अंत्योदय योजना के लाभार्थियों से मिले उपायुक्त, दिव्यांग रामनिवास से खरीदे मिट्टी मटके व सकोरे


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सिरसा। अंत्योदय योजना के तहत ऋण लेने वाले लाभार्थियों से उपायुक्त अजय सिंह तोमर ने मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने लाभार्थियों से ऋण लेने की प्रक्रिया में समस्या आई या नहीं इससे संबंधित जानकारी ली गई। इस दौरान उनसे लोन की राशि बढ़ाने के बारे में भी पूछा गया, लेकिन लाभार्थियों ने मना कर दिया।
जिले में करीब 4 हजार लोगों ने अंत्योदय योजना के तहत आवेदन किया था। इसमें पशु डेयरी, सिलाई सेंटर, नाई की दुकान, खाद्य पदार्थ बनाने, किराना स्टोर सहित सूक्ष्म व्यवसाय शामिल थे। इनमें से अब तक दो हजार लोगों को योजना का लाभ दिया जा चुका है। इसी के चलते बुधवार सुबह जिला उपायुक्त अजय तोमर लाभार्थियों से मिलने पहुंचे। उन्होंने व्यवसाय के बारे में लाभार्थियों से जानकारी ली। उपायुक्त बेगू रोड स्थित मिट्टी का व्यवसाय करने वाले दिव्यांग रामनिवास के पास पहुुंचे। उसे जमीन पर बैठा देखकर उपायुक्त भी उसके बराबर जमीन पर बैठ गए। सबसे पहले तो उसके व्यवसाय के बारे में जाना और फिर ऋण लेने में उसे कोई परेशानी तो नहीं आई के बारे में पूछा। रामनिवास ने कहा कि उसे तो सिर्फ 50 हजार रुपये की जरूरत थी और उसे इतना ही लोन मिल गया। उपायुक्त की ओर से ऋण की राशि के बढ़ाने का कहने पर रामनिवास ने कहा की पहले यह चुका दूे, फिर जरूरत पड़ी तो ही ऋण लूंगा। रामनिवास की हिम्मत व सवाल के जवाब से उपायुक्त भी प्रभावित हुए तो उन्होंने उससे 500 रुपये में मटका व पक्षियों के लिए सकोरे खरीदे। जाते-जाते उपायुक्त ने रामनिवास की पीठ भी थपथपाई। इस दौरान उनके साथ जिला समाज कल्याण अधिकारी नरेश बत्रा भी उपस्थित रहे।
इतना ही व्यवसाय करने में समर्थ हूूं, अब और ऋण की जरूरत नहीं : सविता
उपायुक्त अजय सिंह तोमर ने बेगू रोड स्थित एक सिलाई सेंटर पर पहुुंचे जहां लाभार्थी सविता से मुलाकात की। उन्होंने पूछा की लोन के दौरान उन्हें क्या-क्या समस्या आई और राशि पूरी मिली भी या नहीं, क्या और राशि की जरूरत है तो सविता ने बताया की आवेदन के 4 से 5 दिन में लोन की राशि मिल गई। फिलहाल इतना ही व्यवसाय करने में समर्थ हूं मुझे और राशि की जरूरत नहीं है। जैसे-जैसे काम बढ़ने लगेगा तो शायद भविष्य में जरूरत पड़ सकती है।

सिरसा। अंत्योदय योजना के तहत ऋण लेने वाले लाभार्थियों से उपायुक्त अजय सिंह तोमर ने मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने लाभार्थियों से ऋण लेने की प्रक्रिया में समस्या आई या नहीं इससे संबंधित जानकारी ली गई। इस दौरान उनसे लोन की राशि बढ़ाने के बारे में भी पूछा गया, लेकिन लाभार्थियों ने मना कर दिया।

जिले में करीब 4 हजार लोगों ने अंत्योदय योजना के तहत आवेदन किया था। इसमें पशु डेयरी, सिलाई सेंटर, नाई की दुकान, खाद्य पदार्थ बनाने, किराना स्टोर सहित सूक्ष्म व्यवसाय शामिल थे। इनमें से अब तक दो हजार लोगों को योजना का लाभ दिया जा चुका है। इसी के चलते बुधवार सुबह जिला उपायुक्त अजय तोमर लाभार्थियों से मिलने पहुंचे। उन्होंने व्यवसाय के बारे में लाभार्थियों से जानकारी ली। उपायुक्त बेगू रोड स्थित मिट्टी का व्यवसाय करने वाले दिव्यांग रामनिवास के पास पहुुंचे। उसे जमीन पर बैठा देखकर उपायुक्त भी उसके बराबर जमीन पर बैठ गए। सबसे पहले तो उसके व्यवसाय के बारे में जाना और फिर ऋण लेने में उसे कोई परेशानी तो नहीं आई के बारे में पूछा। रामनिवास ने कहा कि उसे तो सिर्फ 50 हजार रुपये की जरूरत थी और उसे इतना ही लोन मिल गया। उपायुक्त की ओर से ऋण की राशि के बढ़ाने का कहने पर रामनिवास ने कहा की पहले यह चुका दूे, फिर जरूरत पड़ी तो ही ऋण लूंगा। रामनिवास की हिम्मत व सवाल के जवाब से उपायुक्त भी प्रभावित हुए तो उन्होंने उससे 500 रुपये में मटका व पक्षियों के लिए सकोरे खरीदे। जाते-जाते उपायुक्त ने रामनिवास की पीठ भी थपथपाई। इस दौरान उनके साथ जिला समाज कल्याण अधिकारी नरेश बत्रा भी उपस्थित रहे।

इतना ही व्यवसाय करने में समर्थ हूूं, अब और ऋण की जरूरत नहीं : सविता

उपायुक्त अजय सिंह तोमर ने बेगू रोड स्थित एक सिलाई सेंटर पर पहुुंचे जहां लाभार्थी सविता से मुलाकात की। उन्होंने पूछा की लोन के दौरान उन्हें क्या-क्या समस्या आई और राशि पूरी मिली भी या नहीं, क्या और राशि की जरूरत है तो सविता ने बताया की आवेदन के 4 से 5 दिन में लोन की राशि मिल गई। फिलहाल इतना ही व्यवसाय करने में समर्थ हूं मुझे और राशि की जरूरत नहीं है। जैसे-जैसे काम बढ़ने लगेगा तो शायद भविष्य में जरूरत पड़ सकती है।

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Written by Haryanacircle

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