग्निपथ योजना में केवल 6 महीने का प्रशिक्षण देकर देश की सीमा की सुरक्षा के लिए भेजा जाएगा, जबकि राज्य की पुलिस की ट्रेनिंग भी 9 महीने की होती है। कहा कि सेना में लाखों पद खाली चल रहे हैं जिनपर पुरानी योजना के तहत भर्ती की जाए। कहा कि सेना के पास तीन लाख एकड़ बेशकीमती जमीन है। वह भी सरकार देश के पूंजीपतियों को सौंपने पर उतारू है। सेना का बजट भी कम किया जा रहा है। अब तो पूर्व सैनिकों की पेंशन भी खत्म करने की तैयारी की जा रही है। वार्ड पार्षद, विधायक, सांसद 5 साल के लिए चुने जाते हैं और कई -कई पेंशन लेते हैं। जबकि सेना का जवान सिर्फ 4 साल के लिए वह भी बिना पेंशन के। धर्मपाल शर्मा ने कहा कि किसान आंदोलन से सीख लेकर युवा अहिंसक लंबा आंदोलन चलाकर ही वर्तमान अग्निपथ योजना कानून को वापस कराएं। हरियाणा सरकार कह रही है कि 75 प्रतिशत अग्निवीरों को हरियाणा में नौकरी दी जाएगी क्या इसके लिए सरकार विधानसभा में कानून बनाएगी। सचाई यह है कि वर्तमान में पूर्व सैनिकों को सिर्फ दो प्रतिशत को ही नौकरी मिल पाती है। इस अवसर पर अमर सिंह, अभय सिंह, यादराम, हंसराज, सुरेश चंद, सीताराम, मोहर सिंह, रतिराम, महावीर, बस्तीराम, महिंद्र, महावीर, लख्मीचंद, रोहतास व बाबूलाल उपस्थित रहे।
अग्निपथ योजना को रद्द करने की मांग
कनीना। संयुक्त किसान मोर्चा के पदाधिकारियों ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन एसडीएम सुरेंद्र सिंह को सौंप कर अग्निपथ योजना को रद्द करने की मांग की। संयुक्त किसान मोर्चा के संदीप यादव ने बताया कि अग्निपथ योजना को रद्द करने की मांग की गई है।
ज्ञापन में बताया कि नौजवानों के लिए मोदी सरकार ने अग्निपथ योजना लागू की है जो युवाओं के साथ-साथ देशहित में भी नहीं है। अग्निपथ योजना का देशभर में विरोध किया जा रहा है। नौजवान 22 से 23 साल की उम्र में ही रिटायर होकर वापस आएगा तो उसके हाथ में इतना धन नहीं होगा कि कुछ कर सके ऐसे में उसका भविष्य अधर में रहेगा। ऐसे में केंद्र सरकार को अग्निपथ योजना को तत्काल वापस लेकर नियमित सेना भर्ती को बहाल करना चाहिए। इस दौरान उनके साथ पूर्ण सिंह नंबरदार खेड़ी तलवाना, कपिल, नवीन, संदीप, मोहित, रविंद्र, परविंदर, कुलदीप सहित अन्य युवा मौजूद रहे।

नारनौल। अग्निपथ योजना के विरोध में शुक्रवार को संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर मोर्चा के लोगों ने लघु सचिवालय परिसर में प्रदर्शन कर धरना दिया। इस मौके पर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन उपायुक्त के अधीक्षक को सौंप कर पुरानी योजना के तहत युवाओं की सेना में भर्ती करने की मांग की।

धरना प्रदर्शन का नेतृत्व दलीप सिंह और ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन के नेता बलवीर सिंह ने किया। धरना सभा में कामरेड दलीप सिंह ने कहा कि किसानों को बर्बाद करने के लिए केंद्र सरकार कृषि कानून लाई थी और अब देश के युवाओं को बेरोजगार करने के लिए अग्निपथ योजना लाई है। अग्निपथ योजना युवाओं और देश के हित में नहीं है। अग्निपथ योजना में केवल 6 महीने का प्रशिक्षण देकर देश की सीमा की सुरक्षा के लिए भेजा जाएगा, जबकि राज्य की पुलिस की ट्रेनिंग भी 9 महीने की होती है। कहा कि सेना में लाखों पद खाली चल रहे हैं जिनपर पुरानी योजना के तहत भर्ती की जाए। कहा कि सेना के पास तीन लाख एकड़ बेशकीमती जमीन है। वह भी सरकार देश के पूंजीपतियों को सौंपने पर उतारू है। सेना का बजट भी कम किया जा रहा है। अब तो पूर्व सैनिकों की पेंशन भी खत्म करने की तैयारी की जा रही है। वार्ड पार्षद, विधायक, सांसद 5 साल के लिए चुने जाते हैं और कई -कई पेंशन लेते हैं। जबकि सेना का जवान सिर्फ 4 साल के लिए वह भी बिना पेंशन के। धर्मपाल शर्मा ने कहा कि किसान आंदोलन से सीख लेकर युवा अहिंसक लंबा आंदोलन चलाकर ही वर्तमान अग्निपथ योजना कानून को वापस कराएं। हरियाणा सरकार कह रही है कि 75 प्रतिशत अग्निवीरों को हरियाणा में नौकरी दी जाएगी क्या इसके लिए सरकार विधानसभा में कानून बनाएगी। सचाई यह है कि वर्तमान में पूर्व सैनिकों को सिर्फ दो प्रतिशत को ही नौकरी मिल पाती है। इस अवसर पर अमर सिंह, अभय सिंह, यादराम, हंसराज, सुरेश चंद, सीताराम, मोहर सिंह, रतिराम, महावीर, बस्तीराम, महिंद्र, महावीर, लख्मीचंद, रोहतास व बाबूलाल उपस्थित रहे।

अग्निपथ योजना को रद्द करने की मांग

कनीना। संयुक्त किसान मोर्चा के पदाधिकारियों ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन एसडीएम सुरेंद्र सिंह को सौंप कर अग्निपथ योजना को रद्द करने की मांग की। संयुक्त किसान मोर्चा के संदीप यादव ने बताया कि अग्निपथ योजना को रद्द करने की मांग की गई है।

ज्ञापन में बताया कि नौजवानों के लिए मोदी सरकार ने अग्निपथ योजना लागू की है जो युवाओं के साथ-साथ देशहित में भी नहीं है। अग्निपथ योजना का देशभर में विरोध किया जा रहा है। नौजवान 22 से 23 साल की उम्र में ही रिटायर होकर वापस आएगा तो उसके हाथ में इतना धन नहीं होगा कि कुछ कर सके ऐसे में उसका भविष्य अधर में रहेगा। ऐसे में केंद्र सरकार को अग्निपथ योजना को तत्काल वापस लेकर नियमित सेना भर्ती को बहाल करना चाहिए। इस दौरान उनके साथ पूर्ण सिंह नंबरदार खेड़ी तलवाना, कपिल, नवीन, संदीप, मोहित, रविंद्र, परविंदर, कुलदीप सहित अन्य युवा मौजूद रहे।

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Written by Haryanacircle

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