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अंशू ने साइकिलिंग में जीता कांस्य


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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। खेलो इंडिया यूथ गेम्स के तहत दिल्ली स्थित वेलोड्रम में चल रहे साइकिलिंग ट्रेक इवेंट की टीम में शामिल कर्णनगरी की अंशू देवी ने हिमांशी और रुचिका के साथ मिलकर कांस्य पदक जीत लिया। वेलोड्रम की सुविधा न होने के बावजूद ट्रेक इंवेट में प्रदेश की टीम ने एक स्वर्ण और पांच कांस्य पदक जीतकर प्रदेश का नाम रोशन किया है। खिलाड़ियों ने बताया कि वेलोड्रम की सुविधा न होने के कारण उन्होंने दूसरे प्रदेशों में जाकर अभ्यास किया था। साइक्लिंग खिलाड़ी अंशु देवी के 10 और 11 जून को पंचकूला में होने वाले दो रोड रेस इवेंट होने हैं।
जयपुर में जीत चुकी स्वर्ण
मधुबन स्थित पुलिस अकादमी में कार्यरत तैराकी कोच अनिल कुमार की बेटी एक वर्ष पहले तैराकी छोड़कर साइकिलिंग इवेंट में आई थी। वह ट्रेक इवेंट का अभ्यास करने अमृतसर गई थी। वहां खेलो इंडिया यूथ गेम्स की शुरूआत से पहले 15 दिन ट्रेक इवेंट का अभ्यास किया। वहीं, रोड रेंस इवेंट का अभ्यास करने के लिए अंशू सहित रोड रेस के सभी खिलाड़ियों को जीटी रोड पर भारी वाहनों के बीच ही अभ्यास करना पड़ता है। अंशू इसी वर्ष जयपुर में आयोजित हुए ट्रेक नेशनल प्रतियोगिता में एक स्वर्ण और एक रजत पदक जीत चुकी है।
जल्द बने वेलोड्रम
करनाल के साइकिलिंग प्रशिक्षक और वर्तमान में प्रदेश साइकिलिंग टीम के मुख्य कोच ओंकार सिंह ने खिलाड़ियों की सफलता पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि जहां सरकार खेलों को बढ़ावा देने के लिए खेल और खिलाड़ियों की हर संभव मदद कर रही है। वहीं, प्रदेश में साइकिलिंग को बढ़ावा देने के लिए वेलोड्रम के निर्माण में भी तेजी दिखाए ताकि हमारे खिलाड़ी प्रदेश के साथ देश का नाम दुनिया में रोशन कर सकें। अब तक ट्रेक इवेंट के अभ्यास के लिए हमें दूसरे प्रदेशों में बने वेलोड्रम पर निर्भर रहना पड़ रहा है।

माई सिटी रिपोर्टर

करनाल। खेलो इंडिया यूथ गेम्स के तहत दिल्ली स्थित वेलोड्रम में चल रहे साइकिलिंग ट्रेक इवेंट की टीम में शामिल कर्णनगरी की अंशू देवी ने हिमांशी और रुचिका के साथ मिलकर कांस्य पदक जीत लिया। वेलोड्रम की सुविधा न होने के बावजूद ट्रेक इंवेट में प्रदेश की टीम ने एक स्वर्ण और पांच कांस्य पदक जीतकर प्रदेश का नाम रोशन किया है। खिलाड़ियों ने बताया कि वेलोड्रम की सुविधा न होने के कारण उन्होंने दूसरे प्रदेशों में जाकर अभ्यास किया था। साइक्लिंग खिलाड़ी अंशु देवी के 10 और 11 जून को पंचकूला में होने वाले दो रोड रेस इवेंट होने हैं।

जयपुर में जीत चुकी स्वर्ण

मधुबन स्थित पुलिस अकादमी में कार्यरत तैराकी कोच अनिल कुमार की बेटी एक वर्ष पहले तैराकी छोड़कर साइकिलिंग इवेंट में आई थी। वह ट्रेक इवेंट का अभ्यास करने अमृतसर गई थी। वहां खेलो इंडिया यूथ गेम्स की शुरूआत से पहले 15 दिन ट्रेक इवेंट का अभ्यास किया। वहीं, रोड रेंस इवेंट का अभ्यास करने के लिए अंशू सहित रोड रेस के सभी खिलाड़ियों को जीटी रोड पर भारी वाहनों के बीच ही अभ्यास करना पड़ता है। अंशू इसी वर्ष जयपुर में आयोजित हुए ट्रेक नेशनल प्रतियोगिता में एक स्वर्ण और एक रजत पदक जीत चुकी है।

जल्द बने वेलोड्रम

करनाल के साइकिलिंग प्रशिक्षक और वर्तमान में प्रदेश साइकिलिंग टीम के मुख्य कोच ओंकार सिंह ने खिलाड़ियों की सफलता पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि जहां सरकार खेलों को बढ़ावा देने के लिए खेल और खिलाड़ियों की हर संभव मदद कर रही है। वहीं, प्रदेश में साइकिलिंग को बढ़ावा देने के लिए वेलोड्रम के निर्माण में भी तेजी दिखाए ताकि हमारे खिलाड़ी प्रदेश के साथ देश का नाम दुनिया में रोशन कर सकें। अब तक ट्रेक इवेंट के अभ्यास के लिए हमें दूसरे प्रदेशों में बने वेलोड्रम पर निर्भर रहना पड़ रहा है।

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